स्विट्जरलैंड में अपनी फ्लाइट पकड़ने के लिए एक भारतीय को बम की अफवाह फैलाना भारी पड़ गया. उसे न सिर्फ जेल में डाल दिया गया है, बल्कि 50 हजार स्विस फ्रैंक यानी लगभग 35 लाख रुपए का जुर्माना भी भरना होगा.
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स्विस मीडिया की रिपोर्टों के अनुसार इस व्यक्ति का नाम जाहिर नहीं किया गया है लेकिन उसकी उम्र 39 वर्ष है. बात पिछले महीने की है जब उसने रूसी एयरलाइंस एयरोफ्लोट के एक कर्मचारी को विमान पर बम होने की सूचना दी. ये व्यक्ति चाहता था कि इस चक्कर में विमान देर से उड़ेगा और वो उसे पकड़ लेगा.
ये विमान 13 अक्टूबर को जेनेवा से मॉस्को जा रहा था जहां से इस व्यक्ति को भारत जाने वाली फ्लाइट लेनी थी. ले मातिन अखबार का कहना है कि स्विस शहर मोंत्रो में रहने वाले इस व्यक्ति को एयरपोर्ट पर ही गिरफ्तार कर लिया गया और उसे छह महीने की जेल की सजा हुई है. साथ ही उस पर 50 लाख स्विस फ्रैंक का जुर्माना भी लगाया गया है.
देखिए, दुनिया के खतरनाक एयरपोर्ट
खतरनाक हवाई अड्डे
दुनिया भर में हवाई परिवहन लोकप्रिय हो रहा है. लेकिन कुछ हवाई अड्डे ऐसे भी हैं जो उड़ान और लैंडिंग के लिए खतरे से खाली नहीं हैं. कहीं छोटी उड़ान पट्टी तो कहीं खतरनाक ढलान.
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सिंट मार्टेन, कैरीबिक
प्रिंसेस जूलियाना एयरपोर्ट अपनी सनसनीखेज तस्वीरों के लिए मशहूर है. समुद्री बीच और सड़कों से कुछ ही मीटर की ऊंचाई पर विमान उड़ते हैं. विमान से निकलने वाली तेज हवा गाड़ियों के शीशे को नुकसान भी पहुंचा सकती हैं. उड़ान के समय लोग बाड़े पर खड़े होते हैं.
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जिब्राल्टर, स्पेन
यह प्रायद्वीप स्पेन जाने वाले पर्यटकों में अत्यंत लोकप्रिय है, लेकिन यहां आना अत्यंत रोमांचक है. जगह की कमी के कारण हवाई अड्डे का रनवे अत्यंत व्यस्त सड़क से गुजरता है, जिसे हर उड़ान और लैंडिंग के लिए रोकना पड़ता है. दुनिया में और कहीं ऐसी क्रॉसिंग नहीं.
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बारा, स्कॉटलैंड
स्कॉटलैंड के बारा द्वीप पर समुद्र की लहरें हवाई परिवहन को तय करती हैं. ज्वार भाटे का पानी आने से उत्तरी अटलांटिक में स्थित हवाई पट्टी डूब जाती है और जहाज का उतरना खतरे से खाली नहीं होता. लेकिन इस द्वीप पर और कोई दूसरा हवाई अड्डा है नहीं.
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माले, मालदीव
जहाज पर बैठ कर हवाई पट्टी को देखें तो तुरंत विश्वास हो जाता है कि मालदीव के समुद्र में डूब जाने का खतरा सच्चा है. माले का रनवे चारों ओर से समुद्र के नीले पानी से घिरा है. हुलहुले एयरपोर्ट राजधानी से दो किलोमीटर दूर एक कृत्रिम द्वीप पर बनाया गया है.
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लुकला, नेपाल
जो एवरेस्ट की चोटी पर चढ़ना चाहता है, उसका लुकला के हवाई अड्डे से बचना मुमकिन नहीं. नहीं तो सात दिन का पैदल सफर. पायलटों को रनवे पर उतरने के लिए पहाड़ की तरफ बढ़ना पड़ता है क्योंकि उसकी ढलान 12 फीसदी है. रनवे के आखिरी छोर पर 600 मीटर की खाई.
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मदेरा, पुर्तगाल
द्वीप की राजधानी सांता क्रूस के निकट दुनिया के सबसे खतरनाक हवाई अड्डों में से एक है. रनवे तट के करीब पहाड़ की चोटी पर है. उतरने के कुछ समय पहले तक पैसेंजरों को लगता है कि वे पहाड़ में टकरा रहे हैं. पायलट अंतिम क्षण में जहाज को मोड़ता है.
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कूर्चेवेल, फ्रांस
कूर्चेवेल के स्की रिजॉर्ट के बीचोंबीच 2007 मीटर की ऊंचाई पर वहां का हवाई अड्डा है, जिसे अल्टीपोर्ट भी कहा जाता है. रनवे सिर्फ 537 मीटर लंबा है और ढलान वाला भी. अब यहां यात्री विमान नहीं आते, सिर्फ शौकिया पायलट निजी विमानों के साथ आते हैं.
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पारो, भूटान
पारो हवाई अड्डा भूटान का अकेला अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है. वह एक गहरी घाटी में 2236 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है. इसकी वजह से यहां उड़ान भरना या लैंड करना सिर्फ अच्छे मौसम में ही संभव है. 1990 तक रनवे सिर्फ 1400 मीटर लंबा था, अब उसे बढ़कर 1964 मीटर कर दिया गया है.
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तेगुसिगाल्पा, होंडुरास
होंडुरास की राजधानी के हवाई अड्डे पर उतरना तीन तरह से चुनौतीपूर्ण है. एक तो रनवे सिर्फ दो किलोमीटर लंबा है, दूसरे वहां उतरने से पहले पायलट को तीखा मोड़ काटना पड़ता है. उसके पहले उन्हें पहाड़ी इलाके से गुजरना पड़ता है.
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जेएफके न्यूयॉर्क, अमेरिका
न्यूयॉर्क का जेएफके एयरपोर्ट दो दूसरे हवाई अड्डों ला गार्डिया और नेवार्क के बीच है. यहां पायलटों की चुनौती यह होती है कि वे उन हवाई अड्डों की ओर जा रहे दूसरे विमानों के रास्ते में न आएं.
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जेनेवा के पुलिस प्रमुख फ्रांसुआ वॉरिदे ने ले मातिन को बताया कि इस व्यक्ति से वसूले जाने वाले जुर्माना से उन 101 पुलिस अफसरों और छह सुरक्षा एजेंटों को भुगतान किया जाएगा जिन्हें अफवाह के कारण बुलाना पड़ा था. विमान पर चढ़ने वाले 116 यात्रियों की सघन जांच की गई थी. उन्होंने कहा, "जिस तरह के समय में हम रह रहे हैं, हमें ज्यादा से ज्यादा सुरक्षा एहतियात बरतनी पड़ती है."
चंद महीनों के भीतर ये दूसरा मौका है जबकि जेनेवा एयरपोर्ट पर अफवाह फैलाने वाले व्यक्ति के खिलाफ तगड़ा जुर्माना लगाया गया है. इसी साल सितंबर में जेनेवा की पुलिस ने एक फ्रांसीसी महिला पर इससे भी ज्यादा जुर्माना ठोका था. महिला ने अपने पति की प्रेमिका से बदला लेने के लिए बम की अफवाह फैलाई. इस महिला ने पुलिस को बताया जो महिला उसके पति के साथ सफर कर रही है उसके सामान में बम रखा है. बाद में अफवाह फैलाने वाली महिला पर पुलिस तैनाती के लिए 90 हजार स्विस फ्रैंक का जुर्माना लगाया गया. इस महिला को भी छह महीने की सजा हुई थी.
एके/वीके (एएफपी)
ऐसे सोते हैं विमान में एयर होस्टेस और पायलट
ऐसे सोते हैं पायलट और एयर होस्टेस
क्या आपने कभी सोचा है कि आपको खाना खिलाने के बाद जब प्लेन में रोशनी कम कर दी जाती है, तो एयर होस्टेस कहां जा कर छिप जाती हैं और इतनी लंबी फ्लाइट में पायलट कहां आराम करते हैं? यहां जानें.
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लंबी फ्लाइट
दिल्ली से न्यू यॉर्क की डायरेक्ट फ्लाइट 15 घंटे की होती है. ऐसे में यात्री बैठे बैठे थक जाते हैं, तो प्लेन चलाने वाले पायलट का क्या हाल होता होगा. कुछ वक्त तो काम को को-पायलट संभाल लेता है. लेकिन उस वक्त पायलट साहब कहां जाते हैं?
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पायलट का कमरा
यह है नए बोइंग 777 का पायलट केबिन. बिजनेस क्लास जैसी आरामदेह कुर्सियां, पीछे बिस्तर और साइड में वॉश बेसिन भी लगा है. पायलट यहां आराम से अपनी थकान उतार सकते हैं.
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ताबूत जैसा!
यह है पुराने बोइंग 777 का विश्राम कक्ष. पायलट अक्सर इसे ले कर शिकायत करते थे कि इसमें आराम करना ताबूत में लेटने जैसा महसूस होता है. पायलट इसमें लेट तो सकते हैं लेकिन ज्यादा हिलडुल नहीं सकते.
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काम से ब्रेक
जिस समय यात्री सो रहे होते हैं और एयर होस्टेस के पास कोई खास काम नहीं होता, वे इस तरह के चेंबर में आराम करने आ जाती हैं. जाहिर है, यात्रियों को यह कभी देखने को नहीं मिलता.
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सीक्रेट चेंबर
बोइंग 777 के अंत में इस तरह के चेंबर बने होते हैं. यहां तक पहुंचने का रास्ता इतना संकरा होता है कि एयर होस्टेस को अक्सर सिर झुका कर चलना पड़ता है. यहां छह से दस बिस्तर लगे होते हैं.
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ड्रीमलाइनर का केबिन
यह है बोइंग 787 के ड्रीमलाइनर का केबिन. यह यात्री कक्ष के ऊपर बना होता है और पुराने केबिनों के मुकाबले काफी ज्यादा आरामदेह है. दोनों बिस्तरों के बीच जो पर्दा लगा है, वह सिर्फ रोशनी को ही नहीं, आवाज को भी रोकता है.
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कोई खिड़की नहीं
विमान का जब इंटीरियर डिजाइन किया जाता है, तब प्राथमिकता यात्री और उनका आराम ही होता है. बची खुची जगह में एयर होस्टेस के लिए केबिन बन जाते हैं. यहां वे सो तो सकती हैं लेकिन बाहर का नजारा देखने के लिए कोई खिड़की नहीं है.
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एक जैसे केबिन
और यह है बोइंग 787 के पायलटों का आराम कक्ष. एयर होस्टेस और पायलट के कमरों में कोई खास फर्क नहीं है, बस दोनों प्लेन के अलग अलग कोनों में बने हैं. एयर होस्टेस का काम कितना मुश्किल होता है, यह जानने के लिए ऊपर बने "+और" पर क्लिक करें.