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आईएस, तुर्की और तेल की तस्करी

कैर्स्टेन क्निप्प/एमजे३ दिसम्बर २०१५

रूस का आरोप है कि तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तय्यप एरदोवान व्यक्तिगत रूप से आईएस की तेल तस्करी में शामिल हैं. सबूत आने बाकी हैं, लेकिन यह तय है कि आईएस के इलाके से तेल तुर्की में पहुंच रहा है और आईएस की कमाई हो रही है.

Irak Ölfeld in Tawke
तस्वीर: picture-alliance/dpa/Maxppp Tesson

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आरोप गंभीर हैं. रूस ने अब तुर्की के नेतृत्व पर आरोप लगाया है कि वह सीधे आतंकवादी संगठन आईएस के तेल कारोबार में शामिल है. रूस के उपरक्षा मंत्री अनातोली अंतोनोव का कहना है कि सीरिया और इराक में आईएस द्वारा चुराए गए तेल का मुख्य खरीदार तुर्की है. उन्होंने कहा, "उपलब्ध जानकारी के अनुसार देश का राजनीतिक नेतृत्व, राष्ट्रपति एरदोवान और उनका परिवार भी शामिल हैं." अंतोनोव ने और जानकारी नहीं दी. रूसी राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन ने जी-20 सम्मेलन में ही कुछ देशों द्वारा आईएस को धन मिलने की शिकायत की थी और पेरिस में जलवायु सम्मेलन में तुर्की पर गंभीर आरोप लगाए.

उन्होंने कहा कि रूस के पास उपलब्ध जानकारी के अनुसार आईएस के इलाके का तेल तुर्की द्वारा बेचा जाता है. तुर्की के राष्ट्रपति एरदोवान ने आरोपों का विरोध किया और कहा कि आरोप साबित किए जाते हैं तो वे पद छोड़ देंगे. एरदोवान को अमेरिकी सेना का भी समर्थन मिला है. इराक में तैनात अमेरिकी सेना के कमांडर स्टीवन वारेन ने कहा, "हम इस तरह की सोच को पूरी तरह अस्वीकार करते हैं कि तुर्की किसी भी रूप में आईएस के साथ सहयोग करता है."

एरदोवान और पुतिनतस्वीर: picture alliance/ZUMA Press

तेल की तस्करी

इराक और सीरिया में आईएस के कब्जे वाले इलाके से तुर्की को तेल भेजे जाने की खबरें लंबे समय से हैं. जून 2014 में ही तुर्की के विपक्षी सांसद अली एडिबोग्लू ने कहा था कि उस समय तक 80 करोड़ डॉलर का तेल तुर्की में बेचा गया था. उसके लिए नए पाइपलाइन भी बिछाए गए थे. अगस्त 2014 में तुर्की के अखबार तरफ ने भी सीरिया से तेल की तस्करी की खबर छापी थी. अखबार ने लिखा था हर दिन 1500 टन डीजल की तस्करी हो रही है जो तुर्की की रोजाना खपत का 3.5 प्रतिशत है.

ब्रिटेन के ग्रीनविच यूनिवर्सिटी के जॉर्ज किउर्क्तसोग्लू और एलेक कूत्रूबिस ने आईएस की तेल तस्करी पर एक अध्ययन किया है. इसके अनुसार फरवरी 2015 में आईएस का रोजाना तेल उत्पादन 45,00 बैरल प्रति दिन हो गया था. इस तरह वह तेल की बिक्री से हर दिन 30 लाख डॉलर तक कमा रहा है. आईएस के इलाके का तेल नियमित बजार के तेल से चालीस से पचास प्रतिशत सस्ता है. तुर्की के साइहान टैंकर हार्बर के आंकड़ों की जांच के बाद इस रिपोर्ट का कहना है कि जब कभी आईएस के लड़ाके तेल वाले इलाकों में लड़ते हैं, साइहान से तेल का निर्यात बढ़ जाता है. लेकिन रिपोर्ट में इस तस्करी में अधिकारियों की सांठ गांठ के सबूत नहीं दिए गए हैं.

तेल तस्करी के सबूत?तस्वीर: Reuters/S. Karpukhin

राजनीतिक जोखिम

इस अध्ययन में इस बात के संकेत हैं कि अंतरराष्ट्रीय गठबंधन तेल की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करने में ढीला क्यों रहा है. हालांकि अमेरिका ने पेरिस हमले के बाद आईएस के 900 टैंकरों को नष्ट कर दिया, लेकिन उससे पहले वे बेरोकटोक तेल को खरीदारों तक पहुंचाते रहे हैं. पश्चिमी देशों के संयम की एक वजह यह है कि इस तस्करी से इलाके के बहुत से लोग फायदा उठाते हैं, जिन्हें नाराज करना उन्हें आईएस के पाले में धकेलना होगा. आईएस इलाके में रहने वाले लोगों को तेल की आमदनी में हिस्सेदार बना रहा है. लोग खुद तेल की निकासी कर सकते हैं और उसे बेच भी सकते हैं. इस नीति से आईएस ने व्यापक समर्थन हासिल किया है.

रूस ने अब तक इस बात के सबूत नहीं दिए हैं कि एरदोवान परिवार तेल की तस्करी में शामिल है. लेकिन कार्नेगी यूरोप के यान तेचाऊ का कहना है कि यह संभव है कि तुर्की के अधिकारियों ने तस्करी को रोका नहीं है और वे लंबे समय तक उसे नजरअंदाज करते रहे हैं. पेरिस हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय गठबंधन ने आईएस की सेवा में लगे टैंकरों को निशाना बनाया है. इसकी राजनीतिक कीमत है. तेल तस्करी में लगे लोगों को नाराज कर आईएस के समर्थकों की संख्या बढ़ सकती है, लेकिन कम से कम आतंकी संगठन को धन का स्रोत सूख जाएगा. आकलन यह है कि जैसे जैसे आईएस वि्ततीय रूप से कमजोर होगा, उसका आकर्षण भी कम होगा.

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