फ्रांस के ग्लोबल टीवी नेटवर्क के 11 चैनलों के प्रसारण ठप्प हुए और वेबसाइट और सभी सोशल मीडिया साइटों को भी हैक कर लिया गया. साइबर खतरे का एक और नमूना पेश करने वालों ने इस्लामिक स्टेट से जुड़े होने की बात मानी है.
तस्वीर: Reuters/C. Hartmann
विज्ञापन
कट्टरवादी संगठनों का मीडिया पर हुआ यह अब तक का सबसे बड़ा हमला है. गुरुवार को फ्रांस के टीवी5 मोंडे के चैनलों का नियंत्रण हैकरों ने अपने हाथ में ले लिया और शाम को जाकर ही प्रसारण दोबारा शुरु हो सका. आतंकरोधी अभियोजन पक्ष इस मामले की विस्तार से जांच में लगा है कि हैकिंग हमला किस तरह से किया गया. फ्रांस के आंतरिक मामलों के मंत्री बेर्नार्ड काजेनॉएव ने अभी बस इतना खुलासा किया है कि यह हमला एक संभवतः आतंकी कार्यवाई है. उन्होंने प्रेस कांफ्रेन्स में कहा कि फ्रांस " उनको दबोचने के लिए पूरी तरह दृढ़प्रतिज्ञ है जो उसके दिल पर वार कर रहे हैं."
फ्रांस की नेशनल एजेंसी फॉर कंप्यूटर सिस्टम्स सिक्योरिटी ने एक बयान जारी कर बताया है कि दर्जनों तकनीकी विशेषज्ञ कई घंटों तक मेहनत कर मीडिया चैनल को वापस काम पर लाए, लेकिन इस प्रक्रिया में उन्होंने "अतिक्रमण के सबूतों को नहीं मिटाया जो कि मामले की जांच के लिए बेशकीमत हैं."
हैक किए जाने के बाद टीवी5 मोंडे की वेबसाइट पर दिखाई दे रहे संदेश के एक हिस्से में लिखा था, "मैं आईएस हूं". इसके अलावा पेज पर खुद को 'साइबर खलीफात' कहने वाले एक समूह का बैनर भी था. इस समूह ने बीते साल के अंत से ही कई अमेरिकी मीडिया संगठनों को भी निशाना बनाया है. अब तक इनके आईएस के साथ संबंधों की पुष्टि नहीं का जा सकी है.
इस्लामिक स्टेट संगठन ने फ्रांस को निशाने पर रखा है क्योंकि वह अंतरराष्ट्रीय गठबंधनों के साथ कट्टरपंथियों के सफाए के लिए लड़ रहा है. कुछ समय पहले सामने आए एक यूट्यूब वीडियो में फ्रेंच भाषा बोलने वाले आईएस लड़ाकों ने अपने देशवासियों से सीरिया और इराक जाकर आतंकवादियों का साथ देने की अपील जारी की थी.
कई विशेषज्ञों का मानना है कि कि किसी ग्लोबल टीवी चैनल को पूरी तरह ब्लैक आउट करने की क्षमता के साथ ही अब आतंकी गुट एक अलग ही मुकाम पर पहुंच गए हैं. टीवी5 मोंडे की स्थापना फ्रांस सरकार ने 1984 में की थी और चैनल खुद को "विश्वव्यापी फ्रेंच कल्चर चैनल" कहता है. इस पर समाचारों के अलावा फ्रांस, बेल्जियम, स्विट्जरलैंड और कनाडा में बने कई कार्यक्रम भी दिखाए जाते हैं.
फ्रांस अभी तक जनवरी में अपनी व्यंग्य पत्रिका शार्ली ऐब्दॉ के दफ्तर और यहूदी सुपरमार्केट पर हुए जानलेवा आतंकी हमले के सदमे में है. अधिकारियों ने बताया कि तबसे हैकरों ने कम से कम 19,000 फ्रेंच वेबसाइटों पर हमले की कोशिशें की हैं. 2005 में अमेरिका के अंतरराष्ट्रीय न्यूज चैनल सीएनएन के न्यूयॉर्क कार्यालय पर भी जोटॉब वर्म नाम के वायरस का हमला हुआ था, जिससे प्रोग्रामिंग प्रभावित हुई थी.
आरआर/एमजे (एपी)
2014 के पांच बड़े साइबर हमले
सोनी की फिल्म 'द इंटरव्यू' को लेकर चल रहे ताजा विवाद के अलावा भी साल 2014 में कई साइबर हमलों ने ध्यान खींचा. यहां देखिए इस साल के पांच बड़े साइबर हमलों की कहानी.
तस्वीर: Fotolia/slunicko1977
सोनी पिक्चर्स: हैकर्स की हॉलीवुड तक पहुंच
खुद को 'गार्डियन ऑफ पीस' बताने वाले हैकर समूह से बार बार हो रहे साइबर हमलों को देखते हुए सोनी पिक्चर्स ने अपनी नई फिल्म 'द इंटरव्यू' को प्रदर्शित ना करने का निर्णय लिया. इसके पहले भी सोनी कंपनी को कुछ साइबर हमले झेलने पड़े हैं जब उनका आईटी सिस्टम ऑफ कर दिया गया था, ट्विटर अकाउंट हैक कर लिया गया और कंपनी की कई संवेदनशील जानकारियां लीक कर दी गई थीं.
तस्वीर: M. Thurston/AFP/Getty Images
एप्पल: कलाकारों की नग्न तस्वीरें सार्वजनिक
सितंबर 2014 में कई फिल्मी हस्तियों, कलाकारों की दर्जनों नग्न तस्वीरें सोशल मीडिया पर पोस्ट की गईं. पहले लगा कि किसी ने एप्पल के आईक्लाउड को हैक कर तस्वीरें हासिल की होंगी, मगर एप्पल कंपनी ने जब मामले की जांच करवाई तो तो पता चला कि किसी ने उन सभी प्रसिद्ध लोगों के अकाउंट को हैक कर लिया था. एप्पल के मुताबिक इसमें आईक्लाउड और फाइंड माई आईफोन नाम की सेवाओं का कोई दोष नहीं था.
तस्वीर: picture-alliance/dpa
ईबे: बड़े हमले की शिकार हुई बड़ी ई-कॉमर्स साइट
मई 2014 में कैलिफोर्निया स्थित ईबे के मुख्यालय से खबर आई कि एक साइबर हमले में उनके कई यूजरों की जानकारियां चोरी हो गई हैं. कंपनी को मिली जानकारी के अनुसार ये हमले फरवरी के अंत से लेकर मार्च की शुरुआत तक जारी थे. हमलों का पता चलते ही ईबे ने अपने यूजरों को उनके पासवर्ड बदलने के लिए कहा.
तस्वीर: Reuters
ट्विटर: कई लोगों और कंपनियों के अकाउंट हैक
अगस्त 2014 में हैकरों ने याहू न्यूज का आधिकारिक ट्विटर हैंडिल हैक कर उनके ट्विटर फीड के माध्यम से इबोला वायरस से जुड़े कई ट्वीट भेजे. पता चलने पर याहू ने तुरंत स्थिति को नियंत्रण में ले लिया और नकली ट्वीट मिटाए. इसके पहले मार्च में मशहूर टीन सिंगर जस्टिन बीबर का अकाउंट हैक हुआ था और करीब 15 मिनट तक हैकर, बीबर के नाम से कई ट्वीट भेजते रहे. अंत में ट्विटर कंपनी को मामला अपने हाथों में लेना पड़ा.
तस्वीर: picture-alliance/dpa/S.Stache
हार्टब्लीड: हैकर ने ली बग की मदद
अप्रैल 2014 में हैकिंग की शिकार बनी कनाडा की सरकारी रेवेन्यू एजेंसी को अपनी सार्वजनिक वेबसाइट बंद करनी पड़ी थी. जांच अधिकारियों ने पाया कि हार्टब्लीड नाम के एक बग का सहारा लेकर हैकर ने वेबसाइट से 900 सोशल इंश्योरेंस नंबर चुराए थे. हार्टब्लीड बग असल में सॉफ्टवेयर प्रोग्रामिंग की एक कमजोरी है. ओपन एसएसएल सॉफ्टवेयर की मदद से बनी वेबसाइटों में इस कमजोरी के सहारे कई गोपनीय जानकारियां चुराई जा सकती हैं.