आसेम करेगा जलवायु परिवर्तन लक्ष्य तय करने की मांग
२५ अक्टूबर २००८
आज पेइचिंग शिखर सम्मेलन का दूसरा और अंतिम दिन है. पहला दिन वित्तीय संकट को समर्पित था तो 27 यूरोपीय और 16 एशियाई देशों के नेताओं के सम्मेलन का दूसरा दिन पर्यावरण सुरक्षा, खाद्य पदार्थों की बढ़ती क़ीमतों का ग़रीब देशों पर होने वाला असर और क्षेत्रीय विवाद जैसे मुद्दों पर चर्चा का दिन है.
आज की चर्चा कांचघर प्रभाव पैदा करने वाले गैसों की निकासी को कम कर जलवायु परिवर्तन को रोकने के क़दमों पर केंद्रित होगी. पर्यावरण पर सम्मेलन की घोषणा के मसौदे में 2012 के बाद के लिए 2009 के अंत तक नए लक्ष्यों को तय करने की मांग की गई है.
शुक्रवार को सम्मेलन के भागीदारों ने विश्वव्यापी वित्तीय तंत्र में आधारभूत सुधारों का समर्थन किया था. साथ ही यह भी तय किया था कि वित्तीय संकट पर काबू पाने के लिए वे मिलजुलकर काम करेंगे.
यूरोपीय आयोग के प्रमुख खोज़े मानुएल बारोसो ने सम्मेलन के देशों को अकेले क़दम उठाने या संरक्षणवाद का सेहरा लेने के ख़िलाफ़ चेतावनी दी.
जर्मन चांसलर अंगेला मैर्केल ने वित्तीय प्रणाली में सुधार के लिए एक चार सूत्री कार्यक्रम पेश किया जिसके केंद्र में वित्तीय बाज़ारों की पारदर्शिता और कड़ी निगरानी है.
वे चाहती हैं कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष वित्तीय बाज़ारों की स्थिरता पर नज़र रखने वाले की भूमिका निभाए. चांसलर ने कहा कि इसका मतलब है कि अंतरराष्ट्रीय संस्थानों को अधिक ज़िम्मेदारी मिले और वित्तीय बाज़ार में अधिक पारदर्शिता हो.
चांसलर अंगेला मैर्केल ने बार बार चेतावनी दी है कि वित्तीय संकट की गंभीरता के बावजूद दूसरी महत्वपूर्ण समस्याओं से निगाह नहीं हटनी चाहिए.
वित्तीय संकट से पहले खाद्य पदार्थों और ऊर्जा की बढ़ती क़ीमतें विकासशील देशों के लिए गंभीर समस्या थी. जो 2015 तक ग़रीबी और भुखमरी को घटाने के संयुक्त राष्ट्र के लक्ष्यों में बाधा डाल सकती है.
आज पर्यावरण सुरक्षा पर साझा रुख तय करने के अलावा खाद्य पदार्थों की बढ़ती क़ीमतों की समस्या से निबटने पर भी चर्चा होगी. दो कार्य बैठकों में इन मुद्दों पर चर्चा के बावजूद वित्तीय संकट आज भी एशिया यूरोप शिखर भेंट पर छाया रहेगा.
शुक्रवार को न्यूयार्क में डाव जोंस सूचकांक साढ़े पांच साल के निचले स्तर पर चला गया तो जापान में शेयरों के भाव 9.6 प्रतिशत और यूरोप में 5.4 प्रतिशत गिरे. भारत में भी एक बार फिर मुंबई सूचकांक 1000 अंक नीचे चला गया.
चीन द्वारा तैयार समापन घोषणा के मसौदे में वित्तीय संकट पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई है और कहा गया है कि आर्थिक विकास और वित्तीय स्थिरता पर उसका बुरा असर होगा.