कुछ साल पहले तक आईएस के नियंत्रण में इराक का तकरीबन 40 फीसदी हिस्सा था. लेकिन अब इसकी शक्ति कमजोर पड़ती नजर आ रही है क्योंकि इसके कब्जे वाले क्षेत्र में 6.8 फीसदी तक की कमी आई है.
तस्वीर: picture-alliance/AP Photo/K. Mohammed
विज्ञापन
इराकी सेना के ब्रिगेडियर जनरल याहया रसूल के मुताबिक लंबे समय से चल रहे व्यापक सैन्य अभियान के कारण आईएस के कब्जे वाले क्षेत्र में 6.8 फीसदी तक की कमी आई है. हालांकि यह सैन्य अभियान मोसुल में अब भी जारी है. इस्लामिक स्टेट के कब्जे में अब भी इराक के कुछ बड़े शहर हैं और सीरिया के शहर राका को आईएस अब भी अपनी राजधानी बनाए हुए है. इस्लामिक स्टेट के खिलाफ लड़ाई में शामिल गठबंधन में इराकी सुरक्षा बलों के अलावा कई अन्य गुट और लोग भी शामिल हैं.
रसूल के मुताबिक अमेरिका समेत अन्य पश्चिमी देशों ने हवाई हमलों से लेकर हथियारों के मामले में उनकी मदद की है. इराक के सबसे बड़े शहर मोसुल के लिये पिछले साल अक्टूबर में जंग शुरू हुई थी. रसूल कहते हैं कि मोसुल की लड़ाई का नतीजा यह तय करेगा कि क्या देश के विभिन्न संप्रदाय देश को टूटने से बचाने के लिये साथ में काम कर सकेंगे.
इस्लामिक स्टेट है क्या बला?
इस्लामिक स्टेट दुनिया का सबसे ताकतवर आतंकवादी गुट है. यह कभी अल कायदा से टूटा हुआ एक गुट था लेकिन अब यह उससे बहुत आगे निकल गया है.
तस्वीर: Getty Images/AFP/D. Souleiman
इस्लामिक स्टेट आया कहां से?
इस्लामिक स्टेट को आईएसआईएल, आईएसआईएस और दाएश के नामों से भी जाना जाता है. चरमपंथी विचारधारा को मानने वाला यह गुट कभी अल कायदा से अलग हुआ था. इराक पर 2003 के अमेरिकी हमले के बाद उपजे हालात में इसकी नींव पड़ी और इसका नेतृत्व अबु बकर अल बगदादी करता है. आईएस का मकसद इराक, सीरिया और उससे बाहर भी एक इस्लामिक राज्य यानी खिलाफत का निर्माण करना है.
तस्वीर: picture-alliance/AP Photo
कहां कहां से चलता है आईएस?
माना जाता है कि आईएस दुनिया के 18 देशों में सक्रिय है. इसने सीरिया और इराक के एक बड़े हिस्से पर नियंत्रण कर रखा है और सीरिया का शहर रक्का इसकी अघोषित राजधानी है. हालांकि जनवरी 2015 से आईएस ने अपने नियंत्रण वाली एक चौथाई जमीन गंवा दी है.
आईएस से कौन लड़ रहा है?
कई समूह आईएस के खिलाफ लड़ रहे हैं. अमेरिकी नेतृत्व में 50 से ज्यादा देशों का गठबंधन आईएस के ठिकानों पर हवाई हमले कर रहा है. इस गठबंधन में कई अरब देश भी हैं. रूस ने सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद के समर्थन में हवाई हमले किए हैं. क्षेत्रीय स्तर पर कुर्द पेशमर्गा बल (तस्वीर में) जमीन पर आईएस के खिलाफ लड़ रहे हैं.
तस्वीर: picture-alliance/abaca/H. Huseyin
आईएस को पैसा कहां से मिलता है?
आईएस की आमदनी का मुख्य जरिया तेल और गैस की बिक्री है. माना जाता है कि सीरिया के एक तिहाई तेल उत्पादन पर अब भी आईएस का ही नियंत्रण है. हालांकि अमेरिकी नेतृत्व में हो रही हवाई कार्रवाई में आईएस के मूल्यवान ठिकानों को निशाना बनाया जा रहा है. इसकी आमदनी के अन्य स्रोतों में टैक्स से मिलने वाली रकम, फिरौती और लूटी हुई बहुमूल्य वस्तुएं शामिल हैं.
तस्वीर: Getty Images/J. Moore
कहां कहां हमले किए?
आईएस ने दुनिया भर में होने वाले कई आंतकवादी हमलों की जिम्मेदारी ली है. इस साल सबसे घातक हमला इराक की राजधानी बगदाद में हुआ जिसमें 200 से ज्यादा लोग मारे गए और बहुत से घायल हो गए. आईएस नेता अकेले स्तर पर धमाके करने वाले लोगों को बढ़ावा देते हैं, जिसमें आईएस के समर्थक गुट की मदद के बिना ही हमलों को अंजाम देते हैं.
आईएस और हथकंडे क्या हैं?
आईएस अपनी ताकत को बढ़ाने के लिए कई हथकंडे इस्तेमाल करता है. उसके लड़ाकों ने सीरिया और इराक में बहुत सी ऐतिहासिक कलाकृतियों को लूटा और बर्बाद किया है. इसके अलावा धार्मिक अल्पसंख्यक समुदायों की हजारों महिलाओं को गुलाम बनाया गया है. आईएस सोशल मीडिया को अपना प्रोपेगेंडा फैलाने और लड़ाकों की भर्ती के लिए इस्तेमाल करता है.
तस्वीर: Getty Images/AFP/J. Eid
कितने लोग बेघर हुए?
सीरिया में जारी संघर्ष के कारण वहां से लगभग साठ लाख लोग अन्य देशों में भागने के मजबूर हुए हैं. इनमें से बहुत से लोग पड़ोसी लेबनान, जॉर्डन और तुर्की गए हैं वहीं लाखों लोग यूरोप तक पहुंचे हैं. वहीं इराक में तीस लाख से ज्यादा लोग देश के अंदह ही विस्थापित हुए हैं.
तस्वीर: Getty Images/AFP/D. Souleiman
7 तस्वीरें1 | 7
रसूल के मुताबिक शहर का पूर्वी हिस्सा अब पूरी तरह से इराकी सुरक्षा बलों के कब्जे में है, लेकिन पश्चिमी मोसुल में अब भी ईराकी सुरक्षा दल आईएस के खिलाफ लड़ रहे हैं.
राज्य की पुलिस ने मंगलवार को जारी एक बयान में कहा था कि वे मोसुल के आईएस के कब्जे वाले क्षेत्र में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिये काम कर रहे हैं. यहीं की अल-नूरी मस्जिद में आईएस प्रमुख अबु बकर ने साल 2014 में स्वयं को खलीफा घोषित किया था.
इराकी सुरक्षा बल के गठबंधन प्रवक्ता कर्नल जॉन डोरियन ने बताया कि आईएस ने सैकड़ों बार कार बमों के साथ ड्रोन और विस्फोटकों का इस्तेमाल किया है. उन्होंने बताया कि आईएस के लड़ाकों ने आवासीय क्षेत्रों में घुसकर आम लोगों को भी इस लड़ाई में घसीट लिया है और उनका इस्तेमाल खुद को बचाने के लिए कर रहे हैं. डोरियन ने कहा कि पश्चिमी मोसुल में लड़ाई मुश्किल है लेकिन आईएस के लड़ाकों को बचने का मौका नहीं दिया जायेगा.