जर्मनी में एक 24 वर्षीय सीरियाई शरणार्थी को आतंकवाद के संदेह में गिरफ्तार किया गया है. इस्लामिक स्टेट को संदिग्ध रूप से समर्थन देने वाले तीन अन्य लोगों के घर पर छापे मारे गए हैं. इन मामलों में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है.
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नॉर्थराइन वेस्टफेलिया प्रांत के गृह मंत्रालय के अनुसार औद्योगिक शहर लुडविषहाफेन के निकट मुटरश्टाट में हुई गिरफ्तारी नॉर्थराइन वेस्टफेलिया के डुइसबुर्ग शहर की पुलिस की जांच के बाद राइनलैंड पलैटिनेट पुलिस के सहयोग से पिछले शुक्रवार को हुई. अभियुक्त पर जर्मनी में हमले की योजना बनाने का संदेह है. संदिग्ध को प्रांत की एक जेल से मिले सुराग के बाद लंबे समय से ऑबजर्व किया जा रहा था. इसमें 26 अगस्त को जर्मनी की फुटबॉल लीग शुरू होने के समय खतरे की बात कही गई थी.
प्रांतीय गृह मंत्रालय के अनुसार संदिग्ध जांचकर्ताओं की निगाहों में इसलिए आया कि एक गवाह ने इस्लामी कट्टरपंथ प्रेरित हमले की योजना का सुराग दिया था. अभियोक्ता कार्यालय ने कोर्ट से संदिग्ध की हिरासत की मांग की और वह अभी जांचकर्ताओं की हिरासत में है. आतंकवाद के इस तरह के मामलों के लिए आम तौर पर संघीय अभियोक्ता कार्यालय जिम्मेदार है, लेकिन ये मामला अभी भी डुइसबुर्ग के अभियोक्ता कार्यालय के पास है.
नॉर्थराइन वेस्टफेलिया के गृह मंत्री राल्फ येगर ने पड़ोसी प्रांत के सहयोग से हुई गिरफ्तारी पर टिप्पणी करते हुए कहा, "गिरफ्तारी दिखाती है कि इस्लामी आतंकवाद के खिलाफ संघर्ष में सुरक्षा अधिकारी सफल सहयोग कर रहे हैं. हम हर सूचना को गंभीरता से लेते हैं और उसकी जांच करते हैं." राइनलैंड पलैटिनेट के गृह मंत्री ने भी गिरफ्तारी के दौरान दोनों प्रांतों की पुलिस के बीच हुए सहयोग की तारीफ की है.
जब गाड़ियां लाती हैं मौत
आतंकवादी छोटी बड़ी गाड़ियों को आतंक और मौत ले आने वाले खतरनाक औजार के रूप में बदल देने की नीति अपना रहे हैं और सुरक्षा एजेंसियां लाचार हैं. देखिए यूरोप में कहां कहां हुआ है गाड़ियों से आतंकी हमला.
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मैनहटन
अमेरिका में न्यूयॉर्क शहर के मैनहटन इलाके में एक ट्रक ड्राइवर ने साइकिल और पैदल लेन में घुसकर लोगों को कुचला. इस घटना में 8 लोगों की मौत हो गयी और करीब 11 लोग बुरी तरह से घायल हैं. पुलिस ने संदिग्ध को गिरफ्तार कर लिया है. इसका नाम सेफुलो साइपोव है और इसकी उम्र 29 साल बताई जा रही है.
तस्वीर: Reuters/A. Kelly
बार्सिलोना
17 अगस्त, 2017 की शाम स्पेन के बार्सिलोना में पर्यटकों के बीच लोकप्रिय शहर के भीड़भाड़ वाले इलाके में हमलावर ने लोगों पर किराये पर ली वैन चढ़ा दी. आतंकी गुट तथाकथित इस्लामिक स्टेट ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है, जिसमें 13 लोगों की जान चली गयी है और करीब 100 लोग घायल हैं. जांचकर्ता इसे शहर में कई जगहों पर सिलसिलेवार हमले करने की योजना का हिस्सा मानते हैं.
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लंदन
4 जून, 2017 की रात लंदन के लिये भयानक रही. लंदन ब्रिज पर एक सफेद वैन ने कई लोगों को टक्कर मारी. ब्रिज पर लोगों को कुचलने के बाद यह वैन पास के बॉरो मार्केट में घुस गई. कार में सवार संदिग्ध बाहर निकले और लोगों पर चाकुओं से हमला किया. हालांकि पुलिस ने जल्द ही संदिग्धों को घेर लिया और गोलीबारी में मार गिराया.
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लंदन
लंदन स्थित ब्रिटिश संसद वेस्टमिंस्टर के पास एक हमलावर ने अपनी कार से फुटपाथ पर जा रहे लोगों को रौंद डाला. मार्च 2017 के इस हमले में एक पुलिसकर्मी समेत चार लोगों की जान चली गयी. हमलावर भी पुलिस की गोली से मारा गया.
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बर्लिन
जुलाई में फ्रांस के नीस में तो दिसंबर में बर्लिन के क्रिसमस मेले में गाड़ी मौत लेकर आई. ट्रक भीड़भाड़ वाले खुले बाजार में घुसा और लोगों को कुचलता हुआ 80 मीटर तक चला. घटना में 12 लोगों की जान गई और 48 लोग घायल हुए.
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नीस
फ्रांस के नीस शहर में सड़कों पर जुटे बास्टिल डे मनाते लोगों को एक ट्रक रौंदता हुआ निकल गया. करीब दो किलोमीटर तक अनगिनत लोगों को कुचलते निकले इस ट्रक की चपेट में आने से अब तक कम से कम 84 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है और बहुत सारे लोग घायल हैं.
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इस्राएल और फलस्तीन
नीस में हमलावर की ये शैली दुनिया में कोई पहली बार नहीं आजमाई गई है. इस्राएल और फलस्तीन के कुछ इलाकों से कारों को लोगों के ऊपर चढ़ाने की कई घटनाएं सामने आई हैं. पिछली अक्टूबर से ही वहां ऐसे हमलों की चपेट में आने से 215 फलीस्तीनी, 34 इस्राएली, दो अमेरिकी, एक एरिट्रियाई और एक सूडानी नागरिक की मौत हुई.
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ब्रिटेन
हाल के सालों में पश्चिमी देशों को इसी किस्म के तीन बड़े हमले झेलने पड़े. दो ब्रिटेन में और एक अन्य हमला कनाडा में हुआ. मई 2013 में नाइजीरियाई मूल के दो इस्लामी कट्टरपंथियों ने अपनी कार को एक ब्रिटिश सैनिक ली रिग्बी पर चढ़ा दिया था. दिन दहाड़े उनका गला काटने की कोशिश भी की. उन्हें ब्रिटिश सेना के हाथों मुसलमानों के मारे जाने पर गुस्सा था.
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कनाडा
लंदन की घटना के करीब 18 महीने बाद कनाडा में भी एक इस्लामी कट्टरपंथी ने एक कनेडियन सैनिक पैट्रिक विंसेंट के ऊपर गाड़ी चढ़ा कर उसे मार डाला और एक अन्य को घायल किया. इसके बाद 25 साल के हमलावर मार्टिन रुले ने खुद पुलिस को फोन कर जिहाद के नाम पर यह हमला करने की बात कही. मार्टिन ने अपना धर्म बदल कर इस्लाम कुबूल किया था.
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स्कॉटलैंड
जून 2007 में दो आदमियों ने अपनी जलती हुई जीप को ले जाकर स्कॉटलैंड के ग्लासगो एयरपोर्ट की मुख्य टर्मिनल बिल्डिंग में घुसा दिया. इनमें से एक हमलावर को आजीवन कारावास की सजा मिली. मामले की सुनवाई कर रहे जज ने हमलावर को "धार्मिक कट्टरपंथी" माना.
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हत्या की प्रेरणा
कई सालों से इस्लामिक स्टेट और अल-कायदा जैसे आतंकी संगठन कभी वीडियो बनाकर तो कभी सोशल मीडिया पर संदेश भेज कर नए समर्थकों और अनुयायियों से उनके हाथ में जो आए उसी से हमले करने की अपील करते रहे हैं. ऐसे ही संदेशों के कारण कई जगहों पर आम नागरिकों को निशाना बनाए जाने की घटनाएं बढ़ी हैं.
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'काफिर' के खिलाफ
सितंबर 2014 में आईएस के 'आक्रमण मंत्री' माने जाने वाले अबु मोहम्मद अल-अदानी ने ये संदेश जारी किया था: "अगर तुम कोई बम नहीं फोड़ सकते, गोली नहीं चला सकते, तो किसी फ्रेंच या अमेरिकन काफिर से अकेले में मिलो और फिर चाहे पत्थर से उसका सिर फोड़ो या चाकू से गला काटो, या कार के नीचे दबा दो."
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कट्टरपंथियोंपरदबाव
बुधवार को नॉर्थराइन वेस्टफेलिया और लोवर सेक्सनी की पुलिस ने आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट के तीन संदिग्ध मददगारों के घर पर छापे मारे. ये छापे संघीय अभियोक्ता के निर्देश पर मारे गए. संघीय अभियोक्ता कार्यालय की प्रवक्ता के अनुसार अभियुक्तों पर जनवरी 2015 से जुलाई 2015 तक आईएस के लिए सदस्य और समर्थक जुटाने का आरोप है. उनमें से एक पर आतंकी संगठन की धन की और लॉजिस्टिक मदद का भी आरोप है. संघीय अभियोक्ता कार्यालय के अनुसार किसी की गिरफ्तारी नहीं की गई है. डॉर्टमुंड, डुइसबुर्ग और हिल्डेसहाइम की पुलिस ने छापों की पुष्टि की है.
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पुलिस ने एक ट्रेवल एजेंसी पर भी छापा मारा. इंटरनेट पोर्टल डेअ वेस्टन के अनुसार ट्रेवल एजेंसी के मालिक पर दो किशोरों के संपर्क में होने का संदेह है जिनपर एसेन शहर में एक सिख गुरुद्वारे पर हमला करने का संदेह है. लेकिन उसने इन आरोपों से इंकार किया है.
एमजे/आईबी (रॉयटर्स, डीपीए)
इस रमजान हुए इन 8 देशों में हमले
रमजान के पवित्र महीने के दौरान दुनिया भर में 8 देशों में हुए आतंकी हमलों में करीब 350 लोग मारे गए हैं. इनमें से ज्यादातर हमलों के तार कट्टरपंथी संगठन आईएस के साथ जुड़े हैं.
तस्वीर: Reuters/Antara Foto/M. Surya
अमेरिका
12 जून को एक बंदूकधारी ने फ्लोरिडा के ऑरलैंडों में एक व्यस्त समलैंगिक क्लब में अंधाधुंध गोलियां चलाकर 49 लोगों की जान ले ली. पुलिस का कहना है कि हत्यारे ने आईएस के साथ होने का दावा किया था, जिसने उसे खिलाफत का सिपाही बताया था. लेकिन इस बात के सबूत नहीं हैं कि वह हमले से पहले आईएस के संपर्क में था.
तस्वीर: picture-alliance/AP Photo/P. M. Ebenhack
जॉर्डन
21 जून को सीरिया से लगी जॉर्डन की सीमा पर एक सैनिक पोस्ट पर कार बम से हमला किया गया. इसमें सात सैनिक मारे गए. यह पिछले कई सालों में सल्तनत का सबसे खूनी आतंकी हमला था. इस हमले की जिम्मेदारी भी आईएस ने ली.
तस्वीर: Reuters/Stringer
यमन
27 जून को आईएस से जुड़े एक गुट ने देश के दक्षिणी शहर मुकाला में कई हमले किए जिसमें 43 लोग मारे गए. ज्यादातर लोग खुफिया एजेंसियों और सुरक्षा बलों के सदस्य थे. एक हमले में बम रोजा खोलने के लिए सैनिकों के लिए भेजे गए खाने में रखा गया था. 6 जुलाई को अदन हवाई अड्डे के पास सैनिकों पर हुए कार बम हमले में 10 लोग मारे गए.
तस्वीर: DW/M. al-Haidari
लेबनान
27 जून को सीरिया की सीमा से लगे लेबनान के एक छोटे से ईसाई गांव में 8 आत्मघाती हमलावरों ने दो चरणों में हमला किया. इन हमलों में 5 लोगों की जान ले ली गई. इस हमले की जिम्मेदारी किसी ने नहीं ली.
तस्वीर: Getty Images/AFP
तुर्की
28 जून को राइफलों से लैस तीन आत्मघाती हमलावरों ने विश्व के व्यस्ततम हवाई अड्डों में शामिल इस्तांबुल हवाई अड्डे पर हमला किया. हमले में 44 लोग मारे गए और 150 से ज्यादा घायल हो गए. किसी ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है लेकिन तुर्की के अधिकारी इसके लिए आईएस को जिम्मेदार मानते हैं.
तस्वीर: Reuters/O. Orsal
मलेशिया
28 जून को कुआलालम्पुर में एक बार पर ग्रेनेड फेंका गया जब वहां लोग यूरो 2016 का फुटबॉल मैच देख रहे थे. हमले में 8 लोग घायल हो गए. मलेशिया के अधिकारियों का कहना है कि मुस्लिम बहुल देश पर यह आईएस का पहला हमला है. हमले का आदेश सीरिया में आईएस के साथ लड़ रहे एक मलेशियाई व्यक्ति ने दिया.
तस्वीर: picture-alliance/dpa/A.Yusni
बांग्लादेश
1 जुलाई को छूरों, ऑटोमैटिक राइफल और बमों से लैस हमलावरों ने ढाका में एक पॉश रेस्तरां पर हमला किया और 35 लोगों को बंधक बना लिया. पुलिस कार्रवाई में मारे जाने से पहले हमलावरों ने 20 बंधकों को मार डाला. उनमें भारतीय लड़की तारिषी भी थी. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुरान की आयतें न पढ़ पाने वालों को यातना भी दी गई. हमले की जिम्मेदारी आईएस ने ली.
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इराक
3 जुलाई को बगदाद में एक ट्रक की मदद से हुए आत्मघाती हमले में 175 लोग मारे गए. यह इराकी गृहयुद्ध के 13 वर्षों में सबसे भयानक हमला था. हमले की जिम्मेदारी आईएस ने ली और साथ ही कहा कि वह शिया समुदाय के लोगों को निशाना बना रहा है.
तस्वीर: Getty Images/AFP/S. Arar
सऊदी अरब
4 जुलाई को आत्मघाती हमलावरों ने मदीना की पवित्र मस्जिद सहित जहां पैगम्बर मोहम्मद दफ्न हैं, सऊदी अरब के तीन शहरों पर हमला किया. मदीना में हुए हमले में चार सैनिक मारे गए. एक पाकिस्तानी नागरिक ने जेद्दाह में अमेरिकी कंसुलेट के बाहर हमला किया जिसमें दो सुरक्षाकर्मी घायल हो गए. हमलों की जिम्मेदारी किसी ने नहीं ली.
तस्वीर: picture-alliance/AP Photo/Courtesy of Noor Punasiya
इंडोनेशिया
5 जुलाई को एक आत्मघाती हमलावर ने जावा के सोलो में एक पुलिस स्टेशन के बाहर हमला किया. इसमें एक पुलिकर्मी घायल हो गया. पुलिस का कहना है कि हमलावर सीरिया में आईएस के साथ लड़ रहे एक प्रमुख इंडोनेशियाई नागरिक के साथ जुड़ा हुआ है.