संयुक्त राष्ट्र महासभा के 70वें सत्र में भारत के स्थाई मिशन में प्रथम सचिव अभिषेक सिंह ने पाकिस्तान को सीधे सीधे "आतंकवाद का मुख्य प्रायोजक" कह डाला. आम चर्चा के दौरान पाकिस्तान के सुझावों का जवाब ऐसे दिया गया.
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पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने शांति के लिए कश्मीर से भारतीय सेना हटाने को जरूरी बताया था. इसके जवाब में भारत ने पाकिस्तान से उसके कब्जे वाला कश्मीर जल्द से जल्द खाली करने की अपील की है. 193 राष्ट्रों की संयुक्त राष्ट्र महासभा में बोलते हुए पाकिस्तान पर आरोप लगाया कि वे अपने देश में शासन चलाने के लिए एक "वैध साधन" के रूप में आतंक का इस्तेमाल करते हैं.
न्यूयॉर्क में दिए इस बयान के बाद नई दिल्ली से भी इसका जोरदार समर्थन सामने आया. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने कई ट्वीट किए.
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने अब तक कश्मीर मामला ना सुलझाने को यूएन की असफलता बताते हुए भारत के साथ चार बिंदुओं वाली एक "शांति पहल" का प्रस्ताव रखा. इसमें कश्मीर से सेनाएं हटाए जाने का प्रस्ताव भी शामिल था. शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान खुद आतंकवाद का "प्राथमिक शिकार" है.
शरीफ के संबोधन के बाद भारत की ओर से अपने उत्तर देने के अधिकार का इस्तेमाल करते हुए सिंह ने कहा, "भारत अब भी पाकिस्तान के साथ एक आतंकमु्क्त और हिंसामु्क्त माहौल में तमाम अटके पड़े मुद्दों पर बातचीत करने के लिए तैयार है." शरीफ ने कहा कि वे भारत का विरोध नहीं, बल्कि उसके साथ सहयोग का आह्वान करते हैं.
शरीफ ने कहा कि दोनों परमाणु शक्ति संपन्न पड़ोसी देशों को कश्मीर में लगातार हो रहे सीजफायर उल्लंघनों पर ध्यान देकर उसे विधिसंगत बनाना चाहिए. शरीफ ने यूएन सैनिक निगरानी समूह का विस्तार कर उसे भारत और पाकिस्तान के बीच कश्मीर में लाइन ऑफ कंट्रोल पर सीजफायर पर नजर रखने का प्रस्ताव रखा.
सितंबर में ही नई दिल्ली में दोनों देशों के सुरक्षा सलाहकारों के बीच होने वाली शांति वार्ता अंतिम समय में रद्द कर दी गई थी. दोनों देश 1947 में आजादी के बाद तीन युद्ध लड़ चुके हैं.
आरआर/आईबी (पीटीआई, रॉयटर्स)
सुंदरता और संघर्ष का नाम कश्मीर
शायर कश्मीर को दुनिया की सबसे खूबसूरत जगह कहते हैं और विश्लेषक उसे सबसे ज्यादा सैनिकों से पटी खतरनाक जगह. इन विरोधाभासों के बावजूद क्या है असली कश्मीर.
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बहुसंस्कृति
कश्मीर को कभी बहुसांस्कृतिक माहौल के लिए भी जाना जाता था. कश्मीर में मुस्लिम बहुल आबादी, जम्मू में हिन्दू और लद्दाख में बौद्ध. कश्मीर की संस्कृति में इनका मिला जुला असर दिखता है. हिंसा ने बहुसंस्कृति पर भी असर डाला.
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केसर
महकता केसर कश्मीर की पहचान है. ईरान और स्पेन के बाद भारत केसर का सबसे बड़ा निर्यातक है. कश्मीर में इसका इस्तेमाल कई व्यंजनों और कहवे में किया जाता है.
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फूलों की चादर
कश्मीर घाटी फूलों के लिए भी मशहूर है. बीते साल करीब 11 लाख सैलानी ट्यूलिप के बागों से भरे जम्मू कश्मीर को देखने पहुंचे. इनमें 50 हजार विदेशी पर्यटक थे.
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हिमाच्छादित कश्मीर
सर्दियों में कश्मीर का बड़ा इलाका बर्फ से ढक जाता है. विंटर स्पोर्ट्स के लिए यहां की कई जगहें एकदम मुफीद हैं. लेकिन अच्छे आधारभूत ढांचे की कमी और हिंसा के चलते इसकी संभावनाएं पूरी तरह इस्तेमाल नहीं हो पाई हैं.
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नदियां
हिमालय की गोद में बसे जम्मू कश्मीर से 20 से ज्यादा नदियां निकलती हैं. इनमें सिंधु, नीलम और रावी प्रमुख हैं. ये बड़ी नदियां भारत से निकलकर पाकिस्तान जाती हैं और इसलिए विवाद के केंद्र में भी हैं.
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लकड़ी
कश्मीर की लकड़ी बेहद उम्दा किस्म की मानी जाती है. क्रिकेट बैट के लिए कश्मीर विलो को सबसे अच्छा माना जाता है. कश्मीर की लकड़ी नाव और फर्नीचर के लिए भी मुफीद मानी जाती है.
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सूफियाना
भारतीय उपमहाद्वीप में गायकी की सूफी परंपरा कश्मीर से ही फैली. रहस्यवाद और मानवता का संदेश देने वाली सूफी गायकी अब भारत और पाकिस्तान में खासी लोकप्रिय है.
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फिल्मों की शूटिंग
1980 के दशक तक कश्मीर घाटी फिल्मों की शूटिंग के लिए भी मशहूर थी. बॉलीवुड के कई सुपरहिट गाने कश्मीर की वादियों से ही निकले. लेकिन 1990 के दशक में हिंसा की मार पड़ी. हाल के सालों में इक्का दुक्का फिल्मों की शूटिंग हुई है.
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सबसे ऊंचा रणक्षेत्र
भारत और पाकिस्तान के बीच कश्मीर विवाद 1948 से चला आ रहा है. 5,753 मीटर की ऊंचाई पर स्थित सियाचिन ग्लेशियर दुनिया का सबसे ऊंचा रणक्षेत्र है.