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कश्मीर में दखल नहीं देगा यूरोपीय संघ

१४ मई २०११

यूरोपीय संघ के पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने संकेत दिया है कि संघ कश्मीर मुद्दे में हस्तक्षेप नहीं करेगा. यूरोपीय संघ प्रतिनिधिमंडल इन दिनों घाटी में है जहां उसने हुर्रियत चेयरमैन मीरवाइज उमर फारुक से मुलाकात की.

CRPF personnel patrolling the deserted streets of Lal Chowk, the main business hub of the summer capital during curfew in Srinagar on Wednesday. Authorities imposed curfew in Srinagar and other major towns of the Kashmir valley since Sunday morning after clashes between people and security forces. Ein Soldat der CRPF (Central Reserve Police Force) überwacht die Ausgangssperre in der Stadt Srinagar in Kaschmir am 15.9.2010
तस्वीर: UNI

श्रीनगर में ईयू प्रतिनिधिमंडल में सामिल डेनिलय स्मदया ने कहा कि कश्मीर मुद्दे को क्षेत्र में रह रहे लोगों को ही सुलझाना होगा. "हम यहां मुद्दे के समाधान के लिए किसी खास पेशकश के साथ नहीं आए हैं. जो भी इस क्षेत्र में हो रहा है उसे यहीं के लोगों को सुलझाना होगा." जब उनसे पूछा गया कि क्या यूरोपीय संघ कश्मीर को एक विवादित क्षेत्र मानता है तो उन्होंने कहा, "कुछ मुद्दे तो ऐसे हैं जिनका निपटारा आपको खुद भी करना है."

स्मदया ने स्पष्ट किया, "हम यहां हर साल आते हैं. ठीक उसी तरह जैसे हम दुनिया के अलग अलग देशों की यात्रा करते हैं. एक राजदूत होने के नाते हमारा फर्ज है कि हम देश के हर हिस्से में रहने वाले लोगों से बात करें." वहीं हुर्रियत कांफ्रेंस के उदारवादी धड़े के नेता मीरवाइज उमर फारुक ने कहा, "कश्मीर मुद्दे से जुड़ा अंदरुनी पहलू भी है और बाहरी पहलू भी. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऐसे संकल्प लिए गए जिन्हें अब तक पूरा नहीं किया गया. अगर अन्य देश मध्यस्थता नहीं कर सकते तो बातचीत शुरू कराने में भूमिका तो निभा ही सकते हैं."

तस्वीर: dpa

मीरवाइज उमर फारुक का कहना है कि अगर भारत और पाकिस्तान के बीच कुछ सकारात्मक कदम उठाए जाते हैं तो कश्मीर की जनता उसका पूरा साथ देगी. उमर फारुक के मुताबिक पर्दे के पीछे दोनों देश संवाद के जरिए आपसी मतभेदों को दूर करने की कोशिश कर रहे हैं. यूरोपीय संघ प्रतिनिधिमंडल ने जेकेएलएफ मूवमेंट के नेता यासीन मलिक से भी बात की. मलिक ने उनसे कहा कि यूरोपीय संघ को अपने प्रभाव का इस्तेमाल भारत और पाकिस्तान को कदम उठाने के लिए तैयार करने पर करना चाहिए.

रिपोर्ट: एजेंसियां/एस गौड़

संपादन: ए जमाल

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