देश में कोरोना से संक्रमण के कुल मामले 490 के पार चले गए हैं, जिनमें नौ लोगों की जान जा चुकी है और 36 लोग ठीक हो चुके हैं. संक्रमण की रोकथाम के लिए अब 32 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में तालाबंदी लागू कर दी गई है.
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भारत में कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिए अब 32 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में तालाबंदी लागू कर दी गई है. उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, ओडिशा और लक्षद्वीप में आंशिक तालाबंदी है. पंजाब जैसे कुछ राज्यों ने तो कर्फ्यू लगा दिया है. दिल्ली में भी कहीं जाने के लिए पुलिस से कर्फ्यू पास लेना आवश्यक कर दिया गया है. दिल्ली में संक्रमण के 23 मामले हैं.
देश में संक्रमण के कुल मामले 490 के पार चले गए हैं, जिनमें नौ लोगों की जान जा चुकी है और 36 लोग ठीक हो चुके हैं. अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर पहले ही प्रतिबंध लग गया था, अब बुधवार 25 मार्च से सभी घरेलू उड़ानों पर भी प्रतिबंध लगाने की घोषणा कर दी गई है. ट्रेनों की आवाजाही पहले ही बंद कर दी गई थी.
हालात की गंभीरता देखते हुए लोक सभा के सत्र को तय समयसीमा से दो सप्ताह पहले ही समाप्त कर दिया गया. नए नागरिकता कानून के खिलाफ दिसंबर से देश के कई कोनों में चल रहे विरोध प्रदर्शन भी अब स्थगित कर दिए गए हैं. दिल्ली के शाहीन बाग जैसे इलाकों में ये प्रदर्शन कल तक चल रहे थे, पर पूर्ण तालाबंदी लगने के साथ इन्हें स्थगित कर दिया गया है और टेंट इत्यादि को भी हटा दिया गया है.
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पूरे देश में भीड़ भाड़ वाली जेलों से कुछ कैदियों को रिहा करने पर भी विचार किया जा रहा है ताकी जेलों में भी सोशल डिस्टेंसिंग लागू की जा सके.
पंजाब सरकार ने कहा है कि राज्य में हालात और बिगड़ने के आसार हैं क्योंकि 90,000 पंजाबी मूल के अप्रवासी भारतीय दुनिया के अलग-अलग कोनों से पंजाब वापस आ गए हैं. इनमें से कई लोगों में कोविड-19 के लक्षण भी दिख रहे हैं और डर है कि इनकी वजह से राज्य में जो अब तक 23 संक्रमण के मामलों की संख्या है वो चिंताजनक रूप से बढ़ जाएगी.
इसी बीच, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चेतावनी दी है कोविड-19 तेजी से फैल रहा है और अगर इसे रोकने के सक्रिय प्रयास नहीं किये गए तो ये और भी गंभीर रूप ले सकता है. विश्व में अब संक्रमण के कुल मामले 3,41,000 से भी ज्यादा हो गए हैं और मरने वालों की संख्या 15,000 पार कर चुकी है. संगठन के मुखिया ट्रेडोस घेब्रेयासुस ने बताया कि जहां विश्व में संक्रमण के पहले एक लाख मामले सामने आने में 67 दिन लगे थे वहीं दूसरे लाख तक मामले आने में सिर्फ 11 दिन लगे और तीसरे लाख में महज चार दिन.
भारत में कोरोना वायरस के संक्रमण को बढ़ने से रोकने के लिए कई शहरों में लॉकडाउन की घोषणा कर दी गई है. तस्वीरों में देखिए लॉकडाउन का पहला दिन कैसा रहा.
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लॉकडाउन
दिल्ली समेत 22 राज्यों में लॉकडाउन की घोषणा कर दी गई है. सोमवार को कई घरों में अखबार नहीं आए, घर में हाथ बंटाने वाली नौकरानी भी छुट्टी पर रहीं. देश में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए लॉकडाउन की घोषणा की गई है.
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वीरान सड़कें
आम तौर पर जिन सड़कों पर गाड़ियों की भीड़ होती हैं वहां अब गिनती के लोग और कुछ ही गाड़ियां नजर आ रही हैं.
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नियम क्यों नहीं मानते लोग?
तालाबंदी की घोषणा के बावजूद कुछ ऐसे भी लोग हैं जो बेवजह सड़कों पर तफरी करते दिखे. कुछ निजी वाहन चालक नियम तोड़ते नजर आए हालांकि पुलिस ने उन्हें घर पर रहने की सलाह दी. केंद्र ने भी राज्यों से कानून का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई करने को कहा है.
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सड़क पर फंसे लोग
कुछ ऐसे लोग बीच रास्ते पर फंस गए जिन्हें दिल्ली या फिर उसके आगे जाना है. सार्वजनिक परिवहन की इजाजत नहीं होने की वजह से लोग घंटों गाड़ियों के इंतजार में खड़े दिखे.
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बाजार बंद
दिल्ली के अलावा नोएडा में भी लॉकडाउन का खासा असर दिखा. जिन बाजारों में जहां सामान्य दिनों में पैर रखने की जगह नहीं होती, वहां अब सन्नाटा पसरा है.
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किसको छूट
सरकार ने दवा, किराना स्टोर को खुले रखने की इजाजत दी है. राशन की दुकानों में भी चार से अधिक लोगों को अंदर जाने नहीं दिया जा रहा है.
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साफ-सफाई है जरूरी
कोरोना वायरस के संक्रमण से निपटने के लिए सरकारी और नगर पालिका के कर्मचारी लॉकडाउन की स्थिति में भी आपात ड्यूटी कर रहे हैं.
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लॉकडाउन का पालन कितना अहम
कई लोग लॉकडाउन को बेहद हल्के में ले रहे हैं. हालांकि सरकार चाहती है कि जो जहां है वहीं रहे लेकिन कुछ लोग अब भी घरों से बाहर आकर नियमों की अनदेखी कर संक्रमण का खतरा मोल रहे हैं.
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मेट्रो ठप्प
दिल्ली मेट्रो के बंद होने के कारण लाखों लोगों का एक जगह से दूसरी जगह जाना बंद हो गया जिससे वायरस के कम्युनिटी संक्रमण को रोकने में मदद मिलने की उम्मीद है.
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एहतियात जरूरी
दिल्ली-एनसीआर की कॉलोनियों में जो सब्जी बेचने वाले विक्रेता आ रहे हैं वह भी मास्क लगाकर आ रहे हैं. साथ ही वह खरीदारों से कम से कम एक मीटर की दूरी बनाए रखने और सब्जी नहीं छूने की सलाह दे रहे हैं.