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क्या कैप्टन ने ही डुबाया जहाज

१६ जनवरी २०१२

टाइटैनिक के सौवें साल में सवा चार हजार लोगों को कुछ वैसी ही याद आ गई, जब कोस्टा कोंकोर्डिया जहाज पत्थर से टकरा कर डूबने लगा. कप्तान सबसे आखिर में जहाज छोड़ते हैं, लेकिन इस कप्तान पर सबसे पहले भाग जाने का आरोप है.

तस्वीर: picture-alliance/dpa

कोस्टा कोंकोर्डिया जहाज चलाने वाली कंपनी कोस्टा क्रोसीरा का भी कहना है कप्तान ने बड़ी गलतियां की हैं और वह जहाज को जमीन के बहुत पास ले आया. कैप्टन फ्रांसेस्को शेटीनो पर हत्या का भी आरोप लग रहा है और उन्हें हिरासत में ले लिया गया है. हालांकि वह इससे इनकार करते हैं.

इटली के पास हुए इस हादसे में लगभग वैसे ही हालात बन रहे थे, जैसे 100 साल पहले 1912 में टाइटैनिक के साथ हुए थे. वह आइसबर्ग से टकरा कर बर्फीले पानी में समा गया था. इस बार भी पत्थर से टकराने के बाद जहाज टेढ़ा हो चला. यहां भी खासी सर्दी थी और पानी बर्फ सा हो चला था. वह तो भला हो आधुनिक मशीनों का कि राहत और बचाव का दल बहुत जल्दी पहुंच गया और लोगों को बचाया जा सका. लेकिन फिर भी छह लोग इतने खुशनसीब नहीं साबित हुए. उनकी मौत हो गई, जबकि 15 लोगों का अब भी पता नहीं लग पाया है. 60 लोग जख्मी भी हैं लेकिन उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है.

तस्वीर: REUTERS

कोस्टा क्रोसीरा का कहना है, "ऐसा लगता है कि कमांडर ने बड़ी जोखिम भरी गलतियां कीं, जिसका इतना खराब नतीजा निकला. ऐसा लग रहा है कि जहाज चलाते हुए वह तट के बेहद पास पहुंच गए थे." यह जहाज गिजलियो के पास टसकन द्वीप से कुछ ही मीटर दूर एक तरफ झुक कर रुक गया है.

हालांकि 52 साल के कैप्टन शेटीनो का कहना है कि उन्होंने नियम से ही काम किया, "जो नक्शा हमारे पास था, उसके मुताबिक जहां दुर्घटना हुई, वहां हमारे नीचे पानी होना चाहिए था लेकिन वहां विशाल पत्थर निकला." उन्होंने इस बात से भी इनकार किया कि हादसे के बाद वह सबसे पहले जहाज छोड़ कर भाग निकले और 4200 लोगों को मंझधार में छोड़ गए. उनका कहना है कि वह सबसे आखिर में निकले. जहाज पर 3200 यात्री और 1000 चालक दल के सदस्य थे. इनमें से ज्यादातर छुट्टियां बिताने वाले लोग सवार थे, जबकि कुछ जोड़े हनीमून मना रहे थे.

जहाज में सवार लोगों का कहना था कि उन्हें एक बार फिर टाइटैनिक की याद आ गई. जहाज पत्थर से टकराते ही एक ओर झुक चला और हजारों लोगों के बीच दहशत का माहौल फैल गया. वे लोग भी बर्फीले पानी में डूबने लगे और बचाव दल के आने में थोड़ा समय लगा. हालांकि तब तक लोगों ने जीवन रक्षक जैकेट पहन लिए थे.

तस्वीर: picture-alliance/dpa

करीब 290 मीटर लंबा यह जहाज पानी में आधा डूबा हुआ है और एक तरफ झुक कर गिजिलो द्वीप के पास अटका हुआ है. इसके नीचे एक बड़ा छेद हो गया है लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि शायद इसके ईंधन टैंकर में कोई गड़बड़ी नहीं हुई है. ईंधन टैंकर में टकराव होने से जहाज में विस्फोट भी हो सकता था. गुमशुदा लोगों की तलाश जारी है और स्थानीय दमकल अधिकारियों का कहना है कि यह काम चौबीसों घंटे चलता रहेगा.

इटली के रक्षा मंत्री गियामपाओलो डी पाओला का कहना है कि पहली नजर में लगता नहीं है कि किसी तरह की तकनीकी या प्राकृतिक समस्या रही होगी. उनका मानना है कि यह मामला मानवीय चूक का है. नौसेना से जुड़े रक्षा मंत्री ने एक टेलीविजन इंटरव्यू में कहा, "मेरे अंदाज से यह एक बड़ी मानवीय भूल है, जिसका नाटकीय परिणाम निकला."

सरकारी वकील का कहना है कि वे लोग कैप्टन के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं. वह 2002 से कंपनी के साथ काम कर रहे हैं और 2006 में उन्हें कैप्टन बनाया गया. उन पर आरोप लग रहा है कि वह न सिर्फ सबसे पहले जहाज से निकल गए, बल्कि जब उनसे वहां दोबारा आने को कहा गया, तो उन्होंने इनकार कर दिया.

रिपोर्टः रॉयटर्स, एएफपी/ए जमाल

संपादनः ईशा भाटिया

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