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"चीन और भारत तेल की बढ़ती मांग के जिम्मेदार"

१२ मार्च २०११

अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने दुनिया में ऊर्जा की खपत बढ़ने के लिए चीन, भारत और ब्राजील को जिम्मेदार ठहराया है. ओबामा का कहना है कि तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाएं तेल और गैस की मांग बढ़ा रही हैं.

तस्वीर: AP

अमेरिका में गैस की कीमतें बढ़ने पर ओबामा ने कहा, असल समस्या तेल बाजार में अनिश्चितता की है. इसका एक कारण यह है कि कुछ देश अन्य की तुलना में ज्यादा तेजी से विकास कर रहे हैं. भारत, चीन, ब्राजील और अन्य उभरते देश आगे बढ़ने के लिए ज्यादा से ज्यादा ऊर्जा का इस्तेमाल कर रहे हैं.

मध्य पूर्व में कायम अस्थिरता के बाद से अमेरिका में गैस की कीमत प्रति गैलन 3.5 अमेरिकी डॉलर के पार जा चुकी है और अभी इसके और ऊपर चढ़ने की संभावना है. इसके चलते रणनीतिक रूप से अहम समझे जाने वाले तेल के रिजर्व को इस्तेमाल करने की मांग हो रही है. ओबामा ने कहा है कि ऐसा करना अभी संभव नहीं है क्योंकि फिलहाल तेल आपूर्ति में कोई परेशानी नहीं है.

हम ऐसा ही रुझान 2008 में देख चुके हैं. दुनिया भर में मंदी की वजह से तेल के दाम नीचे गिरे, लेकिन फिलहाल जो कुछ तेल कीमतों के साथ हो रहा है उसका कारण आर्थिक विकास है और कई देश ज्यादा तेल का इस्तेमाल करने लगे हैं. वैसे ओबामा ने माना है कि मध्य पूर्व में अनिश्चितता भी बढ़ी कीमतों के लिए जिम्मेदार है.

ओबामा के मुताबिक स्ट्रेटजिक पेट्रोलियम रिजर्व तब इस्तेमाल में लाया जाता है जब तेल की आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हो, जैसा 1970 के दशक में हो चुका है. तब ओपेक देशों ने कुछ समय के लिए तेल बेचने से मना कर दिया था. ऐसे समय के लिए तेल को रिजर्व में रखा जाता है और अभी आपूर्ति ठीक है. वैसे ओबामा मान रहे हैं कि उत्तर अफ्रीका और मध्य पूर्व में हालात अस्थिर हैं जिससे कीमतें बढ़ रही हैं.

रिपोर्ट: एजेंसियां/एस गौड़

संपादन: आभा एम

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