उड़ने वाली कार में बैठने की तैयारी शुरू कीजिए. दुबई और न्यूजीलैंड के बाद अब जर्मनी में भी फ्लाइंग टैक्सी के परीक्षण शुरू होने जा रहे हैं.
तस्वीर: imago/Geisser
विज्ञापन
लंबे समय से उड़ने वाली कारें कहानियों का हिस्सा रही हैं. लेकिन जर्मनी अब भी इस सपने को साकार करने की कोशिश कर रहा है. कार निर्माता कंपनी आउडी और विमान निर्माता कंपनी एयरबस फ्लाइंग कार बनाने की तैयारी कर रहे हैं. उड़ने वाली कारों का परीक्षण जर्मनी के टेक हब कहे जाने वाले राज्य बवेरिया के इंगोल्श्टाट शहर में होगा. इंगोल्श्टाट में ही आउडी का मुख्यालय भी है.
प्रोजेक्ट को जर्मन सरकार से भी मदद मिल रही है. आउडी और एयरबस के साथ साथ जर्मनी के ट्रांसपोर्ट मंत्री, बवेरिया के ट्रांसपोर्ट मंत्री व इंगोल्श्टाट के मेयर ने उड़ने वाली टैक्सियां बनाने के घोषणापत्र पर दस्तखत किए हैं. इस मौके पर जर्मनी के ट्रांसपोर्ट मंत्री आंद्रेयास शॉयर ने कहा, "वे बिल्कुल नई संभावनाएं खोलेंगी, जिनमें शहरों और आबादी वाले इलाकों में मेडिकल ट्रांसपोर्ट भी शामिल होगा."
A new concept in flying cars
00:38
This browser does not support the video element.
आउडी और एयरबस ने मार्च 2018 में जेनेवा मोटर शो के दौरान अपनी फ्लाइंग कार का कॉन्सेप्ट पेश किया था. अब इंगोल्श्टाट की यूनिवर्सिटियां, रिसर्च सेंटर और हॉस्पिटल भी इस प्रोजेक्ट में हिस्सा लेने की दरख्वास्त कर रहे हैं.
जून 2018 में जर्मनी के दूसरे बड़े शहर हैम्बर्ग के अधिकारियों ने भी ऐसे प्रोजेक्ट में शामिल होने की इच्छा जताई है. हैम्बर्ग भी चाहता है कि भविष्य के शहरी ट्रांसपोर्ट के लिए उड़ान भरने वाली मशीनों का सहारा लिया जाए. इसके लिए एक स्टडी करने की तैयारी की जा रही है. एयरबस हैम्बर्ग की पहल में भी शामिल है.
उड़ने वाली कारों की तैयारी सिर्फ जर्मनी में ही नहीं की जा रही है. माना जा रहा है कि जुलाई 2018 में दुबई फ्लाइंग टैक्सी ऑपरेट करने वाला दुनिया का पहला शहर बन जाएगा. न्यूजीलैंड में भी ऐसे प्रोजेक्ट का टेस्ट हो रहा है. कार शेयरिंग सर्विस मुहैया कराने वाली दिग्गज कंपनी उबर भी फ्लाइंग टैक्सी का दस्ता तैयार करने में जुटी है.
(हवा में उ़ड़ने वाली टैक्सी का परीक्षण दुबई में किया गया है. सरकार इस सेवा को जल्द से जल्द शुरू करना चाहती है.)
हवा में उ़ड़ने वाली टैक्सी
हवा में उ़ड़ने वाली टैक्सी का परीक्षण दुबई में किया गया है. सरकार इस सेवा को जल्द से जल्द शुरू करना चाहती है.
तस्वीर: AP
हवा से बात करती हवाई टैक्सी
इस उड़ने वाली टैक्सी को जर्मन ड्रोन कंपनी वोलोकॉप्टर ने तैयार किया है जो दिखने में दो सीट वाले एक छोटे हेलीकॉप्टर के केबिन जैसा है. जिसके ऊपर 18 शक्तिशाली पंख लगे हैं.
तस्वीर: Reuters/S. Kumar
सुरक्षा के पक्के इंतजाम
बिना रिमोट कंट्रोल से चलने वाली यह टैक्सी अधिकतम 30 मिनट तक उड़ान भर सकती है. आपात स्थिति के लिए टैक्सी में बैकअप बैटरी, पंख और सबसे बुरे हालात का सामना करने के लिए कई पैराशूट भी रखे गये हैं.
तस्वीर: Reuters/S. Kumar
दिग्गज कंपनियां होड़ में
टैक्सी बनाने वासी वोलोकॉप्टर इस परियोजना के लिए एक दर्जन से ज्यादा यूरोपीय और अमेरिकी कंपनियो से मुकाबले में है. कंपनियां बिना ड्राइवर वाली इलेक्ट्रिक कार और छोटी उड़ान भरने वाले विमानों के बीच में कोई ड्रोन बनाने की कोशिश में है.
तस्वीर: Reuters/S. Kumar
बिना यात्री के हुआ परीक्षण
दुबई के क्राउन प्रिंस शेख हमदान बिन मोहम्मद के सामने इस टैक्सी की पहली उड़ान में कोई यात्री नहीं था.
सेवा शुरू होने पर स्मार्टफोन में एक ऐप के जरिये पास में मौजूद वोलोकॉप्टर के लिए आर्डर किया जा सकेगा.
तस्वीर: Reuters/S. Kumar
खूब उड़ी हवाई टैक्सी
सोमवार को परीक्षण उड़ान के दौरान टैक्सी 200 मीटर की ऊंचाई पर पांच मिनट तक खाड़ी के तटवर्ती इलाके में रेत और हवाओं के बीच उड़ान भरती रही. यह अधिकतम 30 मिनट तक उड़ान भर सकती है.
तस्वीर: Reuters/S. Kumar
शहरी यातायात का साधन
दुबई का प्रशासन शहरी यातायात के लिए इस टैक्सी को उपयोग में लाना चाहता है. इसके जरिये सड़क की भीड़भाड़ को नियंत्रित करने की कोशिश होगी. इसे बनाने वाली कंपनियों ने साइंस फिक्शन से प्रेरित कल्पना को साकार करने की कोशिश की है.
तस्वीर: AP
रोबोटिक पुलिस का प्रोटोटाइप
दुबई में इससे पहले रोबोटिक पुलिस का प्रोटोटाइप भी पेश किया जा चुका है. इलाके के बाकी देशों से उलट यह देश अपनी अलग पहचान बनाने की कोशिश में है. तकनीकी विकास और उसके उपयोग में संयुक्त अरब अमीरात ने खासी दिलचस्पी दिखायी है.
तस्वीर: Getty Images/AFP/G. Cacace
बिना ड्राइवर वाली मेट्रो
दुबई में बिना ड्राइवर वाले मेट्रो को भी चलाने की कोशिश है. संयुक्त अरब अमीरात 2021 तक मंगल ग्रह पर अपना अंतरिक्ष यान भी भेजेगा जो अरब जगत का पहला अंतरिक्ष अभियान होगा.