1. कंटेंट पर जाएं
  2. मेन्यू पर जाएं
  3. डीडब्ल्यू की अन्य साइट देखें

तृणमूल और कांग्रेस की अनबन, लेफ्ट का टर्न

२ जून २०१०

तृणमूल कांग्रेस की नेता और रेल मंत्री ममता बनर्जी ने कैबिनेट की बैठक में हिस्सा नहीं लिया. कोलकता के स्थानीय निकाय के चुनावों में वामपंथियों ने ममता को रोकने के लिए कांग्रेस को समर्थन देने का एलान किया. आज आएंगे नतीजे.

Vorsitzende des Trinamool Congress Mamta Banerjee
तस्वीर: UNI

कांग्रेस और तृणमूल के बीच अनबन की खबरों के बाद अब सियासी हलचल और तेज हो रही है. मंगलवार को केंद्र सरकार की अहम कैबिनेट बैठक से रेल मंत्री ममता बनर्जी नदारद रही. मीटिंग में न शामिल होने का कारण बताते हुए बाद में उन्होंने कहा, ''मंत्रियों के और काम भी होते हैं, उन्हें कहीं और भी जाना होता है. यह एक साधारण बात है''

लेकिन राजनीतिक सरगर्मी तब बढ़ी जब वामपंथी पार्टियों ने पश्चिम बंगाल के स्थानीय चुनावों में कांग्रेस को समर्थन देने का भरोसा दिलाया. तृणमूल नेता को कोलकाता के मेयर पद से दूर रखने के लिए वामपंथियों ने यह वादा किया है. मंगलवार को वित्त मंत्रई प्रणब मुखर्जी और सीपीएम नेता सीताराम येचुरी ने मुलाकात की. येचुरी ने कहा, '''अगर कोलकाता के निकाय चुनावों में लेफ्ट और कांग्रेस के बीच 10 सीटों का भी अंतर रहा तो हम मेयर पद के लिए कांग्रेस का समर्थन करेंगे. ऐसा हम सिलीगुड़ी में कर चुके हैं.''

ममता बनर्जी से जब कांग्रेस और उनकी पार्टी के बीच में पड़ रही दरार के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ''कांग्रेस और तृणमूल के बीच कोई मतभेद नहीं हैं. हम पूरी तरह से सहज है. मैं प्रधानमंत्री का सम्मान करती हूं. कुछ लोग अफवाहें फैला रहे हैं. वह चाहते हैं कि दोनों पार्टियों के बीच शंका का माहौल बने.''

रिपोर्ट: एजेंसियां/ओ सिंह

संपादन: उज्ज्वल भट्टाचार्य

डीडब्ल्यू की टॉप स्टोरी को स्किप करें

डीडब्ल्यू की टॉप स्टोरी

डीडब्ल्यू की और रिपोर्टें को स्किप करें