नामिबिया के रेगिस्तान की रेत से बन रहा है कंक्रीट
१५ जुलाई २०१९
Desert sand for concrete blocks
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इको फ्रेंडली इमारतों की मिसाल पेश करता अफ्रीका
सीमेंट गर्मियों में घरों को तपाता है और सर्दियों में कंपकंपी पैदा करता है. अफ्रीका के कई देशों में सीमेंट के बजाए प्राकृतिक तत्वों का इस्तेमाल कर जबरदस्त इको फ्रेंडली इमारतें बनाई जा रही हैं.
ग्रीन बिल्डिंग में पढ़ाई
अंगोला की अगोस्तिन्हो नेतो यूनिवर्सिटी की इस इमारत को अफ्रीकी महाद्वीप की सबसे ज्यादा इको फ्रेंडली इमारत कहा जाता है. बिल्डिंग में हर क्लासरूम ऐसे बनाया गया है कि उसमें हवा प्रवाह का रहता है. बाहर पेड़ों को ऐसे लगाया गया है कि वे एक सुरंग का काम करते हैं और गर्म हवा को ठंडा करते हुए इमारत के भीतर भेजते हैं.
मजबूत इको डोम्स
जिबूती में ये घरौंदे सुपर एडोब बैग्स के जरिए बनाए गए हैं. इन लंबे बैग्स में स्थानीय रेत भरी गई है. इसकी प्रेरणा ईरान के रेतीले इलाके में बनाए जाने वाले पंरपरागत घरों से ली गई है. ये घरौंदे गर्मियों में ठंडे और सर्दियों में गर्म रहते हैं. इको डोम्स अफ्रीका नाम का प्रोजेक्ट ऐसे पर्यावरण फ्रेंडली घरों को बढ़ावा दे रहा है.
भांग से बना घर
टोनी बडेन ने भांग के पौधे की मदद से दक्षिण अफ्रीका की सबसे ज्यादा इको फ्रेंडली इमारत बना डाली. बडेन के मुताबिक भांग की लकड़ी और रेशे तापमानरोधी होते हैं. दीवारों में इनका इस्तेमाल करने से हीटिंग और कूलिंग का काफी खर्च बचाया जा रहा है.
हर जगह प्राकृतिक रोशनी
केन्या की कैथोलिक यूनिवर्सिटी ने अपने लर्निंग रिसोर्स सेंटर में सिर्फ स्थानीय मैटीरियल का इस्तेमाल किया है. पर्यावरण विशेषज्ञ मुसाऊ किमेऊ ने इमारत को ऐसे डिजायन किया है कि इसके हर कमरे में दिन भर प्राकृतिक रोशनी रहती है. धूप से इमारत ज्यादा गर्म न हो, इसके लिए नेचुरल वेटिंलेशन का सहारा लिया गया है. बिल्डिंग बरसात के पानी को भी जमा करती है.
दीमक की बांबी से प्रेरणा
जिम्बाव्वे के ईस्टगेट सेंटर को दीमकों से प्रेरणा लेकर बनाया गया है. अपार्टमेंट्स वाली इस इमारत में हवा ही प्राकृतिक एयरकंडीशनर का काम करती है. यह इमारत अपने ही आकार की दूसरी बिल्डिगों के मुकाबले 90 फीसदी कम ऊर्जा इस्तेमाल करती है.
मिट्टी से कहीं ज्यादा
घाना में हाइव अर्थ कंपनी पुरातन तकनीक से सस्ते और इको फ्रेंडली घर बना रही है. घर बनाने में लाल पत्थर, मिट्टी और ग्रेनाइट के छोटे छोटे टुकड़ों का इस्तेमाल किया जाता है. सीमेंट कम से कम लगाया गया है. इन घरों के भीतर प्राकृतिक अंडरग्राउंड कूलिंग सिस्टम बनाया गया है जो गर्मियों में कमरे के सुकूनदेह बनाए रखता है. (रिपोर्ट: मेलानी हाल/ओएसजे)