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परमाणु ईंधन पर अमेरिका पाक की तकरार

२९ नवम्बर २०१०

विकीलीक्स के खुलासे से पहले ही इस बात की आशंका थी कि भारत और पाकिस्तान का नाम भी आएगा. ढाई लाख दस्तावेजों में अभी भारत का नाम तो नहीं आया है लेकिन पाकिस्तान और अमेरिका के बीच परमाणु ईंधन के मुद्दे पर नोक झोंक सामने आ गई.

तस्वीर: AP

विकीलीक्स ने जिन दस्तावेजों को जारी किया है, उनमें पाकिस्तान का भी जिक्र है. पाकिस्तान के हालात खराब होने के बाद से अमेरिका को इस बात का डर सताता रहता है कि उसके परमाणु हथियारों का गलत इस्तेमाल हो सकता है.

इसी क्रम में तीन साल से अमेरिका इस बात की कोशिश कर रहा है कि वहां के रिसर्च रिएक्टर से संवर्धित यूरेनियम वाले बेहद खतरनाक परमाणु ईंधन को हटा लिया जाए. अमेरिका को लगता है कि इस ईंधन का गलत जगह इस्तेमाल हो सकता है.

लेकिन पाकिस्तान इस बात के लिए राजी नहीं हो रहा है. मई 2009 में पाकिस्तान ने एक अमेरिकी एक्सपर्ट की पूर्व निर्धारित यात्रा को मना कर दिया. उसका कहना था कि अगर स्थानीय मीडिया को इस बात की जरा भी भनक लग गई कि परमाणु ईंधन हटाने की बात चल रही है तो पूरा मीडिया कहने लगेगा कि अमेरिका पाकिस्तान के परमाणु हथियारों को ले जा रहा है.

अमेरिका ने विकीलीक्स के खुलासे पर गहरा आक्रोश जताया है और कहा है कि इससे कई लोगों की जान को खतरा पैदा हो गया है.

रिपोर्टः एजेंसियां/ए जमाल

संपादनः एस गौड़

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