हर तीन में से एक विदेशी जर्मन भाषा के टेस्ट में फेल होने के कारण जर्मनी में अपने पति या पत्नी के साथ नहीं रह पा रहा है. क्या शुरु से विदेशी भाषा ना जानने के कारण लोगों को उनके परिवार से दूर रखना जरूरी है?
तस्वीर: picture-alliance/P. Pleul
विज्ञापन
विदेशी लोगों को जर्मनी में अपने पति या पत्नी के पास आकर रहने के लिए वीजा पाने के लिए पहले अपने देश में ही जर्मन भाषा का एक बेसिक टेस्ट पास करना होता है. इसका सर्टिफिकेट जमा करने पर ही वीजा की प्रक्रिया आगे बढ़ती है. ऐसे कई विदेशी लोग हैं जो इस भाषा टेस्ट में फेल होने के कारण अपने परिवार से दूर रहने को मजबूर हैं.
यह शर्त यूरोपीय संघ के देशों से जर्मनी आने वालों पर लागू नहीं होती. और ना ही अमेरिकी, इस्राएली और उच्च शिक्षा प्राप्त लोगों और मान्यता प्राप्त शरणार्थियों के पति या पत्नी के लिए अनिवार्य है.
ताजा सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 2018 में जर्मन भाषा का 'डॉयच-1' टेस्ट देने वाले कुल 48,130 लोगों में से 16,200 इसमें फेल हो गए. इनमें से ज्यादातर लोग तुर्की, रूस, मैसेडोनिया, कोसोवो, थाईलैंड, वियतनाम और इराक से थे. फेल होने वालों की दर इराकी आवेदकों में सबसे ज्यादा थी. हर दो में से एक इराकी टेस्ट पास नहीं कर सका.
जर्मन सरकार के आप्रवासन और शरणार्थी ऑफिस (बीएएमएफ) ने "मूलभूत भाषा कौशल" की परिभाषा में कहा है, "कोई व्यक्ति इस लायक हो कि सरल वाक्य समझ सके, अपना परिचय दे सके, बाजार में सामान खरीद सके और जरूरत पड़ने पर रास्ते का पता पूछ सके." इसके अलावा उस व्यक्ति को फॉर्म वगैरह भरना भी आना चाहिए.
जर्मनी में विपक्ष की लेफ्ट पार्टी किसी विदेशी के लिए अपनी पति या पत्नी के साथ आकर रहने में भाषा की ऐसी शर्तें लगाने को "बिल्कुल अव्यावहारिक" बताते हुए इसकी निंदा करती है. लेफ्ट पार्टी की एक सांसद ग्योके अकबुलुत ने कहा कि भाषा वाले टेस्ट "परिवारों को सालों साल एक दूसरे से अलग रखते हैं." उनका मानना है कि जर्मनी आकर भाषा सीखना कहीं ज्यादा आसान और सस्ता पड़ेगा और लोगों पर इसका बोझ भी कम होगा.
हालांकि जर्मन सरकार में एकीकरण आयुक्त, सीडीयू पार्टी की अनेटे विडमन-माउत्स ऐसी शर्तों का समर्थन करती हैं. उनका कहना है कि विदेशी लोगों को सामान्य भाषा ज्ञान के साथ ही आना चाहिए ताकि जब वे जर्मनी पहुंचें "तो शुरु से अपना रास्ता पकड़ लें और समाज में अपनी जगह बना सकें."
आरपी/आईबी (एएफपी, केएनए)
जर्मन भाषा से जुड़े हैं अच्छे जीवन के तार
लोगों के जीवन की गुणवत्ता के आधार पर दुनिया के 230 देशों की सूची तैयार करने वाले मर्सर अंतरराष्ट्रीय रिसर्च की रैंकिंग में जर्मन भाषा बोलने वाले शहरों और अच्छा जीवन जीने वाले लोगों के बीच गहरा संबंध सामने आया है.
तस्वीर: Fotolia/Blickfang
#10 सिडनी
टॉप 35 शहरों में भी लंदन, पेरिस या न्यूयॉर्क ने जगह नहीं पाई. कम से कम ऑस्ट्रेलिया का एक शहर तो जीवन की गुणवत्ता के मामले में टॉप 10 में आया. सिडनी का ओपेरा हाउस, सिडनी टावर की 268 मीटर ऊंचाई पर शीशे का प्लेटफार्म और स्काईवॉक दुनिया भर में मशहूर हैं.
तस्वीर: picture alliance/blickwinkel/McPHOTO
#9 कोपनहेगन
डेनमार्क की राजधानी कोपनहेगन को नॉर्डिक ब्लॉक का कूलेस्ट किड भी कहा जाता है. स्टॉकहोम और ओस्लो भी दिलचस्प शहर माने जाते हैं, लेकिन जीवनशैली से जुड़ी कई खास चीजें इसे सबसे अलग बनाती हैं.
तस्वीर: picture-alliance/dpa
#8 जेनेवा
म्यूनिख के अलावा स्विट्जरलैंड का दूसरा शहर विशाल लेक जेनेवा पर स्थित है. आल्प्स और यूरा पहाड़ियों से घिरा यह खूबसूरत शहर संयुक्त राष्ट्र का यूरोपीय मुख्यालय और रेड क्रॉस का केंद्र है. यहां स्विस-जर्मन भाषा और फ्रेंच काफी प्रचलित है.
तस्वीर: imago/imagebroker
#7 फ्रैंकफर्ट
जर्मनी के ही माइन नदी पर बसा फ्रैंकफर्ट शहर देश में बैंकिंग और वित्त मामलों का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र है. मशहूर लेखक गोएथे इसी शहर में पैदा हुए थे. दूसरे विश्व युद्ध में तबाह हुआ यह शहर आज सबसे उच्च गुणवत्ता के जीवन वाला बन चुका है.
तस्वीर: picture-alliance/dpa/T.Köhler
#6 डुसेलडॉर्फ
पश्चिमी जर्मनी का यह शहर अपने फैशन और कला उद्योग के लिए मशहूर है. राइन नदी इस शहर को दो हिस्सों में तो बांटती है लेकिन इसकी खूबसूरती को दोगुना भी करती है. जर्मन भाषा जर्मनी के अलावा ऑस्ट्रिया और स्विट्जरलैंड में भी बोली जाती है.
तस्वीर: picture-alliance/dpa/M. Skolimowska
#5 वैंकूवर
सूची में कनाडा के कई शहर किसी अमेरिकी शहर से बहुत आगे हैं. अग्रणी रहा वैंकूवर जो कनाडा के सबसे घनी आबादी और सबसे ज्यादा विविध संस्कृतियों वाले लोगों का शहर है. पहाड़ों से घिरा एक कलाप्रेमी शहर.
तस्वीर: Don Emmert/AFP/Getty Images
#4 म्यूनिख
बवेरिया प्रांत की राजधानी और जर्मनी का मुख्य वित्तीय शहर म्यूनिख अपने सालाना अक्टूबर फेस्ट और बियर के अलावा उच्च जीवनस्तर के लिए भी जाना जाता है.
तस्वीर: Fotolia/sborisov
#3 ऑकलैंड
सिर्फ मर्सर की टॉप 10 लिस्ट में ही नहीं, ऑकलैंड को रहने के लिए इकोनोमिस्ट इंटेलिजेंस युनिट की दुनिया के सबसे अच्छे शहरों की सूची में भी शामिल किया गया है.
तस्वीर: Getty Images/AFP/M. Bradley
#2 ज्यूरिख
सामाजिक और आर्थिक स्थिति, सेहत, शिक्षा और पर्यावरण की कसौटी पर शहरों की रेंकिंग करने वाली इस सूची में नंबर दो पर है स्विस शहर ज्यूरिख.
तस्वीर: Afshar Salehi
#1 वियना
18वीं मर्सर क्वॉलिटी ऑफ लाइफ सूची में ऑस्ट्रिया की राजधानी वियना को दुनिया का सबसे अच्छा शहर बताया गया. यहां की सोशल हाउसिंग की परंपरा और प्रति व्यक्ति ऊंची उत्पादकता इसे दुनिया के बड़े शहरों में बेहद खास बनाती है.