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पाकिस्तानी था सऊदी का हमलावर

५ जुलाई २०१६

सऊदी अरब ने कहा है कि उसने मदीना में हमला करने वाले की पहचान कर ली है. हमलावर एक पाकिस्तानी बताया जा रहा है जो पिछले 12 साल से सऊदी में रह रहा था.

Saudi-Arabien, Selbstmordanschlag in Medina
तस्वीर: picture-alliance/AP Photo/Courtesy of Noor Punasiya

सोमवार को मदीना में हुए हमले में चार सुरक्षाकर्मियों की जान गई और पांच लोग घायल हुए. इसी दिन सऊदी अरब में दो और हमले हुए. एक जेद्दा में अमेरिकी कॉन्सुलेट के बाहर हुआ और दूसरा एक शिया मस्जिद के बाहर. अब तक किसी संगठन ने इनकी जिम्मेदारी नहीं ली है लेकिन हमले के तरीकों को देखते हुए माना जा रहा है कि इनके पीछे इस्लामिक स्टेट का हाथ हो सकता है.

तस्वीर: picture-alliance/dpa/Saudi Press Agency

गृह मंत्रालय ने मंगलवार को बयान जारी कर कहा कि मदीना में मस्जिद के बाहर हुए विस्फोट के हमलावर की पहचान 34 वर्षीय अब्दुल्लाह कलजर खान के रूप में हुई है. बयान में बताया गया है कि वह अपनी पत्नी और माता पिता के साथ जेद्दा के पास रहता था. खान 12 साल पहले सऊदी अरब आया था और वहां ड्राइवर की नौकरी कर रहा था. सऊदी सरकार का यह भी कहना है कि इस व्यक्ति ने पार्किंग लॉट में तब विस्फोट किया, जब सुरक्षाकर्मियों को उस पर शक हुआ और वे उसकी ओर बढ़े. विस्फोट के कारण कई गाड़ियों में आग लगी और काला धुआं उठता हुआ देखा गया. इसमें दो सुरक्षाकर्मी घायल हुए.

तस्वीर: picture-alliance/dpa/Saudi Press Agency

तीन करोड़ की आबादी वाले सऊदी अरब में लगभग 90 लाख विदेशी रहते हैं. इनमें पाकिस्तानियों की तादाद सबसे अधिक है. वहीं पाकिस्तानी गृह मंत्रालय के प्रवक्ता नफीस जकारिया ने कहा है कि हम इस व्यक्ति के बारे में और जानकारी हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने हमले की निंदा करते हुए सऊदी अरब के साथ एकजुट हो कर आतंकवाद का सामना करने की बात कही है. उन्होंने कहा, "आतंकवाद एक वैश्विक समस्या है, यह किसी एक देश या व्यक्ति से जुड़ा हुआ नहीं है."

तस्वीर: Reuters

पाकिस्तान के राष्ट्रपति ममनून हुसैन मंगलवार को सऊदी अरब के लिए रवाना हुए. वह मदीना की मस्जिद जाएंगे. ईद से एक दिन पहले सोमवार को जिस समय हमला हुआ मस्जिद पूरी तरह भरी हुई थी. स्थानीय मीडिया के अनुसार हमलावर की मस्जिद के अंदर हमला करने की योजना थी लेकिन सुरक्षाकर्मियों की नजर पड़ने के कारण बड़ा हादसा होने से रोका जा सका.

तस्वीर: Reuters

मुसलमानों के सबसे पवित्र स्थल मक्का और मदीना की जिम्मेदारी सऊदी अरब के सत्ताधारी अल सऊद परिवार के पास है. माना जा रहा है कि ये हमले अल सऊद परिवार को कमजोर करने की कोशिश में किए गए. दरअसल सऊदी अरब अमेरिका का मित्र देश है और अमेरिका इराक और सीरिया में इस्लामिक स्टेट से लड़ रहा है. ऐसे में सऊदी शासकों को इस्लामिक स्टेट अपने दुश्मनों के रूप में देखता है. इससे पहले भी आईएस ने देश में कई हमले किए हैं जिनमें दर्जनों लोगों की जान गई है. गृह मंत्रालय के अनुसार पिछले दो साल में देश में 26 आतंकी हमले हुए हैं.

ऐसा पहली बार नहीं है जब कट्टरपंथियों ने मक्का या मदीना को निशाना बनाया है. 1979 में कट्टरपंथियों ने दो हफ्तों के लिए मक्का पर कब्जा किया जिसके बाद देश में कई बड़े बदलाव देखे गए.

आईबी/वीके (एपी)

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