पेशावर हमले में मारे गए एक छात्र के पिता सय्यद शाह ने बताया कि जब उन्होंने पेरिस हमलों के बारे में टीवी पर देखा तो उनका पूरा परिवार घंटों तक रोता रहा. परिवार के लिए 16 दिसंबर 2014 की यादें ताजा हो गईं. यही वह भयानक दिन था जिसने उनकी पूरी दुनिया हिला दी थी. सय्यद कहते हैं, "पेरिस का दर्द हमारे जितना कोई नहीं समझता क्योंकि हम इस दर्द से गुजर चुके हैं"
पेशावर के स्कूल पर तालिबान के बेरहम हमले में 150 लोग मारे गए थे. मरने वालों में 130 स्कूली छात्र थे. कुछ ऐसा ही बीते दिनों फ्रांस की प्रेम नगरी कहलाने वाले पेरिस में हुआ. कॉन्सर्ट हॉल, बार, रेस्तरां और स्टेडियम के बाहर हुए हमलों में 129 लोग मारे गए.
पेशावर के एक अन्य छात्र ने गुस्से में चिल्लाते हुए कहा वे 'जानवर' हैं जिन्होंने उनके दोस्तों को मार दिया. उनका 'इस्लाम से कुछ लेना देना नहीं.' पेरिस हमले पर पूरे पाकिस्तान से हमले के दिन से ही प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. हालांकि जनवरी में फ्रांसीसी व्यंग्य पत्रिता शार्ली एब्दो के कार्यालय पर हुए हमले के समय ऐसा नहीं था. उस हमले में 12 लोग मारे गए थे. मुस्लिम समुदाय का एक बड़ा हिस्सा पत्रिका द्वारा मुहम्मद का कार्टून बनाए जाने पर नाराज था. पेरिस पर हुए ताजा हमले पर पाकिस्तान से सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की भरमार है. देश के राजनीतिक और धार्मिक नेताओं ने भी आतंकी हमले की निंदा की है.
पेशावर के छात्र आजम महमूद ने कहा "यकीन करना मुश्किल है" कि इस तरह की हिंसा पेरिस जैसी राजधानी में हो सकती है जो कि पाकिस्तानियों की नजर में एक "अत्यंत विकसित, शांत और सुरक्षित देश है." कई पाकिस्तानियों का यह भी कहना है कि पेरिस हमले पेशावर के स्कूल पर हुए हमले से मिलते जुलते हैं. रसायन विज्ञान की टीचर अंदलीब आफताब ने पेशावर हमले में अपने कई छात्रों के साथ अपने 16 साल के बेटे को भी खो दिया था. आंसू भरी आंखों के साथ उन्होंने कहा कि वह फ्रांसीसियों को बताना चाहती हैं कि वे "अकेले नहीं हैं."
एसएफ/आरआर(एएफपी)
पाकिस्तान के पेशावर शहर में जिस स्कूल पर मंगलवार को तालिबान ने आतंकवादी हमला किया था, बुधवार को उसकी शक्ल किसी भूतहे घर की तरह लग रही थी. रिपोर्टरों ने स्कूल जाकर वहां का जायजा लिया.
तस्वीर: picture-alliance/dpaपाकिस्तानी सेना का एक जवान स्कूल के मुख्य द्वार पर पहरा देता हुआ. आलीशान दरवाजे से उस खतरनाक चेहरे का अंदाजा भी नहीं लग पा रहा है, जो आने वाली तस्वीरों में दिखने वाला है. कैसे बच्चों के एक स्कूल को तालिबान ने श्मशान में बदल दिया.
तस्वीर: AFP/Getty Images/F. Naeemनोटिस बोर्ड के आस पास दहशत के निशान मौजूद हैं. सेना के जवान उन जगहों को देख रहे हैं, जहां तालिबान के हमले से भारी नुकसान हुआ है. दीवार की ईंटें निकल चुकी हैं. गमले उलटे पड़े हैं. यह तस्वीर किसी स्कूल की तो नहीं लगती.
तस्वीर: AFP/Getty Images/A Majeedस्कूल की इस दीवार पर कभी ब्लैकबोर्ड लगा होता होगा. लेकिन अब यह गोलियों से छलनी है. एक स्थानीय रिपोर्टर जब इस दीवार के पास से गुजरी, तो कुछ ऐसी तस्वीर बनी. मालूम पड़ता है कि मानो कोई जलजला आया हो.
तस्वीर: Reuters/F. Azizकिताबें बिखरी पड़ी हैं, छात्रों का कोई नामोनिशान नहीं. गोलियां और बम खाकर पीछे की जख्मी दीवार काली पड़ चुकी है. इस सैनिक को बिखरी हुई किताबों के बीच रास्ता निकालना मुश्किल हो रहा है. सिर्फ 24 घंटे पहले यहां बच्चों से रौनक थी.
तस्वीर: AFP/Getty Images/A Majeedपीछे की दीवार पर शायद स्कूल के प्रिंसिपलों की लिस्ट लगी है. लेकिन नजर उसके चारों ओर ज्यादा जा रही है, जो गोलियों से भुन चुका है. बोर्ड के चारों ओर के सुर्ख लाल धब्बे वो सब कुछ कह रहे हैं, जो मंगलवार को इस स्कूल में हुआ.
तस्वीर: Reuters/F. Azizकराची के एक स्कूल में दुआओं में खड़ा यह छात्र शायद अपने उन साथियों के अहसास को महसूस करने की कोशिश कर रहा है, जो तालिबान के कायराना हमले में मारे गए. पूरे पाकिस्तान के स्कूलों में मासूम बच्चों को श्रद्धांजलि दी गई.
तस्वीर: Reuters/A. Soomroमुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट की महिला सदस्यों ने भी मंगलवार की रात मारे गए बच्चों को श्रद्धांजलि दी और उनकी याद में मोमबत्तियां जलाईं. हमले में कम से कम 140 लोगों की मौत हो गई और तालिबान ने कई महिला टीचरों को जिंदा जला दिया.
तस्वीर: AFP/Getty Images/R. Tabassumहमले की जगह पहुंचते हुए एक महिला अपनी सिसकियों को नहीं रोक पाई. हमले के वक्त स्कूल में कम से कम 500 बच्चे थे. इनमें से लगभग 125 बच्चे मारे गए, जबकि इतने ही और घायल हो गए. पाकिस्तान के इतिहास में यह सबसे क्रूर हमलों में गिना जा रहा है.
तस्वीर: AFP/Getty Images/A. Majeedपेशावर की इस घटना ने हंगू के युवा छात्र एहतेजाज की भी याद ताजा कर दी, जिसने जनवरी में अपने स्कूल में घुस रहे एक आत्मघाती हमलावर को गेट के बाहर दबोच लिया था. हमलावर ने विस्फोटक को उड़ा दिया, जिससे उसकी और एहतेजाज की मौत हो गई. लेकिन स्कूल में मौजूद सैकड़ों बच्चे बच गए.
तस्वीर: picture-alliance/dpa