1. कंटेंट पर जाएं
  2. मेन्यू पर जाएं
  3. डीडब्ल्यू की अन्य साइट देखें

'भारतीय वीजा के लिए प्रायोजक ढूंढे पाक फैंस'

११ नवम्बर २०१२

पाकिस्तान से भारत आ रहे क्रिकेट प्रेमियों को कुछ कड़े वीजा नियमों का सामना करना पड़ सकता है. भारतीय सरकार ने सुरक्षा का हवाला देते हुए कहा है कि फैंस को भी अपने वीजा के लिए भारत में रहने वाले व्यक्ति का हवाला देना होगा.

तस्वीर: AP

भारत और पाकिस्तान के बीच सीमित ओवरों के मैच 25 दिसंबर को शुरू होंगे. 6 जनवरी तक चलने वाली सीरीज में तीन वनडे और दो टी20 मैच खेले जाएंगे. भारतीय अधिकारियों ने अब तय किया है कि मैच देखना चाह रहे हर पाकिस्तानी नागरिक को भारत में अपने वीजा को प्रायोजित करने वाला ढूंढना होगा. भारतीय गृह मंत्रालय आने वाले दिनों में तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, गुजरात और नई दिल्ली की पुलिस से सुरक्षा पर बातचीत करेगी.

भारतीय गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा, "क्रिकेट फैंस के लिए वीजा कानूनों में कोई ढील नहीं लाई जाएगी. हम अपनी सुरक्षा पर समझौता नहीं कर सकते क्योंकि यही हमारी मुख्य चिंता है. जो भी वीजा चाहता है, उसे भारत में एक प्रायोजक का नाम देना होगा." लेकिन वीजा की संख्या पर कोई पाबंदी नहीं होगी और जो भी एक स्पॉन्सर का नाम देता है उसे वीजा दिया जाएगा. वीजा आवेदकों को मैच के टिकटों की भी एक कॉपी देनी होगी.

2008 के मुंबई हमलों के बाद पहली बार भारत-पाक सीरीजतस्वीर: AP

इस वक्त पाकिस्तान के नागरिकों को तीन शहरों का वीजा मिल सकता है लेकिन नए वीजा नियमों और क्रिकेट मैचों को देखते हुए पाकिस्तानी नागरिकों को पांच शहरों का वीजा भी दिया जा सकेगा. भारत और पाकिस्तान के बीच इस्लामाबाद में 8 सितंबर को नई वीजा प्रणाली पर समझौता हुआ. इसके मुताबिक व्यापारियों, बुजुर्गों, पर्यटकों, श्रद्धालुओं, कार्यकर्ताओं और बच्चों के लिए वीजा नियमों में ढील दी गई है.

पांच साल पहले तक पाकिस्तान से आ रहे फैंस को भारत में किसी भी प्रायोजक का नाम देने की जरूरत नहीं थी. लेकिन मुंबई हमलों के सिलसिले में पकड़े गए डेविड हेडली ने पूछताछ के दौरान बताया कि 2007 के मैचों के दौरान पाकिस्तानी फैंस में लश्कर ए तैयबा के चरमपंथी भी शामिल थे. चरमपंथियों को मैच के लिए वीजा मिला और दिल्ली आकर उन्होंने कई इमारतों की तस्वीरें लीं. उस दौरान पाकिस्तान और भारत के बीच मैच दिल्ली, कोलकाता, मोहाली, कानपुर, ग्वालियर और जयपुर में खेले गए.

2007 में दोनों देशों के बीच सीरीज के दौरान 12 पाकिस्तानी दर्शक गायब हो गए, जिसके बाद भारत सरकार ने कड़े कदम उठाने की बात कही. इन 12 लोगों के बारे में अब भी पता नहीं चल पाया है और वह पाकिस्तान भी नहीं लौटे हैं.

एमजी/ओएसजे(पीटीआई)

इस विषय पर और जानकारी को स्किप करें

इस विषय पर और जानकारी

डीडब्ल्यू की टॉप स्टोरी को स्किप करें

डीडब्ल्यू की टॉप स्टोरी

डीडब्ल्यू की और रिपोर्टें को स्किप करें

डीडब्ल्यू की और रिपोर्टें