1993 के मुंबई बम धमाकों के अभियुक्त याकूब मेमन को गुरुवार को भारत के गंभीरतम आतंकी हमलों में उसकी भूमिका के लिए फांसी दे दी गई. रात भर मेमन को बचाने की अदालती कोशिशों के विफल होने के बाद सजा की तामील की गई.
तस्वीर: Getty Images/AFP/M. Sharma
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट में मेमन की अपील की अंतिम सुनवाई सजा पर अमल के दो घंटे पहले तक हुई. मीडिया रिपोर्टों के अनुसार परिवार के दो सदस्य फांसी के दौरान मौजूद थे.
12 मार्च 1993 को मुंबई में स्टॉक एक्सचेंज सहित 13 जगहों पर बम धमाके हुए जिसमें 257 लोग मारे गए और 700 से ज्यादा घायल हो गए. मेमन को हमले की साजिश का दोषी पाया गया और मुंबई की एक अदालत ने 2007 में उसे इसके लिए फांसी की सजा दी. पेशे से चार्टर एकाउंटेंट मेमन ने हवाला के जरिए बम हमलों के लिए धन दिया. उसने कई अभियुक्तों के लिए हवाई टिकटों का भी इंतजाम किया जिन्हें पाकिस्तान में हथियारों की ट्रेनिंग मिली.
मुंबई में एक आतंकवाद विरोधी अदालत ने इस मामले में 100 लोगों को सजा सुनाई जिनमें ज्यादातर मुसलमान थे. उनमें से 12 को फांसी की सजा दी गई और 20 को आजीवन कैद की. सिर्फ मेमन की फांसी की सजा को सुप्रीम कोर्ट ने एक अपील के बाद 2013 में बरकरार रखा, जबकि दूसरों की सजा को आजीवन कारावास में बदल दिया. भारतीय जांच अधिकारियों का कहना है कि 1993 के मुंबई धमाके एक साल पहले हिंदू कट्टरपंथियों द्वारा बाबरी मस्जिद को गिराने और उसके बाद भड़के दंगों का बदला लेने के लिए किए गए.
धमाकों के असली साजिशकर्ता गैंगस्टर दाउद इब्राहिम और उसका साथी टाइगर मेमन तब से छुपे हुए हैं. याकूब मेमन टाइगर मेमन का छोटा भाई है जो 1994 में अपने परिवार के दूसरे सदस्यों के साथ भारत लौट आया था और धमाकों की जांच में जांच अधिकारियों के साथ सहयोग कर रहा था. मेमन को दी गई सजा पिछले तीन सालों में भारत में हुई तीसरी फांसी है. तीनों को आतंकवाद के मामलों में फांसी दी गई है.
एमजे/आरआर (डीपीए)
मेमन के बचाव में आई हस्तियां
मुंबई बम हमलों के अभियुक्त याकूब मेमन को 30 जुलाई को फांसी मिलनी है. इसे रोकने के लिए कई शख्सियतों ने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से गुहार लगाई है. जानिए किस किस ने किए हैं दया याचिका पर हस्ताक्षर.
तस्वीर: Farjad Nabi
इंदिरा जयसिंह
सुप्रीम कोर्ट की वकील इंदिरा जयसिंह समेत कई कानून के जानकारों ने राष्ट्रपति से फांसी की सजा खारिज किए जाने की अपील की है. इनमें जस्टिस पानचंद जैन, जस्टिस एचएस बेदी, जस्टिस पीबी सावंत, जस्टिस एच सुरेश, जस्टिस केपी शिवा सुब्रमण्यम, जस्टिस एसएन भार्गव, रिटायर्ड जस्टिस के चंद्रू और जस्टिस नागमोहन दास शामिल हैं.
तस्वीर: Indira Jaising
राम जेठमलानी
पूर्व कानून मंत्री राम जेठमलानी ने भी याचिका पर हस्ताक्षर किए हैं और कहा है कि राष्ट्रपति के पास याचिका भेजने का फैसला लेने वाले बार सदस्यों का वे सम्मान करते हैं. आठ रिटायर्ड जजों समेत 40 बड़ी हस्तियों ने इस याचिका पर हस्ताक्षर किए हैं.
तस्वीर: Getty Images/AFP/T. Mustafa
शत्रुघ्न सिंहा
बीजेपी के सांसद शत्रुघ्न सिंहा मेमन मामले में पार्टी के रुख से सहमत नहीं हैं. 15 पेज की याचिका पर उन्होंने भी हस्ताक्षर किए हैं. याचिका में विस्तार से कई कानूनी तर्क दिए गए हैं और अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी बताते हुए मेमन की फांसी की सजा को खारिज करने की अपील की गयी है.
तस्वीर: AP
नसीरुद्दीन शाह
हस्ताक्षर करने वालों में बॉलीवुड की कई हस्तियां भी शामिल हैं. एक दिन पहले सलमान खान ने मेमन के पक्ष में कई ट्वीट किए. इस पर विवाद उठने के बाद सलमान ने ट्वीट डिलीट किए और माफी भी मांगी. पर साथ ही कहा कि वे फांसी की सजा को गलत मानते हैं. नसीरुद्दीन शाह के अलावा अभिनेता और निर्देशक एमके रैना तथा सामाजिक कार्यकर्ता तुषार गांधी ने भी हस्ताक्षर किए हैं.
तस्वीर: Farjad Nabi
महेश भट्ट
नसीर के अलावा सामाजिक मुद्दों पर आवाज उठाने वाले महेश भट्ट भी इस सूची में शामिल हैं. मेमन को ठीक आठ साल पहले 27 जुलाई 2007 को आपराधिक साजिश का दोषी करार देते हुए मौत की सजा सुनाई गयी थी. इसके बाद उसने बॉम्बे हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट और राष्ट्रपति तक का दरवाजा खटखटाया लेकिन कहीं से भी माफी नहीं मिली.
तस्वीर: DW/M.Bhatt
मणिशंकर अय्यर
कांग्रेस के मणिशंकर अय्यर भी हस्ताक्षरकर्ताओं की सूची में शामिल हैं. मेमन ने टाडा की विशेष अदालत द्वारा जारी डेथ वारंट को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है. मेमन का कहना है कि उसने क्षमादान के लिए महाराष्ट्र के राज्यपाल के समक्ष दया याचिका दायर की है और इसके निपटारे तक उसे फांसी नहीं दी जा सकती.
तस्वीर: Getty Images/AFP/N. Kamm
सीताराम येचुरी
सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी और सीपीआई सचिव डी. राजा भी मेमन के पक्ष में आए हैं. सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में मेमन की याचिका पर सुनवाई अधूरी रही और इसे मंगलवार तक के लिए टाल दिया गया. सुबह 10.30 बजे याकूब की याचिका की सुनवाई दोबारा शुरू होगी. न्यायमूर्ति अनिल आर दवे और कुरियन जोसेफ की बेंच ने समयाभाव के कारण मामले की सुनवाई को एक दिन के लिए टाल दिया.
तस्वीर: Getty Images/AFP/D. Dutta
वृंदा करात
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के पूर्व महासचिव प्रकाश करात और उनकी पत्नी वृंदा करात ने भी याचिका पर हस्ताक्षर किए हैं. उनके अलावा याचिका पर हस्ताक्षर करने वालों में माजिद मेमन, केटी शिवा, डी राजा, केटीएस तुलसी और एचके दुआ जैसे सांसद भी शामिल हैं. इतिहासकार इरफान हबीब, डीएन झा और अर्जुन देव, सामाजिक कार्यकर्ता अरुणा रॉय और जॉन दयाल ने भी याचिका पर दस्तखत किए हैं.