यूरोपीय नेताओं में जलवायु परिवर्तन पर अहम सहमति
१२ दिसम्बर २००८
यूरोपीय संघ के नेता जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए नए कानून निर्धारित करने के साथ-साथ वित्तीय संकट से उबरने के लिए एक योजना पारित करने में भी सफल रहे. साथ ही उन्होंने संघ की नई नियमावली के सिलसिले में लिसबन संधि पर आयरलैंड की सहमति हासिल करने के उपायों पर भी विचार किया.
जलवायु परिवर्तन के सिलसिले में मुख्य सहमति इस बात पर रही है कि ताप प्रभाव उत्पन्न करने वाले गैसों को ज़मीन में दबाने वाले बिजलीघरों के लिए अतिरिक्त धन मुहैया कराया जाएगा. इस समय यूरोपीय संघ के पदेन अध्यक्ष फ़्रांस के राष्ट्रपति निकोला सारकोज़ी का कहना था कि ब्रसेल्स में जो कुछ हुआ, वह ऐतिहासिक है. उन्होंने कहा कि किसी भी दूसरे महाद्वीप में जलवायु रक्षा के लिए ऐसे बाध्यकारी लक्ष्य नहीं तय किए गए हैं. और यूरोपीय आयोग के अध्यक्ष खोसे मानुएल बार्रोसो का कहना था कि यूरोप विश्वसनीयता की कसौटी पर खरा उतरा है. जब हम जलवायु की बात करते हैं, तो हमारा मतलब ठोस क़दमों से होता है.
उन्होंने कहा, 'यह बेहद महत्वपूर्ण है कि यूरोप इस मामले में आगे रहे. हम समझते हैं कि हमारी धरती के लिए एक वास्तविक ख़तरा है - यह है जलवायु परिवर्तन. मेरी राय में हमने क़दम उठाए हैं और वित्तीय संकट इन्हें टालने का कोई बहाना नहीं है. इसके विपरीत हम इसे दोनों तरफ़ से फ़ायदेमंद बना सकते हैं. हम नए कार्यस्थान बना सकते हैं, हम भविष्य की कम कार्बन वाली अर्थनीति के लिए निवेश बढ़ा सकते हैं. '
यूरोपीय संघ के नेताओं की इस बैठक में वित्तीय संकट से निपटने के लिए यूरोपीय आयोग की योजना को स्वीकृति दी गई. इसके अनुसार आर्थिक क्षेत्र में सकल उत्पादन के लगभग 1.5 प्रतिशत तक निवेश किया जाएगा.
यूरोपीय संघ की नई नियमावली के लिए लिसबन में संपन्न संधि को आयरलैंड के मतदाताओं ने ठुकरा दिया था.इस सिलसिले में आयरलैंड के प्रधान मंत्री ब्रायान कोवेन ने एक रिपोर्ट पेश की कि कैसे फिर से मतदाताओं का विश्वास प्राप्त किया जा सकता है. इसके आधार पर यूरोपीय संघ के नेताओं ने वादा किया है कि कराधान, गर्भपात व राजनीतिक तटस्थता के मामलों में आयरलैंड की स्वतंत्रता का आदर किया जाएगा.