लश्कर ने दिया सैन्य प्रशिक्षण: हेडली
२६ जून २०११
शिकागो की एक अदालत में गवाही देते हुए हेडली ने कहा कि वह 2002 में लश्कर ए तैयबा की ट्रेनिंग में गया था. माना जाता है कि 2008 के मुंबई हमलों में इसी आतंकवादी गुट का हाथ था. हेडली ने कहा, "मैंने शुरुआत में एक धार्मिक कोर्स किया था. मैंने एक बुनियादी प्रशिक्षण लिया और साथ ही सैन्य ट्रेनिंग भी की. उसके बाद मैंने उच्च स्तर का एक और कोर्स किया. फिर मैंने जासूसी का कोर्स किया और फिर नेतृत्व के लिए खास प्रशिक्षण लिया. बस इतना ही." हेडली के मुताबिक सारे प्रशिक्षण का एक ही मकसद था- कश्मीर में लड़ाई लड़ना.
लश्कर ने दिया प्रशिक्षण
हेडली ने कहा कि लश्कर के लड़ाकों ने उसे "छोटे तकनीक" सिखाए जो "साधारण और छापामार युद्ध" में इस्तेमाल किए जा सकते थे. दोनों तरीके शहरों और गांवों में इस्तेमाल किए जा सकते थे औऱ यह भारतीय सेना को दिमाग में रख कर बनाए गए थे. जब वकील ने पूछा कि क्या हेडली इस लड़ाई में शामिल होना चाहता था, तो हेडली ने कहा, "हां. यह सही है." जब हेडली से जासूसी प्रशिक्षण के बारे में पूछा गया तो उसने कहा, "जासूसी का कोर्स...अलग था. ज्यादा ध्यान रहने पर दिया जाता था. लश्कर के कुछ सदस्य जो भारत में जा कर वहां रहते थे. यह उसी के लिए था." हेडली ने बताया कि लश्कर के सदस्यों का मकसद भारत में जाकर जगहों को ढूंढना और साथ ही समाज में कुछ अहम लोगों के बारे में जानकारी हासिल करना था. 2006 में हेडली की मुलाकात मेजर इकबाल से हुई. जब उससे पूछा गया कि वह इकबाल के पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई से संबंधों के बारे में कैसे जानता है तो उसने कहा कि मेजर इकबाल से उसकी मुलाकात लंदी कोटल में एक सेना केंटोनमेंट में हुई थी.
अमेरिकी सरकार का कर्मचारी था हेडली
डेविड हेडली ने मुंबई हमलों की साजिश में हिस्सा लेने के आरोप को पूरी तरह स्वीकार कर लिया है. उसने कहा कि वह अमेरिकी सरकार के ड्रग्स एन्फोर्समेंट डाइरेक्टोरेट डीईए के साथ खबरी का काम करता था और वह तभी लश्कर के प्रशिक्षण कैंप में गया था. 1999 में उसने पहली बार लश्कर की एक बैठक में हिस्सा लिया. 2000 के बाद हेडली लगातार लश्कर की बैठकों में हिस्सा लेता रहा. उसने वकीलों से कहा कि कश्मीर के लिए लड़ना उसके लिए सबसे अहम था. उसने माना है कि अमेरिका में 2001 सितंबर में हुए हमलों के बाद अमेरिकी खुफिया एजेंसी एफबीआई ने भी उससे पूछताछ की थी. लेकिन उस वक्त उसने एफबीआई को बताया कि वह अमेरिकी सरकार के साथ काम कर रहा है और मस्जिदों की तलाशी लेता है.
हेडली ने अगले ही साल डीईए के साथ काम करना बंद कर दिया. उसने अमेरिकी सरकार के साथ काम करने का बहाना बनाकर एफबीआई से अपने को बचाने की कोशिश की. हेडली की गवाही उसके दोस्त और मुंबई हमलों के साजिश में आरोपी तहव्वुर राना की सुनवाई के सिलसिले में हो रही है.
रिपोर्टः पीटीआई/एमजी
संपादनः महेश झा