विदेशी छात्रों के बीच फ्रांस से ज्यादा लोकप्रिय जर्मनी
१६ अगस्त २०१९
आंकड़े दिखा रहे हैं कि जर्मनी में पढ़ने आने वाले विदेशी छात्रों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है. जर्मनी ने इस मामले में फ्रांस को पीछे छोड़ दिया है.
तस्वीर: picture-alliance/imageBROKER/R. Kutter
विज्ञापन
जर्मनी की दो शैक्षणिक सेवाओं द्वारा किए गए अध्ययन में यह बात सामने आयी है कि विदेशी छात्रों के लिए अंग्रेजी बोलने वाले देश से इतर पढ़ाई करने के लिए जर्मनी सबसे लोकप्रिय देश बन गया है. वर्ष 2016 के डाटा के अनुसार छात्रों के बीच लोकप्रियता मामले में अमेरिका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया के बाद जर्मनी का स्थान है. जर्मनी ने गैर-अंग्रेजी भाषी देशों के बीच रैंकिंग के मामले में फ्रांस को पीछे छोड़ दिया है. आंकड़े जर्मनी के डीएएडी एकेडमिक एक्सचेंज सर्विस और विश्वविद्यालय तथा वैज्ञानिक अनुसंधान केंद्र डीजेडएचडब्लू दोनों के अध्ययन से प्राप्त किए गए हैं.
अध्ययन में पाया गया कि 2016 में करीब 2,50,000 वैसे छात्रों ने यहां के विश्वविद्यालय में नामांकन लिया, जिनकी स्कूल की पढ़ाई जर्मनी में नहीं हुई थी. दूसरे शब्दों में कहें तो ये विदेशी छात्र थे. यह आंकड़ा एक साल पहले से 16 हजार और फ्रांस से 6 हजार ज्यादा था. जर्मनी में विदेशी छात्रों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है. वर्ष 2017-18 के विंटर सेमेस्टर में 2,82,000 विदेशी छात्रों ने अपना रजिस्ट्रेशन करवाया.
जर्मनी के ये खास विश्वविद्यालय
ताजा रैंकिंग में दुनिया के 100 प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में जर्मनी के ये छह विश्वविद्यालय हैं. चोटी पर अमेरिका के हार्वर्ड, एमआईटी और स्टैनफर्ड हैं.
तस्वीर: picture-alliance/dpa
एलएमयू, म्यूनिख
म्यूनिख की एलएमयू जर्मन विश्वविद्यलयों में पहले नंबर पर है, हालांकि अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में उसका स्थान 42वां है. यह देश की सबसे पुरानी यूनिवर्सिटियों में एक है.
तस्वीर: picture-alliance/Sven Simon/F. Hörmann
हाइडेलबर्ग
जर्मन विश्वविद्यालयों में दूसरे नंबर पर हाइडेलबर्ग की यूनिवर्सिटी है. यह जर्मनी की सबसे पुरानी यूनिवर्सिटी है और भारत विद्या के लिए भी जानी जाती है. विश्व रैंकिंग में 51.
तस्वीर: picture-alliance/dpa/B. Wüstneck
हुम्बोल्ट, बर्लिन
तीसरे नंबर पर बर्लिन की हुम्बोल्ट यूनिवर्सिटी है. युद्ध और साम्यवादी शासन जैसे कई उतार चढ़ाव देख चुकी इस यूनिवर्सिटी को अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में 60वां स्थान मिला है.
तस्वीर: picture-alliance/dpa
फ्री यूनिवर्सिटी, बर्लिन
जर्मन राजधानी बर्लिन की एक और यूनिवर्सिटी फ्री यूनिवर्सिटी को भी दुनिया की चोटी के 70 विश्वविद्यालयों में जगह बनाने में कामयाबी मिली है.
तस्वीर: picture-alliance/dpa
टीयू, म्यूनिख
म्यूनिख की टेक्निकल यूनिवर्सिटी ने चोटी के 70 यूनिवर्सिटी में अपनी जगह बनाये रखी है. हालांकि एक साल पहले वह 51-60 के ग्रुप में थी. इस साल वह पीछे खिसकी है.
तस्वीर: Imago/Westend61
आरडब्ल्यूटीएच, आखेन
दुनिया के 100 सर्वोत्तम अंतरराष्ट्रीय शिक्षा संस्थानों में अपनी जगह बनाने वाली जर्मनी की आखिरी यूनिवर्सिटी आखेन की तकनीकी यूनिवर्सिटी है. यह इंजीनियरिंग के लिए प्रसिद्ध है.
तस्वीर: picture-alliance/dpa
6 तस्वीरें1 | 6
2016 में हुए एक अन्य अध्ययन में यह पाया गया कि कई छात्रों ने जर्मनी में शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर अपना नामांकन यहां करवाया. अंग्रेजी बोलने वाले देशों के विपरीत, जर्मनी में कोई ट्यूशन फीस नहीं है. जर्मनी के विश्वविद्यालयों में अमेरिका या ब्रिटेन के समकक्ष विश्वविद्यालयों की तुलना में रहने का खर्च काफी कम है.
शोध मंत्री आन्या कार्लिचेक ने संभावना जताई है कि विदेशी छात्रों के बीच जर्मनी तेजी से लोकप्रिय होगा. वे कहती हैं, हमें इस पर गर्व करना चाहिए. ये नतीजे हमें और बेहतर होने के लिए प्रेरित करते हैं.
बता दें कि जर्मनी में कई सारे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय हैं जो दुनिया के टॉप 100 में शामिल हैं. इनमें म्यूनिख की एलएमयू, हाइडेलबर्ग यूनिवर्सिटी, बर्लिन की हुम्बोल्ट यूनिवर्सिटी, बर्लिन की फ्री यूनिवर्सिटी, म्यूनिख की टेक्निकल यूनिवर्सिटी और आखेन यूनिवर्सिटी शामिल है.
विदेश में पढ़ाई का विचार आने पर आप अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा या फिर ऑस्ट्रेलिया के बारे में सोचते होंगे ना? जर्मनी के बारे में सोचिए, क्योंकि यह एक बेहतर विकल्प है.
तस्वीर: Leibnitz Universität in Hannover
कर्ज मुक्त पढ़ाई
जर्मनी में अंतरराष्ट्रीय स्टूडेंट्स के लिए भी उतनी ही फीस है जितनी स्थानीय छात्रों के लिए है. यूरोप के अंग्रेजी भाषी देशों और अमेरिका के मुकाबले तो यह बहुत कम है.
तस्वीर: picture-alliance/dpa/J.Woitas
उच्च गुणवत्ता
जर्मनी की किसी भी सरकारी यूनिवर्सिटी का स्तर दुनियाभर में अच्छा कहा जा सकता है. अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में इसके विश्वविद्यालय बहुत अच्छा स्थान पाते हैं.
तस्वीर: DW/L. Sanders
वजीफे
अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा या ऑस्ट्रेलिया में जब पढ़ाई के लिए छात्रवृत्ति मिलती है तो वह कुल फीस का कुछ फीसदी होती है. ज्यादा से ज्यादा 80 प्रतिशत. जर्मनी में चूंकि फीस ज्यादा नहीं है तो छात्रवृत्ति मिलने पर पढ़ाई ही नहीं, रहने खाने का खर्च भी निकल आता है.
तस्वीर: Universität Heidelberg
अंग्रेजी में पढ़ाई
जर्मनी में एक हजार से ज्यादा ऐसे कोर्स हैं जो अंग्रेजी में होते हैं. अंडरग्रैजुएट और ग्रैजुएट लेवल के ये कोर्स जर्मन भाषा की बाधा नहीं मानते इसलिए विदेशी छात्रों को मुश्किल नहीं होती.
तस्वीर: Klaus Lemke/SSC
जर्मन की पढ़ाई
अगर आप ऐसा कोर्स करना चाहते हैं जो अंग्रेजी में उपलब्ध नहीं है, तब भी यूनिवर्सिटी की ओर से जर्मन कोर्स उपलब्ध होते हैं जिनसे पढ़ाई आसान हो जाती है. साथ ही 'कवियों और फिलॉस्फरों' की भाषा सीखने का मौका भी मिलता है.
तस्वीर: DW/K. Safronova
हेल्थ इंश्योरेंस
जर्मनी में स्वास्थ्य बीमा आवश्यक है. यहां 80 यूरो महीना देकर छात्र फुल हेल्थ कवर पा सकते हैं. अंग्रेजी देशों के मुकाबले यह कुछ भी नहीं है.
तस्वीर: picture-alliance/dpa/P. Zinken
सस्ता और अच्छा यातायात
जर्मनी का पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम बहुत अच्छा और सस्ता है. यहां आपको अपनी निजी कार की जरूरत कभी महसूस नहीं होगी. और यूरोप के बीच में रहने से आप बाकी यूरोपीय देशों में भी आसानी से जा सकते हैं.
तस्वीर: imago/HRSchulz
रहना-खाना
जर्मनी में भी रहना बहुत सस्ता नहीं है लेकिन यदि आप कम खर्च में रहना चाहते हैं तो आपको बहुत सारे सस्ते और अच्छे विकल्प मिल सकते हैं.
तस्वीर: picture-alliance/dpa/H. Tittel
सोशल लाइफ
अंतरराष्ट्रीय स्टूडेंट्स का जर्मनी में लोग दिल से स्वागत करते हैं. यूनिवर्सिटी का माहौल युवाओं के लिए किसी मेले से कम नहीं होता. पढ़ाई के साथ साथ पार्टी और ढेर सारी गतिविधियों का केंद्र हैं विश्वविद्यालय.
तस्वीर: Imago/Horst Rudel
नौकरी के मौके
पोस्ट ग्रैजुएट लोगों के लिए जर्मनी में काम की कमी नहीं है, खासकर तकनीकी शिक्षा के बाद. जर्मनी कुशल विशेषज्ञों की कमी का सामना करने के लिए शिक्षा के बाद नौकरी की संभावना देता है.