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सीरियाः होम्स में घुसी सेना, दो लोगों की मौत

९ मई २०११

सीरिया की सेना के टैंक और सैनिकों की टुकड़ियां मुख्य शहर होम्स समेत कई दक्षिणी शहरों में घुस गईं और प्रदर्शनकारियों पर कहर बरपाया. इस अभियान में दो प्रदर्शनकारी मारे गए.

In this citizen journalism image made on a mobile phone and acquired by the AP, taken on Friday, May 6, 2011, Syrian anti-government protesters carry a banner during a rally in the central city of Homs, Syria. Syrian tanks rolled into Banias, a Mediterranean coastal town on Saturday May 7, 2011 in an escalating crackdown by President Bashar Assad, just a day after clashes with anti-government protesters that left at tens of people dead nationwide, activists said. (AP Photo)
तस्वीर: AP

बाथ पार्टी के दशकों लंबे शासन के अंत की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों को कुचलने के लिए सेना ने यह अभियान छेड़ा है. सरकारी समाचार एजेंसी ने कहा कि हथियारबंद गैंग ने होम्स के पास एक बस पर हमला कर दिया और लेबनान से लौट रहे 10 लोगों की हत्या कर दी. हथियारबंद गैंग शब्द का इस्तेमाल अधिकारी उन लोगों के लिए करते हैं जो राष्ट्रपति बशर अल असद के शासन के खिलाफ लड़ना चाहते हैं.

तस्वीर: AP

होम्स में सेना का कहर

सीरिया के तीसरे सबसे बड़े शहर होम्स में सेना ने मशीनगन से गोलियां चलाईं. 10 लाख बाशिंदों वाले शहर के कुछ लोगों ने गोले दागे जाने की आवाज सुनने का भी दावा किया. एक चश्मदीद ने कहा कि सुरक्षाबलों ने पूर्वी शहर दायर अल जोर में रात को रैली के दौरान प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी की जिसमें कम से कम दो लोगों की मौत हो गई.

सीरिया में मानवाधिकारों के लिए काम करने वाली संस्था सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स के मुताबिक टैंकों और सैनिकों ने होम्स के बाब सेबा, बाब अमरो और ताल अल सोर जिलों में चढ़ाई की जिसमें कम से कम एक नागरिक और 12 साल के एक बच्चे की मौत हो गई.

बिजली फोन ठप्प

संस्था ने एक बयान जारी कर बताया, "कल से ही ये इलाके पूरी तरह सेना के कब्जे में हैं. वहां मारे गए या घायल हुए लोगों की संख्या को लेकर कोई बात बाहर नहीं आने दी जा रही है. दूरसंचार और बिजली व्यवस्था को बार बार काटा जा रहा है."

एक मानवाधिकार कार्यकर्ता ने टेलीफोन पर बताया, "कुछ और मौतों की भी सूचना मिली है लेकिन अभी पक्के तौर पर नहीं कहा जा सकता. मैं अपने घर से बाहर नहीं निकल पा रहा हूं. सुरक्षाबल हर जगह हैं."

सीरिया में डेरा शहर में 18 मार्च से लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शन शुरू हुए. जल्दी ही ये प्रदर्शन देश के दूसरे शहरों तक भी फैल गए. प्रदर्शनकारी ज्यादा राजनीतिक आजादी की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि राष्ट्रपति बशर अल असद सत्ता छोड़ें और देश को भ्रष्टाचार से मुक्ति दिलाई जाए.

रिपोर्टः एजेंसियां/वी कुमार

संपादनः उभ

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