जर्मनी में पकड़ा गया सीरियाई शरणार्थी बर्लिन एयरपोर्ट पर आतंकी हमला करने की फिराक में था. उसे पकड़ने में सीरियाई युवकों ने अहम भूमिका निभाई.
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22 साल के जाबेर ए को लाइपजिग शहर में गिरफ्तार किया गया. जर्मनी की घरेलू खुफिया एजेंसी के प्रमुख के मुताबिक जाबेर इस्लामिक स्टेट के नाम पर एयरपोर्ट पर धमाका करना चाहता था. जर्मनी की सरकारी प्रसारण सेवा एआरडी से बात करते हुए खुफिया सेवा के प्रमुख हंस-गेयोर्ग मासेन ने कहा, "हमें सूचना मिली कि वह जर्मनी में ट्रेनों पर हमले की योजना बना रहा है. बाद में योजना और खास हुई और दिशा बर्लिन के एयरपोर्टों की तरफ मुड़ी."
पुलिस जाबेर पर नजर रखे हुए थी. शुक्रवार को पुलिस ने केमनित्स शहर में रह रहे जाबेर के अपार्टमेंट पर छापा मारा. असल में छापे से पहले जाबेर वन-यूरो स्टोर में गया और वहां उसे गोंद खरीदते हुए देखा गया. मासेन के मुताबिक, "हमें लगता है कि वह बम बनाने के जरूरी आखिरी रसायन था, जिसकी उसे जरूरत पड़ी." अपार्टमेंट में पुलिस को खतरनाक रसायन भी मिले. पेरिस और ब्रसेल्स में हुए धमाकों में जिस तरह के विस्फोटक इस्तेमाल किये गए, उन्हीं से मिलती जुलती चीजें जाबेर के घर से मिलीं. वहां डेढ़ किलो विस्फोटक मिला. लेकिन छापे के दौरान जाबेर पुलिस को चकमा देकर भाग निकला.
बर्लिन एयरपोर्ट पर हमले की योजना बना रहा था संदिग्धतस्वीर: Getty Images/C. Bilan
ड्रेसडेन शहर में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सैक्सोनी प्रांत के पुलिस के प्रमुख यॉर्ग मिषाएलिस ने कहा कि विस्फोटक "तकरीबन तैयार या फिर इस्तेमाल के लिए रेडी थे." वहीं जर्मनी के आंतरिक मामलों के मंत्री थोमास दे मेजियर के मुताबिक, "आज हम जो कुछ जानते हैं उनके हिसाब से, केमनित्स की तैयारी पेरिस और ब्रसेल्स हमले की तैयारियों जैसी है."
जाबेर के पकड़ने में लाइपजिग में रह रहे सीरियाई युवकों ने अहम भूमिका निभाई. असल में सोमवार को एक सीरियाई युवक पुलिस के पास गया. उसने स्मार्टफोन पर पुलिस को जाबेर की तस्वीर दिखाई और बताया कि उसके रूम पार्टनरों ने उसे पकड़ा है.
जर्मनी के बिल्ड त्साइटुंग अखबार के मुताबिक केमनित्स से भागे जाबेर ने 80 किलोमीटर दूर लाइपजिग में रह रहे सीरियाई युवकों से संपर्क किया. वह आनन फानन में घर खोज रहा था. इसी दौरान एक रूम पार्टनर ने उसे पहचान लिया और कमरे में बंद कर दिया. एक सीरियाई युवक के मुताबिक, जाबेर ने उन्हें पैसे का लालच भी दिया. जर्मनी के एक टीवी चैनल से बात करते हुए मोहम्मद ए ने कहा, "हमने उससे कहा: तुम जितना चाहे उतना दे सकते हो, लेकिन हम तुम्हें जाने नहीं देंगे."
जाबेर को कैद करने के बाद सीरियाई युवकों ने पुलिस को फोन भी किया, लेकिन पुलिस अफसर उनकी बात समझ नहीं पाए. इसके बाद मोहम्मद से पुलिस स्टेशन जाने का फैसला किया. मोहम्मद को जाबेर पर बड़ा गुस्सा आया, "मुझे उस पर बहुत गुस्सा आया. मैं यह स्वीकार नहीं कर सकता हूं कि कोई ऐसा करे, खासकर यहां जर्मनी में, एक देश जिसने हमारे लिये अपने दरवाजे खोले."
हैरानी इस बात पर भी हो रही है कि जाबेर जर्मनी में शरण की अर्जी देने में कैसे सफल हुआ. उसे मकान किराये पर देने वाला सीरियाई शख्स भी हिरासत में है. जर्मन सरकार में शामिल पार्टी, क्रिश्चियन सोशल यूनियन ने शरणार्थियों के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया की दोबारा समीक्षा करने की मांग की है. जर्मनी में बीते साल 8,90,000 शरणार्थी आए. इनमें से ज्यादातर सीरिया, इराक और अफगानिस्तान से आए.
(कौन कौन से देश हैं आतंकियों की जद में)
आतंकी हमलों की जद में देश
विजन ऑफ ह्यूमैनिटी संस्था की रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया भर में 2000 से अब तक आतंकवाद के कारण होने वाली मौतों की संख्या पांच गुना बढ़ी है. दुनिया के कौन से देश आतंकी घटनाओं के सबसे ज्यादा शिकार हैं, एक नजर...
तस्वीर: picture-alliance/dpa/S. Suna
1. इराक
साल 2014 के आंकड़ों पर आधारित ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स के मुताबिक इराक आतंकी गतिविधियों में सबसे आगे हैं. 2014 में इराक में 3370 आतंकी हमले हुए जिनमें करीब 10,000 लोग मारे गए और 15,000 के करीब घायल हुए.
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2. अफगानिस्तान
दूसरे स्थान पर है अफगानिस्तान. 2014 में अफगानिस्तान में हुए आतंकी हमलों में 4500 लोग मारे गए और 4700 जख्मी हुए. अफगानिस्तान से अंतरराष्ट्रीय शांति सैनिकों के हटाए जाने के बाद भी वहां तालिबान का साया बरकरार है. बीते दिनों कुंदुस में हुए हमलों में बड़ी संख्या में नागरिक मारे गए.
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3. नाइजीरिया
नाइजीरिया में आतंकवादी समूह बोको हराम के 662 हमलों में 7512 लोग मारे गए. इन हमलों में 22,000 लोग घायल हुए. विजन ऑफ ह्यूमैनिटी की रिपोर्ट के मुताबिक बोको हराम के हमलों में मारे जाने वाले 77 फीसदी लोग निहत्थे नागरिक थे.
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4. पाकिस्तान
पाकिस्तान में 2014 में आतंकवाद संबंधी 1821 घटनाएं हुईं. इनमें 1760 लोग मारे गए और 2836 घायल हुए. पाकिस्तान में कई आतंकवादी संगठन सक्रिय हैं लेकिन प्रमुख है तहरीक ए तालिबान. पेशावर में स्कूल पर हुए हमले की जिम्मेदारी भी इसी ने ली थी जिसमें 132 स्कूली छात्र मारे गए.
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5. सीरिया
सीरिया में आतंकवाद और गृह युद्ध के शिकार लोगों के बीच अंतर करना आसान नहीं है. विजन ऑफ ह्यूमैनिटी संस्था की रिपोर्ट के मुताबिक सीरिया में 2014 में 232 आतंकवादी हमले हुए जिनमें मुख्य हाथ इस्लामिक स्टेट और अल नुसरा मोर्चे का था.
तस्वीर: Getty Images/AFP/Y. Akgul
6. भारत
2008 के मुंबई हमले के बाद ऐसा माना जाता है कि भारत में कोई बड़ी आतंकवादी घटना नहीं हुई, लेकिन विजन ऑफ ह्यूमैनिटी की रिपोर्ट के मुताबिक 2014 में भारत में 763 आतंकी घटनाएं हुईं जिनमें 416 लोग मारे गए. इनमें ज्यादातर साम्यवादियों, इस्लामी कट्टरपंथियों और अलगाववादियों का हाथ था. पिछले साल माओवादियों ने हमला कर पुलिस और सुरक्षा बल के 22 जवानों की हत्या कर दी.
तस्वीर: AP
7. यमन
कुल 512 आतंकी हमलों के साथ 2014 यमन के लिए एक बुरा साल रहा. इन घटनाओं में 654 लोग मारे गए. यमन में इन हमलों के लिए अल कायदा और हूथी विद्रोही जिम्मेदार हैं. यमन में अल कायदा एकमात्र ऐसा संगठन है जो आत्मघाती हमले करता है.
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8. सोमालिया
2014 सोमालिया के लिए आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सबसे ज्यादा खूनखराबे वाला साल था. 469 आतंकी घटनाओं में करीब 800 लोग मारे गए. अफ्रीकी देश में अल शबाब आतंकवादी समूह सबसे बड़ा खतरा है.
तस्वीर: Getty Images/AFP/M. Abdiwahab
9. लीबिया
लीबिया में 2014 में आतंकी गतिविधियों में अचानक 225 फीसदी तेजी आई. 554 आतंकी हमलों में 429 लोगों ने जान गंवा दी. लीबिया में कई आतंकी समूह सक्रिय हैं जिनमें एक इस्लामिक स्टेट भी है.
तस्वीर: Reuters/E.O. Al-Fetori
10. थाईलैंड
2014 में थाईलैंड में 336 आतंकी घटनाएं हुईं जिनमें 156 लोग मारे गए. ज्यादातर घटनाएं दक्षिणी इलाकों में हुईं जहां मलय मुसलमानों का सरकारी बलों के खिलाफ संघर्ष जारी है. थाईलैंड में होने वाले 60 फीसदी आतंकी हमले बम धमाकों के रूप में हुए.