हार्ट ट्रांसप्लांट पुरानी बात हो चुकी है लेकिन एक स्वस्थ हृदय के इंतजार में मरीज कई साल गुजार देते हैं. जर्मनी में जितने दिल डोनेट होते हैं, उसके तीन गुना ज्यादा मरीज ट्रांसप्लांट का इंतजार करते हैं. लेकिन अब एक आर्टिफिशियल हार्ट बनाया गया है और हो सकता है कि आने वाले सालों में यह कई लोगों को बचा सके.
ईबोला अफ्रीका के साथ साथ यूरोप और अमेरिका तक पहुंच गया है और सरकारें अपने देशों को वायरस से जूझने के लिए तैयार कर रही हैं. जर्मनी के कुछ वैज्ञानिकों ने मिल कर ईबोला के टेस्ट विकसित किये हैं, जो दस मिनट में बता देंगीं कि मरीज को ईबोला है कि नहीं.
पर्यावरण
महासागरों में पानी की सतह के नीचे क्या होता है. कई लोग इस बारे में सोचते ही डर से कांपने लगते हैं. किसे पता, कब कौन सा खतरनाक जानवर किस कोने से हमला करे. बेल्जियम के जां मारी गीलें को इसे बात का डर था लेकिन फिर इस फोटोग्राफर ने खतरनाक शार्क मछलियों की तस्वीरें लेने की ठानी.
जीवनशैली
आपने कभी सब्जी मंडी बंद हो जाने के बाद वहां जा कर देखा है कि चारों तरफ कितनी फल सब्जियां बर्बाद हो रही होती हैं. सुपरमार्केट में भी यही हाल है. कोपनहेगन के एक रेस्तरां ने इस बर्बादी को खत्म करने के काफी शानदार प्रयास किए हैं.
दिल्ली में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स की आतिशबाजी में सब कुछ इतना परफेक्ट था जैसे संगीत की लय पर रोशनी थिरक रही हो. इस परफेक्शन के लिए बहुत लंबी प्लानिंग और प्रोग्रामिंग की जरूरत पड़ती है. जानने के लिए देखना न भूलें मंथन शनिवार सुबह 11 बजे, डीडी नेशनल पर.
दिल में उठते दर्द पर कई गाने बनें हैं, इसे प्यार का संकेत माना जाता है, लेकिन जनाब ध्यान दें, कहीं यह दर्द आपको महंगा ना पड़ जाए.
तस्वीर: picture-alliance/dpaदिल में उठते दर्द पर कई गाने बनें हैं, इसे प्यार का संकेत माना जाता है, लेकिन जनाब ध्यान दें, कहीं यह दर्द आपको महंगा ना पड़ जाए
तस्वीर: Fotolia/Petairमुट्ठी भर का दिल हर मिनट करीब 70 बार धक धक करता है और दिन भर में कम से कम 10,000 लीटर खून पंप कर पूरे शरीर में पहुंचाता है. वह भी सारा जीवन.
हमारा दिल दो पंपों से बना है. दाहिना हिस्सा फेफड़े तक खून पहुंचाता है, जहां उसे ऑक्सीजन मिलता है. बायां हिस्सा उतना ही खून शरीर की धमनियों में डालता है.
तस्वीर: picture-alliance/dpaहर हिस्से का एक एट्रियम होता है और एक चैंबर. रक्त प्रवाह एक ही ओर होता है. दाहिने, बाएं आलिंद, निलय और धमनियों के बीच बना वॉल्व उसे वापस आने से रोकता है.
तस्वीर: picture alliance/chromorangeदिल दरअसल मांसपेशी मात्र है, लेकिन एक विशेष तरह की. वह पैर और बांह की मांशपेशियों जैसा होता है. उसी तरह काम करता है लेकिन एक दूसरे से जुड़ा होता है और थकता नहीं.
तस्वीर: Fotoliaदिल की धड़कन को आप रोक नहीं सकते, क्योंकि वह स्नायु से नहीं चलता. विशेष मांसपेशियां नियमित रूप से करंट पैदा करती है जिसके कारण दिल फैलता और सिकुड़ता है. ऐसा न होने पर कृत्रिम दिल लगाना पड़ता है.
तस्वीर: picture-alliance/dpaदिल की धड़कन सामान्य न हो तो उसे आराम नहीं मिलता. तनाव में होने पर डिफीब्रिलेटर की मदद से उसकी उत्तेजना तोड़ी जाती है ताकि वह फिर से शरीर में खून पंप कर सके.
तस्वीर: Fotolia/Robert Kneschkeमरीज का दिल बहुत धीरे धड़कता हो तो कृत्रिम पेसमेकर से मदद मिलती है. 1958 में पहली बार पेसमेकर लगाया गया. वह करंट पैदा करता है और दिल की मांसपेशियों तक पहुंचाता है.
तस्वीर: picture-alliance/dpaओपन हर्ट सर्जरी के लिए दिल को रोक देना पड़ता है. 50 के दशक में डॉक्टरों ने लाइफ सपोर्ट सिस्टम का आविष्कार किया जो ऑपरेशन के दौरान दिल और फेफड़े का काम संभालता है.
तस्वीर: picture-alliance/dpaआधुनिक चिकित्सा में सीना खोले बिना दिल की जांच या ऑपरेशन संभव है. डॉक्टर धमनी से होकर कैथेटर दिल तक ले जाता हैं और कंट्रास्ट एजेंट डालकर दिल का टेस्ट करते हैं.
दिल का वॉल्व खराब हो जाए तो नया लगाना पड़ता है. इसके लिए सूअर का या धातु का कृत्रिम वॉल्व उपलब्ध है. अब फोल्डिंग वॉल्व बन गये हैं जिन्हें कैथेटर के जरिए लगाया जाता है.
तस्वीर: picture-alliance/dpaकोरोनरी नसें दिल की मांसपेशियों तक रक्त यानि खाना और ऑक्सीजन पहुंचाती है. कोई नस बंद हो जाए तो मांसपेशियां मर जाती हैं. बाइपास सर्जरी से रक्त प्रवाह को ठीक रखा जाता है.
तस्वीर: Fotolia/Arcadyयदि दिल में खून पहुंचाने वाली नसें बंद हों तो डॉक्टर कैथेटर के जरिए वहां स्टेंट डाल कर बंद हिस्से को खोल देते हैं. धातु का यह खोल धमनी में सामान्य रक्त प्रवाह को संभव बनाता है.
तस्वीर: picture alliance/dpaशोधकर्ता प्लास्टिक का दिल बना रहे हैं जिसे शरीर में लगाया जा सके. इसका बछड़े पर सफल टेस्ट हुआ है, लेकिन शरीर के जादुई अंग को प्लास्टिक से बदलना इतना आसान नहीं.
तस्वीर: picture-alliance/dpaपहला हार्ट ट्रांसप्लांटेशन 1967 में हुआ. अब तो यह आम बात हो गई है. हर साल दुनिया भर में हृदय दान करने वालों से मिले हजारों दिलों को नया शरीर मिलता है. नई जिंदगी.
तस्वीर: picture-alliance/dpaदान में मिलने वाले दिल बहुत कम हैं. अगर दिल ठीक से काम नहीं कर रहा है तो मदद के लिए कृत्रिम दिल भी हैं. अपना दिल शरीर में रहता है और उसकी मदद एक पंप से होती है.
तस्वीर: picture-alliance/dpa/dpawebअपने दिल का ख्याल रखें, नियमित रूप से टेस्ट कराएं और दिल में उठते दर्द को हरगिज नजरअंदाज ना करें.
तस्वीर: picture-alliance/dpa