लाइफस्टाइलभारतकैसे बुजुर्गों का सहारा बनी यह सामुदायिक रसोई06:07This browser does not support the video element.लाइफस्टाइलभारत29.09.2026२९ सितम्बर २०२६गुजरात के चंदनकी गांव में युवाओं के शहरों की ओर पलायन के बाद अकेले रह गए बुजुर्गों के लिए 'सामुदायिक रसोई' उम्मीद और सामाजिक जुड़ाव की एक अनोखी किरण बनकर उभरी है. लिंक कॉपी करेंविज्ञापन