अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने एक्स पर लिखा है कि बीते शुक्रवार को पक्तिका प्रांत में पाकिस्तान की एयरस्ट्राइक में उनके तीन क्रिकेटरों की मौत हो गई है.
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच चल रहे सीमा तनाव में अब तक कम से कम 37 लोगों की जान जा चुकी है. दोनों देश दोहा में इस मसले पर बातचीत करने के लिए राजी हुए हैं.तस्वीर: Sanaullah Seiam/AFP
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पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच चल रहे संघर्ष में अफगानिस्तान के तीन स्थानीय क्रिकेटरों की मौत हुई है. अफगानिस्तान के क्रिकेट बोर्ड ने इस बात की जानकारी देते हुए कहा कि बीते शुक्रवार को पक्तिका प्रांत में पाकिस्तान की एयस्ट्राइक में इन तीन खिलाड़ियों की जान चली गई. एक्स पर बोर्ड ने लिखा कि इस हमले में क्रिकेटर कबीर, सिबगतुल्लाह और हारुन समेत कुल 17 नागरिकों की जान गई है. इसके साथ ही इस एयरस्ट्राइक में कुछ बच्चों समेत कुल 16 लोग घायल भी हुए हैं. 48 घंटों के संघर्षविराम के एलान के बावजूद पाकिस्तान की ओर से यह एयरस्ट्राइक की गई.
ये खिलाड़ी पक्तिका प्रांत के शराना जिले में एक स्थानीय मैच में हिस्सा लेने गए थे. वहां से लौटने के दौरान वे एक घर में स्थानीय लोगों के साथ इकट्ठा थे, जिसे एयरस्ट्राइक में निशाना बनाया गया. हमले की निंदा करते हुए बोर्ड ने नवंबर में पाकिस्तान के साथ होने वाली त्रिकोणीय टी20 सिरीज से हटने का फैसला लिया है. यह सीरीज पाकिस्तान, श्रीलंका और अफगानिस्तान के बीच होनी थी.
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क्रिकेटरों की मौत से सदमे में अफगानिस्तान क्रिकेट टीम
इस हमले की अफगानिस्तान नेशनल टीम के क्रिकेटरों ने भी निंदा की है. टीम के कप्तान राशिद खान ने इस हमले को अनैतिक और बर्बर बताते हुए एक्स पर लिखा कि वे पाकिस्तान की एयरस्ट्राइक में हुई नागरिकों की मौत से बेहद दुखी हैं. साथ ही उन्होंने लिखा कि इस त्रासदी में महिलाओं, बच्चों और युवा क्रिकेटरों की जान गई जो अपने देश का अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रतिनिधित्व करने का सपना देख रहे थे. उन्होंने अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड के सीरीज से हटने के फैसले की भी सराहना की.
टीम के एक और खिलाड़ी मोहम्मद नबी ने कहा कि यह घटना ना सिर्फ पक्तिका प्रांत के लिए बल्कि पूरे देश और अफगानिस्तान के पूरे क्रिकेट परिवार के लिए एक त्रासदी है. अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार फाउंडेशन ने भी इस हमले की निंदा की है. साथ ही दूसरे अंतरराष्ट्रीय संगठनों से अपील की है कि वे इस घटना और अफगानिस्तान में स्थानीय लोगों के खिलाफ जारी हिंसा की जांच करें.
सौर ऊर्जा बनी बिजली कटौती से परेशान लोगों की मददगार
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"कहां जाकर रुकेगा संघर्ष"
अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र मिशन (यूएनएएमए) के मुताबिक पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच चल रहे सीमा तनाव में अब तक 37 आम नागरिकों की मौत हुई है और करीब 425 घायल हुए हैं. इनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं. बढ़ते तनाव के बीच तालिबान के रक्षा मंत्री और इंटेलिजेंस प्रमुख के नेतृत्व में वरिष्ठ नेताओं का एक दल शनिवार को पाकिस्तानी अधिकारियों से बातचीत करने कतर की राजधानी दोहा पहुंचा. इस बैठक की पुष्टि दोनों ही देशों की सरकारों की तरफ से की जा चुकी है. पाकिस्तान की ओर से इस बैठक में इंटेलिजेंस प्रमुख जनरल आसिम मलिक और रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ हिस्सा लेगें.
पाकिस्तान-अफगानिस्तान संघर्ष पर क्या बोले ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने भी इस मामले पर टिप्पणी करते हुए कहा कि उनके लिए इस विवाद को सुलझाना एक आसान काम है. इस साल मई में भारत पाकिस्तान संघर्ष को सुलझाने का एक बार फिर श्रेय लेने के बाद उन्होंने कहा, "मैं जानता हूं कि पाकिस्तान-अफगानिस्तान पर हमले कर रहा है. इस संघर्ष को सुलझाना मेरे लिए आसान है. इस बीच मुझे अमेरिका को भी चलाना है, लेकिन मुझे युद्ध सुलझाना पसंद है."
"मैं नोबेल पुरस्कार का हकदार": ट्रंप ने किन उपलब्धियों के दम पर किया दावा
डॉनल्ड ट्रंप दुनिया भर में जारी संघर्षों को रुकवाने का दावा करके खुद को नोबेल शांति पुरस्कार की कतार में सबसे आगे देखना चाहते हैं. लेकिन वो कौन से संघर्ष विराम हैं, जिनके दम पर ट्रंप नोबेल हासिल करना चाहते हैं.
तस्वीर: Samuel Corum/MediaPunch/IMAGO
अर्मेनिया-अजरबैजान संघर्ष
पूर्वी यूरोप और पश्चिमी एशिया के बीच पहाड़ी इलाके में स्थित अर्मेनिया और अजरबैजान के बीच पिछले 35 सालों से नागोर्नो-काराबाख के इलाके को लेकर संघर्ष चल रहा था. इस साल अगस्त में ट्रंप ने दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्षों के साथ बैठक कर शांति समझौते पर हस्ताक्षर करवाए. शांति समझौते के बाद दोनों देशों ने ट्रंप के लिए नोबेल पुरस्कार की वकालत की.
तस्वीर: Daniel Torok/White House/SIPA/picture alliance
कांगो और रवांडा संघर्ष
मध्य और पूर्वी अफ्रीका में मौजूद डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो और रवांडा के बीच 1990 से जारी संघर्ष जून 2025 में, अमेरिकी मध्यस्थता के बाद समाप्त होने का दावा किया गया. संयुक्त राष्ट्र ने भी इस समझौते को शांति और स्थिरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया. नोबेल का दावा करते समय ट्रंप इस संघर्ष विराम को भी गिनती में शामिल करते हैं भले ही संघर्ष दोबारा शुरु हो गया है.
तस्वीर: Andrew Caballero-Reynolds/AFP/Getty Images
इस्राएल-ईरान संघर्ष
24 जून, 2025 को ट्रंप ने इस्राएल और ईरान के बीच पूर्ण युद्धविराम की घोषणा की. दोनों देशों के बीच 12 दिनों तक चले संघर्ष के दौरान इस्राएल ने 'ऑपरेशन लॉयन' के तहत ईरान के सैन्य और परमाणु केंद्रों पर हमले किए थे. संघर्ष विराम से दो दिन पहले अमेरिका ने ईरान के परमाणु केंद्रों पर बमबारी की थी. फिलहाल इस संघर्ष का व्यापक हल नहीं मिल पाया है.
तस्वीर: Saul Loeb/AFP/Getty Images
भारत-पाकिस्तान संघर्ष
पहलगाम में हुए हमले के बाद भारत और पाकिस्तान की सेनाओं के बीच मई में करीब चार दिन तक संघर्ष चला था. राष्ट्रपति ट्रंप ने कई बार सार्वजनिक मंचों से यह दावा किया कि उन्होंने एक लंबी बातचीत के बाद इस संघर्ष को खत्म कराया. पाकिस्तान ने भी ट्रंप के इस दावे का समर्थन किया और आधिकारिक तौर पर ट्रंप के लिए नोबेल पुरस्कार की वकालत की. हालांकि, भारत इस संघर्ष विराम में अमेरिकी भूमिका को नकार चुका है.
एक प्राचीन हिंदू मंदिर को लेकर शुरू हुआ विवाद जुलाई में तब भीषण संघर्ष में बदल गया जब थाईलैंड ने कंबोडियाई सैन्य ठिकानों पर हमला करने के लिए लड़ाकू विमान तैनात कर दिए. कई दिनों तक चले संघर्ष के बाद मलेशिया की मध्यस्थता से युद्धविराम हुआ. ट्रंप ने इस युद्ध को भी रोकने का श्रेय लिया क्योंकि उन्होंने दोनों देशों के साथ व्यापार खत्म करने की धमकी दी थी.
तस्वीर: Mohd Rasfan/REUTERS
इथियोपिया-मिस्र जल विवाद
इथियोपिया और मिस्र के बीच नील नदी पर इथियोपिया द्वारा बनाए जा रहे बांध और उसके पानी को लेकर विवाद है. मिस्र अपनी 97 फीसदी पानी से जुड़ी जरूरतों के लिए नील नदी पर निर्भर है. ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल में इथियोपिया और मिस्र के बीच संघर्ष को सुलझाने का दावा किया था, लेकिन यह दावा सटीक नहीं है क्योंकि इसमें कोई सक्रिय संघर्ष शामिल नहीं था.
तस्वीर: Luis Tato/AFP/Getty Images
सर्बिया-कोसोवो आर्थिक सामान्यीकरण
दक्षिण-पूर्वी यूरोप में स्थित सर्बिया और कोसोवो के बीच विवाद कोसोव के स्वतंत्र देश के दर्जे को लेकर है. दोनों देशों के बीच संघर्ष की असल वजह उत्तरी कोसोवो में सर्ब समुदाय और अल्बानियाई लोगों के बीच जारी विवाद है. दोनों देशों के बीच यह विवाद आज भी जारी है लेकिन ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल में दोनों देशों के बीच एक आर्थिक सामान्यीकरण समझौते में मध्यस्थता की थी.
तस्वीर: Office of the Kosovo presidency
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बीते 16 अक्टूबर को पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि अगर तालिबान अफगानिस्तान की मांग पूरी करेगा तो अस्थायी युद्धविराम संधि को आगे बढ़ाया जा सकता है. पाकिस्तान चाहता है कि अफगानिस्तान पाकिस्तानी तालिबान को पूरी तरह खत्म कर दे और उनका इस्तेमाल पाकिस्तान पर हमले के लिए ना करे. जबकि अफगानिस्तान लगातार इस बात से इनकार करता आया है कि पाकिस्तानी तालिबान उनकी जमीन से अपने ऑपरेशन चला रहा है.
पाकिस्तान: टूट रही अफगान शरणार्थियों की अमेरिका जाने की आस