फ्लाईदुबई के को-पायलट पर 'चरमपंथी' होने का था आरोप
३ अक्टूबर २०२६
बीते दिनों दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की एक फ्लाइट में को-पायलट ने कॉकपिट में रखी कुल्हाड़ी से कप्तान पर जानलेवा हमला कर दिया और विमान को क्रैश करने की कोशिश की. यूएई के जांचकर्ताओं ने इसे एक 'आतंकी हमला' बताया है. मामले की जानकारी रखने वाले तीन अधिकारियों ने नाम ना छापने की शर्त पर बताया कि हमलावर को-पायलट की पहचान हम्माम अल-हम्मामी के रूप में हुई है, जो ओमान का नागरिक है.
एक क्षेत्रीय अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि अल-हम्मामी को उसके कथित 'चरमपंथी विचारों' को लेकर ओमान ने पहले ही विमान उड़ाने से रोक दिया था. इसके बाद उसे ओमान एयर में एक प्रशासनिक काम दे दिया गया. बाद में उसे यूएई की एयरलाइन 'फ्लाईदुबई' ने नौकरी पर रख लिया.
हवा में कैसे बची 182 लोगों की जान?
विमान में आपातकालीन स्थिति के लिए कॉकपिट में एक कुल्हाड़ी रखी जाती है. को-पायलट ने इसी कुल्हाड़ी से कप्तान पर जानलेवा हमला किया. बुरी तरह घायल होने के बावजूद कप्तान ने अपनी बची-खुची ताकत का इस्तेमाल करते हुए कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया. बाहर यात्रियों की चीख-पुकार मची हुई थी और कुछ लोगों को असामान्य आवाजों से पहले ही शक हो गया था. दरवाजा खुलते ही उन्होंने अंदर घुसकर को-पायलट को दबोच लिया.
विमान इतनी तेजी से नीचे जा रहा था कि उसके रडर (विमान का एक हिस्सा) का कुछ हिस्सा टूटकर अलग हो गया. एविएशन एक्सपर्ट्स भी हैरान हैं कि यह विमान क्रैश होने से कैसे बच गया. इसके बाद विमान की सऊदी अरब में इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई.
एक पश्चिमी और खाड़ी देश के राजनयिक ने बताया कि नौकरी से पहले को-पायलट की सामान्य सुरक्षा जांच की गई थी. हालांकि, यह जांच सिर्फ क्रिमिनल रिकॉर्ड तक सीमित थी और इसमें कट्टरपंथ की ओर उसके झुकाव को नहीं परखा गया था.
यूएई की सरकारी न्यूज एजेंसी 'डब्ल्यूएएम' के मुताबिक, जांचकर्ताओं ने इस घटना को एक 'आतंकी हमला' करार दिया है. यूएई के राष्ट्रपति के सलाहकार अनवर गर्गश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि यह ताजा आतंकी अभियान दिखाता है कि मध्य पूर्व क्षेत्र में "चरमपंथ के खिलाफ हमारी लड़ाई अभी भी जारी है.
इस्राएल के प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतन्याहू ने गुरुवार को एक वीडियो बयान में कहा कि उन्हें पता है कि को-पायलट ने "इस्लामिक कट्टरपंथी विचारधारा" अपनाई थी और वह विमान को क्रैश करना चाहता था. उन्होंने कहा कि यह भी देखा जा रहा है कि क्या वह किसी के इशारे पर काम कर रहा था. नेतन्याहू ने चेतावनी दी कि जो भी इसमें शामिल होगा, उसे इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी.
क्या किसी चरमपंथी समूह से है संबंध?
इस पूरे मामले की जांच यूएई कर रहा है, जिसने इसे एक "आतंकी हमला" बताया है. चार क्षेत्रीय देशों की सुरक्षा एजेंसियां अमेरिका और पश्चिमी देशों की मदद से इसके पीछे के मकसद का पता लगाने में जुटी हैं. एक खाड़ी देश के राजनयिक के मुताबिक, यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि को-पायलट ने यह सब अकेले किया या उसका किसी चरमपंथी समूह से कोई संबंध है.
अल-हम्मामी का जन्म यूएई में हुआ था और उसकी मां सीरियाई हैं. उसने ओमान की नागरिकता कैसे हासिल की, यह फिलहाल साफ नहीं हो पाया है. घटना वाले दिन ही उसका इंस्टाग्राम अकाउंट डिलीट कर दिया गया था.
यह घटना इस्राएल के लिए बेहद संवेदनशील समय पर हुई है. यह 7 अक्टूबर, 2023 को हुए हमास के हमले की बरसी से ठीक एक हफ्ता पहले और वहां होने वाले चुनावों से पहले घटी है. फिलहाल घायल कप्तान और हमलावर को-पायलट दोनों को यूएई ले जाया गया है, जबकि ज्यादातर इस्राएली यात्रियों को बुधवार को ही एक अन्य विमान से सुरक्षित उनके घर भेज दिया गया.