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पत्रकार राणा अय्यूब का न्यायिक उत्पीड़न बंद करे भारतः यूएन

२२ फ़रवरी २०२२

संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार आयुक्त ने भारत सरकार पर पत्रकार राणा अय्यूब का न्यायिक उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है. एक ट्वीट कर यूएन की संस्था ने अय्यूब की सुरक्षा की अपील की है.

भारतीय पत्रकार और लेखिका राणा अय्यूब
भारतीय पत्रकार और लेखिका राणा अय्यूबतस्वीर: Chandan Khanna/Getty Images/AFP

संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकारों के लिए काम करने वाली संस्था यूएनएचआर ने भारतीय पत्रकार राणा अय्यूब के खिलाफ दर्ज मुकदमों को प्रताड़ना बताते हुए भारत से आग्रह किया है कि उन पर सोशल मीडिया पर हो रहे हमलों के खिलाफ कार्रवाई की जाए.

सोमवार को जारी एक बयान में संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार आयुक्त की ओर जारी एक बयान में कहा गया है कि राणा अय्यूब के खिलाफ न्यायिक उत्पीड़न को फौरन रोका जाना चाहिए. बयान में कहा गया, "विशेषज्ञों का कहना है कि स्वतंत्र खोजी पत्रकार और मानवाधिकार कार्यकर्ता राणा अय्यूब दक्षिणपंथी हिंदू राष्ट्रवादी संगठनों द्वारा लगातार तेज होते ऑनलाइन हमलों और धमकियों का शिकार बन रही हैं." उन्होंने कहा, "ये हमले उनके देश के मुस्लिम अल्पसंख्यकों को प्रभावित करने वाले मुद्दों को उठाने, सरकार द्वारा महामारी को ठीक ढंग से न संभाल पाने के कारण आलोचना करने और हाल ही में कर्नाटक के स्कूल और कॉलेजों में हिजाब बैन पर उनकी टिप्पणियों के कारण हो रहे हैं.”

अपने विशेषज्ञों के हवाले से आयोग ने कहा, "अय्यूब की जनहित के मुद्दे उठाने और अपनी रिपोर्टिंग के जरिए ताकतवर लोगों से सवाल पूछने की कोशिशों के चलते संगठित ऑनलाइन समूहों ने उन्हें जान से मारने और हत्या तक की धमकियां दी हैं.”

‘भारत कर रहा है न्यायिक उत्पीड़न'

यूएन संस्था ने राणा अय्यूब के खिलाफ हाल ही में की गई कानूनी कार्रवाई का भी जिक्र किया है. बयान में संस्था ने कहा, "विशेषज्ञों ने कहा कि अपनी बरसों की पत्रकारिता के कारण भारतीय अधिकारी अय्यूब को कानूनी जरियों से परेशान कर रहे हैं. छह महीनों में दूसरी बार, 11 फरवरी को उनके बैंक खाते और अन्य संपत्तियां सील कर दी गईं, जो फ्रॉड और मनी लाउंड्रिंग के निराधार आरोपों के नाम पर किया गया.”

पत्रकार राणा अय्यूब के खिलाफ धन शोधन के आरोप, ईडी की कार्रवाई

इसी महीने भारत के प्रवर्तन निदेशालय ने पत्रकार राणा अय्यूब के बैंक खाते फ्रीज करने का आदेश दिया था. उन पर राहत कार्यों के लिए जमा किए गए धन के दुरुपयोग का आरोप है. प्रवर्तन निदेशालय ने अय्यूब की 1.77 करोड़ रुपये की राशि की जब्‍त की थी. अय्यूब ने मनी लाउंड्रिंग के इन आरोपों को बदनाम करने की साजिश के लिए चलाया जा रहा अभियान बताया था.

संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि भारत सरकार ना सिर्फ पत्रकार के तौर पर अय्यूब के अधिकारों की सुरक्षा करने में नाकाम रही है बल्कि अपनी जांच के जरिए उनकी पहले से खराब स्थिति को बदतर बनाने में भूमिका भी निभा रही है.

संस्था ने कहा, "यह बेहद जरूरी है कि अधिकारी उनके खिलाफ जांच बंद करें और उन्हें लगातार मिल रही धमकियों और ऑनलाइन फैलाई जा रही नफरत से बचाने के लिए त्वरित कार्रवाई करें.”

भारत ने खारिज किए आरोप

यूएन के ट्वीट के जवाब में एक ट्वीट करते हुए भारतीय अधिकारियों ने सरकार पर लगाए गए आरोपों को खारिज कर दिया है. एक ट्वीट में जेनेवा स्थित यूएन के भारतीय प्रतिनिधियों ने कहा, "कथित न्यायिक उत्पीड़न के आरोप निराधार और गलत हैं. भारत कानून के राज का सम्मान करता है और इस बात का भी कि कोई भी कानून से ऊपर नहीं है.”

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रिपोर्ट लिखने वाले संयुक्त राष्ट्र के प्रतिवेदकों पर पक्षपाती होने का आरोप लगाते हुए भारतीय प्रतिनिधियों ने कहा, "हम विशेष प्रतिवेदकों से निष्पक्ष और सही रूप से सूचित होने की उम्मीद करते हैं. गुमराह करने वाली बात को बढ़ाना संयुक्त राष्ट्र की छवि को ही नुकसान पहुंचाता है.”

यूएन द्वारा ट्वीट किए जाने के बाद से ही राणा अय्यूब का नाम ट्विटर पर ट्रेंडिंग टॉपिक्स में छाया रहा है. कई गणमान्य लोगों ने उनके पक्ष और विरोध में ट्वीट किए हैं.

रिपोर्टः विवेक कुमार

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