निर्माण क्षेत्र, दुनिया के सबसे बड़े कार्बन उत्सर्जकों में से एक है. कंक्रीट न सिर्फ सीओटू उत्सर्जन जिम्मेदार के लिए जिम्मेदार है, बल्कि गर्मी सोखकर ये तपिश को और बढ़ता है. मिट्टी की ईंटें एक समाधान हैं, लेकिन उन्हें पकाने में कोयला खूब खर्च होता है. ऐसे में भारत और जर्मनी के कुछ निर्माण एक्सपर्ट, हरित ईंटों पर काम कर रहे हैं. ये ईंटें नेचुरल तापरोधी भी हैं.