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कनाडा: नए नियम के तहत नागरिकता लेने वाले सबसे ज्यादा अमेरिकी

३० मई २०२६

कनाडा ने कुछ महीने पहले पूर्व कनाडाई नागरिकों के वंशजों के लिए नागरिकता नियमों में बदलाव किए थे. इन नियमों का फायदा उठाने वाले लोगों में अमेरिकी सबसे आगे हैं.

व्हाइट हाउस में एक मुलाकात के दौरान कनाडा के पीएम मार्क कॉर्नी और अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप
डॉनल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति चुने जाने के समय भी मीडिया रिपोर्ट्स में कई अमेरिकी लोगों के देश छोड़कर कनाडा जाने की बात कही गई थीतस्वीर: Evelyn Hockstein/REUTERS

कनाडा ने अपने नागरिकता के नियमों में दिसंबर 2025 से बदलाव कर दिया था, जिसके तहत अब सिर्फ एक पीढ़ी पहले कनाडा छोड़कर गए लोगों के वंशजों को ही नागरिकता देने का नियम खत्म कर दिया गया है. यानी अब उन लोगों के वंशज भी नागरिकता ले सकते हैं, जो कई पीढ़ियों पहले कनाडा छोड़कर चले गए थे.

इन बदलावों के बाद पूर्व कनाडाई नागरिकों के वंशजों के आवेदन तेजी से बढ़े हैं. सरकारी आंकड़े बताते हैं कि इस साल हर महीने 1,000 से ज्यादा अतिरिक्त मंजूरियां मिल रही हैं. दिसंबर 2025 में, जब कानून लागू हुआ था, तब यह संख्या केवल 275 थी.

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नए नियम के लागू होने के बाद इस तरह नागरिकता देने के आंकड़े लगातार बढ़े हैं. जनवरी 2026 में 1,140 मंजूरियां दी गईं. फरवरी में यह बढ़कर 1,255 हो गईं और मार्च में यह 1,405 तक पहुंच गई. मतलब साफ है कि जैसे-जैसे लोगों को इन बदलावों की जानकारी मिलती गई, आवेदन बढ़ते गए.

इस तरह नागरिकता लेने वाले में सबसे आगे अमेरिकी

इस पूरी कहानी का सबसे अहम हिस्सा अमेरिकी हैं. करीब 48% नई मंजूरियां अमेरिकी नागरिकों को मिली हैं. यानी हर दूसरे केस में आवेदक अमेरिकी पृष्ठभूमि का है.

इसकी एक वजह इतिहास भी है. अमेरिका और कनाडा, दोनों ही देशों के बीच लंबे समय से लोगों की आवाजाही होती रही है. दोनों देशों के बीच परिवारिक और कामकाजी संबंध भी बने रहे हैं. 

खुला रखना चाह रहे ट्रंप के अमेरिका से निकलने का रास्ता

हालांकि जानकार सिर्फ इसे ही बढ़े आवेदनों की वजह नहीं मान रहे हैं. आप्रवासन के मामले से जुड़े एक वकील का कहना है कि इसके पीछे वर्तमान राजनीति भी एक वजह है. इमिग्रेशन वकील निक बर्निंग कहते हैं, "कनाडाई नागरिकता में दिलचस्पी पर अमेरिकी राजनीति का असर साफ दिख रहा है.” उनके मुताबिक, "लोग अमेरिका छोड़ने की योजना नहीं बना रहे. लेकिन अगर हालात खराब होते हैं, तो वे एक रास्ता खुला रखना चाहते हैं.”

अमेरिका में पिछले कुछ सालों में राजनीतिक तनाव बढ़ा है. डॉनल्ड ट्रंप के दौर में नीतियों और बयानबाजी को लेकर मतभेद गहरे हुए हैं. कनाडा के साथ अमेरिका के रिश्तों में भी खिंचाव आया है. अमेरिका की ओर से उस पर भारी टैरिफ लगाए गए. डॉनल्ड ट्रंप तो कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य बनाने जैसी बातें भी कहते रहे हैं.

ऐसे माहौल में कई लोग भविष्य को लेकर सोच रहे हैं. वे कोई बड़ा कदम अभी नहीं उठा रहे हैं लेकिन एक बैकअप रखना चाहते हैं. 

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सिएटल के विलियम हनेवेल ऐसे ही एक उदाहरण हैं. उनके परदादा कनाडा के सस्कैचेवान से आए थे.
उनके दादा भी कनाडा में पैदा हुए थे. विलियम हुननेवेल नए नियम आने के बाद नागरिकता के लिए आवेदन कर चुके हैं. उन्हें जवाब आने में 9 महीने से एक साल तक लग सकता है.

विलियम हनेवेल कहते हैं, "सबसे बड़ी बात यह है कि हमारे पास विकल्प होगा.” वह आगे कहते हैं, "अगर मेरी बेटी पढ़ाई या रहने के लिए कनाडा जाना चाहती है, तो उसे वीजा की चिंता नहीं होगी.” यानी उनके लिए कनाडा का पासपोर्ट, सिर्फ पासपोर्ट नहीं, भविष्य में सुरक्षा का जरिया भी है.

कनाडा में रहे बिना नहीं दे सकेंगे अगली पीढ़ी को नागरिकता

सरकार ने बताया कि नागरिकता नियमों में बदलाव कोर्ट के फैसले के बाद किया गया. 2023 में अदालत ने कहा था कि नागरिकता को पहली पीढ़ी तक सीमित रखना गलत है. इसे असंवैधानिक माना गया था. इसके बाद कानून में बदलाव किया गया. 

अब जो लोग कई पीढ़ियों बाद भी अपने कनाडाई वंश को साबित कर सकते हैं, वे नागरिकता ले सकते हैं. लेकिन एक सीमा अभी भी है. जो नए नागरिक खुद कभी कनाडा में नहीं रहेंगे, वे अपनी आने वाली पीढ़ियों को यह नागरिकता नहीं दे पाएंगे. यानी आगे की पीढ़ियों को नागरिकता इसी शर्त पर मिलेगी, अगर उनके माता-पिता कनाडा में रहें. 

तुरंत कनाडा में बसने नहीं जा रहे नए नागरिक

हालांकि नागरिकता के लिए आवेदन देने वाले लोगों में से ज्यादातर लोग तुरंत कनाडा जाने की योजना नहीं बना रहे. वे फिलहाल वहीं रहना चाहते हैं, जहां वे अभी हैं. जैसे अमेरिका या दूसरे देशों में. लेकिन वे कनाडा की नागरिकता के रूप में एक ‘सुरक्षित विकल्प‘ जरूर चाहते हैं.

इसके साथ ही नागरिकता का मतलब भी बदल रहा है. पहले यह किसी देश में रहने और बसने से जुड़ा था. अब यह सुरक्षा, पढ़ाई, काम और भविष्य के मौके से जुड़ गया है. और फिलहाल, इस बदलते ट्रेंड में अमेरिकी सबसे आगे दिख रहे हैं. 

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