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अनुमानों को धता बताकर चीन ने निर्यात में बनाया यह रिकॉर्ड

१४ जनवरी २०२२

तमाम विशेषज्ञ यह अनुमान लगा रहे थे कि दुनिया के महामारी के दौर से गुजरने के कारण चीन का निर्यात धीमा रहेगा, लेकिन पिछले साल दिसंबर और 2021 के कुल आंकड़े एक और ही सूरत बयां कर रहे हैं.

Symbolbild Export Containerschiff Schiff
तस्वीर: Yu Fangping/Costfoto/picture alliance

वैश्विक महामारी के दौर में विशेषज्ञों के अनुमान के विपरीत चीन ने पिछले साल दिसंबर में और 2021 के पूरे साल रिकॉर्ड ट्रेड सरप्लस दर्ज किया. ट्रेड सरप्लस यानी देश का निर्यात इसके आयात से अधिक रहा. हालांकि, विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले महीनों में चीन के निर्यात में कमी आ सकती है.

सांख्यिकी ब्यूरो के मुताबिक 2020 में चीन का ट्रेड सरप्लस 523.99 अरब डॉलर दर्ज किया गया, जो 2021 में बढ़कर रिकॉर्ड 676.43 अरब डॉलर पर पहुंच गया. ये आंकड़े 1950 में दर्ज किए जाने शुरू हुए थे. शुक्रवार को जारी हुए आंकड़े बताते हैं कि पिछले साल दिसंबर के महीने में आयात में भारी कमी आई थी. इसके बाद विशेषज्ञों ने निर्यात को लेकर शंकाएं जताई थीं, लेकिन चीन ने दिसंबर में भी रिकॉर्ड ट्रेड सरप्लस दर्ज कराया.

चीन में सोलर सेल की एक फैक्ट्रीतस्वीर: dpa/picture alliance

क्या कहना है विशेषज्ञों का

दिसंबर में चीन का ट्रेड सरप्लस बढ़कर 94.46 अरब डॉलर रहा, जो अगस्त 1994 के बाद से सबसे ज्यादा है. नवंबर में यह आंकड़ा 71.72 अरब डॉलर था, लेकिन दिसंबर में यह 20.80 फीसदी ज्यादा रहा. चीन के एक शीर्ष अर्थशास्त्री जूलियन इवांस ने कहा है, "पिछले महीने निर्यात अधिक रहा है, लेकिन बंदरगाहों पर बढ़ते व्यवधान की वजह से आने वाले महीनों में यह घट सकता है."

13 जनवरी को चीन में कोरोना संक्रमण के कुल 143 नए मामले दर्ज किए गए. इसमें तियानजिन में पाए गए संक्रमण के मामले भी शामिल हैं, जो बंदरगाह वाला शहर है. इवांस कहते हैं, "घरेलू स्तर पर, खासकर संपत्ति क्षेत्र में आ रही गिरावट के साथ ही आयात में तेजी से गिरावट आई है."

कोरोना के कारण कई देशों में फंसे कंटेनर शिपतस्वीर: Yu Fangping/Costfoto/picture alliance

2022 के लिए क्या हैं अनुमान

दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था चीन की आर्थिक स्थिति महामारी के बाद ठोस तरीके से पटरी पर लौटी है, लेकिन चिंता की कुछ बातें भी जरूर हैं.  विशेषज्ञों का मानना है कि 2023 में स्थिर होने से पहले साल 2022 में चीन की अर्थव्यवस्था 5.2 फीसदी धीमी रहेगी. ऑक्सफोर्ड इकोनॉमिक्स में एशिया इकोनॉमिक्स के प्रमुख लुई कीज कहते हैं, "चीन के घरेलू बाजार में मांग कम रहेगी, इसलिए इस साल भी आयात ठंडा ही रहेगा."

2021 में चीन का निर्यात उम्मीदों से बेहतर रहा, लेकिन इस साल वैश्विक स्तर पर मांग में कमी आ रही है, इसलिए 2022 में निर्यात में कमी आ सकती है. पिनपॉइंट एसेट मैनेजमेंट के मुख्य अर्थशास्त्री झांग झीवी के मुताबिक ओमिक्रॉन वेरिएंट की वजह से चीन को मदद मिल सकती है. वह कहते हैं, "विकासशील देशों में ओमिक्रॉन वेरिएंट की वजह से अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ रहा है. ऐसे में चीन की अर्थव्यवस्था की बेहतरी में इसके निर्यात की भूमिका सबसे अहम रहेगी."

चीन के उप-वित्तमंत्री ने 30 दिसंबर को कहा था कि अन्य निर्यातक अपना उत्पादन बढ़ा रहे हैं, ऐसे में 2022 में विदेशी व्यापार में कुछ दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है. चीन की न्यूज एजेंसी शिन्हुआ ने दिसंबर के आखिर में रिपोर्ट जारी की थी कि चीन अपने निर्यातकों की मदद के लिए कुछ नई नीतियां लागू करेगा.

 

अमेरिका में महंगाई से बढ़ रही चिंता

अमेरिका में महंगाई दर सालाना सात फीसदी पर पहुंच गई है, जो साल 1982 के बाद से सबसे ज्यादा है. केंद्रीय बैंक में नंबर-दो की जगह लेने के लिए नामित लाइल ब्रेनार्ड ने कहा अमेरिकी मुद्रास्फीति 'बहुत अधिक' है और अमेरिकी फेडरल रिजर्व इसे कम करने को प्राथमिकता देगा.

अमेरिका के फेडरल रिजर्व ने कहा है कि उसने महामारी के दौरान अर्थव्यवस्था की मदद के लिए जिस पैकेज का एलान किया था, अब वह इसे वापस लेने लगा है. अमेरिका में खाने, गैस और मकान के किराए बढ़ने की वजह से आम लोगों की आर्थिक हालत खस्ता हो रही है.

वीएस/ओएसजे /(रॉयटर्स, एएफपी, एपी)

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