30 अरब डॉलर की टैरिफ कटौती पर सहमत हुए चीन और अमेरिका
२६ सितम्बर २०२६
ट्रंप और शी की मुलाकात के बाद चीन ने कहा कि दोनों देशों ने एक दूसरे पर लगाए गए टैरिफ में 30 अरब डॉलर की कटौती की है. इसके साथ ही दोनों देशों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर संवाद शुरू करने का फैसला किया है. यह सहमति राष्ट्रपति शी जिनपिंग की वॉशिंगटन यात्रा के दौरान बने आठ सूत्रीय सहमति-पत्र के तहत हुई है. हालांकि इस यात्रा की सबसे बड़ी नीतिगत घोषणा यह रही कि दोनों देशों के बीच नवंबर में समाप्त होने वाले व्यापारिक संघर्षविराम को दो महीने के लिए और बढ़ा दिया जाएगा.
इसके अलावा दोनों देश एक व्यापार परिषद स्थापित करने और कुआलालंपुर में हुई पिछली वार्ताओं के परिणामों को आगे बढ़ाने पर भी राजी हुए हैं. ये सारी जानकारी चीन के विदेश मंत्रालय की तरफ से दी गई है.
व्यक्तिगत कैमिस्ट्री पर जोर
चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने एक बयान में कहा,"इस ऐतिहासिक यात्रा ने चीन-अमेरिका संबंधों को और अधिक रचनात्मक और स्थिर बनाया है, द्विपक्षीय संबंधों की समग्र स्थिरता को बनाए रखा है, चीन-अमेरिका संबंधों के एक नए अध्याय की शुरुआत की है. इसका विश्व शांति और विकास पर दूरगामी प्रभाव पड़ेगा."
ट्रंप और शी की तीन दिवसीय शिखर वार्ता के दौरान बड़ी सार्वजनिक घोषणाओं के बजाय व्यक्तिगत कूटनीति पर ज्यादा जोर देखने को मिला. वार्ता खत्म होने के बाद ट्रंप ने कहा है कि यह बैठक चीन और अमेरिका दोनों के लिए दोस्ती, ताकत और सफलता में से एक थी. ट्रंप ने शी के साथ अपने व्यक्तिगत संबंधों की जमकर प्रशंसा की, जबकि चीनी नेता ने इस बात पर जोर दिया कि दोनों देशों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके बीच न तो संघर्ष हो और न ही टकराव.
इस बात की भी चर्चा है कि व्यापारिक तनाव के बावजूद ट्रंप ने शी के प्रति अपेक्षाकृत नरम और सम्मानजनक रुख अपनाया. पूर्व अमेरिकी व्यापार अधिकारी जेफ मून के अनुसार, इसका कारण सीधा है. वह कहते हैं, "ट्रंप ऐसे व्यक्ति हैं जो कमजोर पक्ष पर दबाव बनाना पसंद करते हैं, लेकिन जब सामने वाला जवाब देने की स्थिति में हो तो पीछे हट जाते हैं." यह गर्मजोशी कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के प्रति ट्रंप के कठोर रवैये से बिल्कुल विपरीत है. पिछले वर्ष चीन और कनाडा ही ऐसे देश थे जिन्होंने ट्रंप के टैरिफ के जवाब में कठोर टैरिफ लगाए थे.
एआई की रेस में साथ आएंगे चीन और अमेरिका?
शी की वॉशिंगटन यात्रा ठोस नतीजों के बजाय अधिक तामझाम के लिए जानी गई, लेकिन व्हाइट हाउस ने बीते शुक्रवार को कहा कि दोनों देशों ने एआई पर बात आगे बढ़ाने के लिए "द्विपक्षीय संचार चैनल" स्थापित करने पर सहमति जताई है. चीनी सरकारी मीडिया ने भी शिखर सम्मेलन के परिणामों पर आधारित एक रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि की कि दोनों देश एआई हॉटलाइन पर राजी हुए हैं.
चीनी विदेश मंत्रालय ने एक अलग बयान में कहा कि बीजिंग इस बात की सराहना करता है कि वॉशिंगटन ने "आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस" के बजाय "सुपर इंटेलिजेंस" शब्द का इस्तेमाल किया. मंत्रालय के अनुसार एआई तकनीक के लगातार विकास को देखते हुए दोनों देशों को आपसी संवाद बढ़ाना चाहिए और नई परिस्थितियों को देखते हुए आम सहमति विकसित करनी चाहिए.
एआई को लेकर ट्रंप ने इस डर को बार-बार खारिज किया है कि यह मानवता के लिए खतरा पैदा कर सकता है, लेकिन शी ने अधिक संतुलित रुख अपनाते हुए कहा कि यह तकनीक मानव नियंत्रण में ही विकसित होनी चाहिए. शी जिनपिंग ने स्वीकार किया कि अमेरिका और चीन की जिम्मेदारी है कि वे एआई का विकास मानवता के हित में करें और यह सुनिश्चित करें कि उसका नियंत्रण मनुष्यों के हाथ में ही रहे.
फिर मिलेंगे शी और ट्रंप
शी की अमेरिका यात्रा के बाद भी दोनों नेताओं की इस साल दो और मुलाकातें होने की संभावना बनी हुई है. इसका मतलब है कि शी की यह यात्रा किसी अंतिम समझौते की बजाय एक सतत संवाद का हिस्सा है. इससे यह संभावना भी बनी रहती है कि 10 जनवरी 2027 तक बढ़ाए गए व्यापारिक संघर्षविराम को आगे फिर से बढ़ाया जा सकता है.
नवंबर में शी जिनपिंग चीन में होने वाले एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेंगे, जबकि दिसंबर में जी20 शिखर सम्मेलन फ्लोरिडा में होगा. वॉशिंगटन छोड़ने से पहले शी जिनपिंग ने भी संकेत दिया कि वे जल्द ही ट्रंप से फिर मुलाकात करने की उम्मीद कर रहे हैं.