सुहागरात की बात होती है तो रोमांटिक शाम की तस्वीरें आंखों के आगे तैरती हैं. सुहागरात का मिथक चीन में भी है. एक चीनी नवदंपत्ति ने अपनी सुहागरात पर ऐसा कुछ किया कि खबरों में छा गया.
यह तस्वीर प्रतीकात्मक हैतस्वीर: picture-alliance/dpa
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हम आपको बताने जा रहे हैं कि एक सुहागरात पर चीन में क्या हुआ. आप बताइएगा कि यह सुहागरात क्या सबसे रोमांटिक सुहागरात कही जाएगी. ऐसा इसलिए क्योंकि कुछ लोग मान रहे हैं कि यह इतिहास की सबसे रोमांटिक सुहागरात थी.
एक चीनी जोड़े ने अपनी शादी की पहली रात चीन की कम्युनिस्ट पार्टी का संविधान लिखते हुए गुजारी. दोनों ने मिलकर 17 हजार शब्दों को कागज पर उतारा. दरअसल वे राष्ट्रपति शी जिनपिंग की सरकार के समर्थन में अभियान चलाने के लिए प्रचार का डिजाइन बना रहे थे.
इस जोड़े ने अपनी सुहागरात की तस्वीरें सोशल मीडिया पर डाली हैं. दोनों ही सरकारी अधिकारी हैं और पूर्वी प्रांत शिंयागजी में तैनात हैं. तस्वीरों में दिख रहा है कि दिल के आकार के लाल गुब्बारों से सजाए गए बिस्तर के बगल में एक कुर्सी-मेज पर बैठे ये दोनों लोग कागज पर कम्युनिस्ट पार्टी का संविधान उतार रहे हैं. उन्होंने 11 अध्यायों वाले संविधान के कई हिस्सों को कागज पर उतार डाला.
ली युनपेंग और उनकी दुल्हन चेन शुआंची को लगता है कि ऐसा करके उन्होंने अपने लिए हसीन यादें सजा ली हैं. दोनों नानचांग रेलवे में तैनात हैं. नानचांग रेलवे ने एक ऑनलाइन मैसेज में उनके बारे में लिखा. सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने बताया कि सुहागरात पर इस जोड़े ने जो किया, वैसा अभियान सरकार के समर्थन से पूरे देश में चल रहा है. इसके तहत 100 दिन में संविधान को कागज पर उतारने के लिए लोगों को प्रेरित किया जा रहा है.
यह अभियान मार्च में शुरू हुआ था. पार्टी के संविधान के प्रति लोगों की जागरूकता बढ़ाने के मकसद से इसे शुरू किया गया. संविधान के अलावा पार्टी महासचिव शी चिनफिंग के भाषणों को भी लिखा जा रहा है.
ग्लोबल टाइम्स ने बताया कि इस अभियान का मकसद वे लोग तो हैं ही जो कम्युनिज्म और चीनी समाजवाद में विश्वास करते हैं, साथ ही वे लोग भी हैं जो पश्चिमी मूल्यों को मानते हैं, पार्टी के नियम तोड़ते हैं और कामचोरी या अनैतिकता दिखाते हैं.
2012 में सत्ता संभालने के बाद से पार्टी को फिर से जीवन दे दिया है. अब इसके 8.7 करोड़ सदस्य हैं. शी ने भ्रष्ट अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की है. विदेशी प्रभावों को दूर किया है और लोकतंत्र के पश्चिमी गुणों को भी पार्टी से बाहर ने निकाल दिया है. इनमें बोलने की आजादी भी शामिल है.
शायद यही वजह है कि ऐसे जोड़े सामने आ रहे हैं जो अपनी सुहागरात को यादगार बनाने के लिए पार्टी संविधान टीप रहे हैं. हालांकि इंटरनेट पर इस जोड़े का खूब मजाक उड़ रहा है. एक व्यक्ति ने चीनी ट्विटर कहे जाने वाले वाइबो पर लिखा, "मुझे लगता है कि पार्टी ने इससे ज्यादा वाहियात और हास्यास्पद काम नहीं किया होगा." एक अन्य ने पूछा है कि क्या पार्टी इन लोगों को यह भी सिखाती है कि प्यार कैसे किया जाता है.
युद्ध की पृष्ठभूमि में प्यार
अपने शहर की लगातार बमबारी के बावजूद होम्स के एक जोड़े ने शांति की उम्मीद नहीं छोड़ी है. एएफपी के एक फोटोग्राफर ने उनके प्यार और शादी को दुनिया तक पहुंचाया है.
तस्वीर: Getty Images/AFP/J. Eid
प्यार में सीरिया का पुनर्निर्माण
युद्ध और विभीषिका के साए में हुई शादी की तस्वीरों को इस्तेमाल करने के जाफर मिराय के फैसले के बाद एएफपी ने भी कुछ तस्वीरें जारी करने का फैसला किया जिसे उसके फोटोग्राफर ने इस मौके पर लिया था. मिराय ने अपनी तस्वीरों को "प्यार में सीरिया का पुनर्निर्माण" नाम दिया है और फेसबुक पर पोस्ट किया है.
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खंडहर में प्यार
18 वर्षीया नादा मेरही और 27 वर्षीय सैनिक हसन यूसुफ ने जब शादी करने का फैसला किया तो अपनी शादी की तस्वीरों के लिए असामान्य सी पृष्ठभूमि चुनी. बमबारी में खंडहर बना अपना शहर होम्स. मिराय ने खंडहरों का इस्तेमाल यह दिखाने के लिए किया है कि जिंदगी मौत से ज्यादा ताकतवर है.
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बंटा हुआ शहर
सीरिया के गृहयुद्ध में 250,000 लोग मारे गए हैं. उनमें से अधिकांश असैनिक नागरिक हैं. देश के तीसरे सबसे बड़े शहर होम्स ने राष्ट्रपति बशर अल असद के वफादार सैनिकों के हमलों में भारी नुकसान सहा है. यह पहला शहर था जिसने 2012 में असद सरकार के खिलाफ विद्रोह किया था.
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सफेद ड्रेस भूरा मलबा
कभी लहलहाते चमचमाते शहर के बीचोंबीच नादा की सफेद झकझक ड्रेस युवा जोड़े के आस पास में हुई बर्बादी को दिखाती है. खंडहर बने घर, दीवारों पर बुलेट के निशान और सुनसान सड़कें होम्स में रहने वाले लोगों को लगातार इस बात का अहसास दिलाती हैं कि उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल गई है.
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लगातार जारी हमले
होम्स पर सरकार का नियंत्रण फिर से होने के बावजूद हमले रुके नहीं हैं. अल जहरा इलाके में 26 जनवरी को हुए आत्मघाती हमले में 22 लोग मारे गए थे और 100 से ज्यादा घायल हो गए. इस इलाके में मुख्य रूप से अलावी समुदाय के लोग रहते हैं जो इस्लाम का अल्पसंख्यक समुदाय है. राष्ट्रपति असद इसी समुदाय के हैं.
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अकेला नहीं होम्स
सितंबर 2015 से रूसी बमवर्षकों ने राष्ट्रपति असद के सैनिकों के समर्थन में विपक्षी ठिकानों पर बमबारी की है. सीरिया में आईएस के ठिकानों पर अमेरिका के नेतृत्व वाली अंतरराष्ट्रीय सहबंध भी हवाई हमले कर रहा है. 15 फरवरी को तुर्की की सीमा से लगे इलाकों में स्कूलों और अस्पतालों पर बमबारी की गई.
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अंतरराष्ट्रीय कोशिशें
अंतरराष्ट्रीय समुदाय सीरिया में शांति स्थापना की कोशिशें कर रहा है. पश्चिमी देश और सीरिया का विपक्ष भावी समाधान में राष्ट्रपति असद की कोई भागीदारी नहीं चाहते. लेकिन सरकारी सैन्य कार्रवाई में असद की मदद कर रूस इलाके में नए हालात पैदा करना चाहता है. इस बीच आईएस लगातार पैर पसार रहा है.
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संघर्ष विराम तय
म्यूनिख में हुए इस साल के सुरक्षा सम्मेलन में अमेरिका और रूस के सहयोग से सीरिया में संघर्ष विराम तय हुआ है. लेकिन इसके लागू होने से पहले ही राष्ट्रपति असद ने एक ओर समय कम होने की बात कही है तो दूसरी ओर तुर्की की सीमा पर कुर्दों के आगे बढ़ने के कारण तुर्की संघर्ष में और उलझता जा रहा है.
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युद्धकाल में प्यार
फेसबुक पर मिराय की तस्वीरों पर कुछ यूजर्स ने भावनात्मक टिप्पणियां की हैं. एक ने लिखा है, "तस्वीर में मैं दूल्हे जैसा लगता हूं." एक अन्य ने लिखा, "ईश्वर तुम्हारे और सारे सीरियावासियों के साथ रहे. इन तस्वीरों और उन्हें दुनिया के साथ बांटने के लिए शुक्रिया." एक अन्य ने इसका टाइटल युद्धकाल में प्यार करने की सलाह दी है.
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जिंदगी नाम जीने का
मिराय की तस्वीरें इस बीच इतनी लोकप्रिय हो गई हैं कि लोग लगातार उनके फेसबुक पेज पर कमेंट डाल रहे हैं. कुछ इन तस्वीरों का स्लाइड शो बना रहे हैं, तो कुछ इसे यूट्यूब वीडियो में बदल रहे हैं. एक यूजर ने तो मिराय की तस्वीरों को खंडहर बने शहर होम्स में भी जिंदगी जारी रहने का सबूत बताया है.