हिरासत से रिहा हुए अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका
११ अक्टूबर २०२६
दिल्ली की एक कार्यकारी मजिस्ट्रेट अदालत ने रविवार को कॉकरोच जनता पार्टी के तीन नेताओं, अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को रिहा करने का आदेश दिया. इन्हें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया था.
समाचार एजेंसी एनएआई के मुताबिक इन तीनों नेताओं को निर्देश दिया गया है कि वे अगले एक साल तक ऐसी किसी भी गतिविधि में शामिल नहीं होंगे, जिससे शांति और सार्वजनिक व्यवस्था भंग होने की आशंका हो. उनके वकील ने यह जानकारी दी है. प्रदर्शनों से पहले गुरुग्राम से हिरासत में लिए गए यूट्यूबर ध्रुव राठी को भी पुलिस ने रिहा कर दिया है.
सीजेपी की कानूनी मामलों की प्रमुख रत्ना सिंह ने भी एक ट्वीट के जरिए सबके रिहा होने की पुष्टि की है. तीनों को हिरासत में लेने के बाद दिल्ली के दक्षिण-पश्चिम जिला के विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया था.
पुलिस ने इन नेताओं को उस समय अपनी हिरासत में लिया, जब उनका विमान दिल्ली में लैंड हुआ था. वे मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दिल्ली आए थे. दिल्ली पुलिस ने तीनों नेताओं के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 126 और धारा 170 के तहत कार्रवाई की थी.
धारा 126 के तहत कार्यकारी मजिस्ट्रेट ऐसे व्यक्ति से जवाब तलब कर सकता है, जिसके बारे में आशंका हो कि वह शांति भंग कर सकता है या सार्वजनिक व्यवस्था में बाधा डाल सकता है. ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्ति को अधिकतम एक साल तक शांति बनाए रखने के लिए बांड भरने का आदेश दिया जा सकता है.
वहीं, धारा 170 पुलिस को यह अधिकार देती है कि अगर उसे किसी व्यक्ति के गंभीर अपराध किए जाने की योजना की जानकारी हो और उसे लगे कि अपराध को दूसरे किसी तरीके से रोका नहीं जा सकता, तो वह बिना वारंट उस व्यक्ति को गिरफ्तार कर सकती है.
जारी रहेगा आंदोलन: सीजेपी
हालांकि, पुलिसिया कार्रवाई के बाद भी सीजेपी ने ऐलान किया है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर उनका प्रदर्शन जारी रहेगा. प्रदर्शनों का नेतृत्व कर रहे सीजेपी के सदस्य अजिंक्य शिंदे ने सोशल मीडिया पर एक जानकारी देते हुए कहा कि जिस तरीके से हजारों लोगों को हिरासत में लिया गया उसके बाद देश के लोगों में गुस्सा है. साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार ने सीजेपी लीडरों को हिरासत में लेकर गलती की है.
बीते शनिवार को दिल्ली के जंतर मंतर पर सीजेपी के वॉलंटियर, विपक्षी दल, छात्र संगठन और युवा ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन में शामिल होने आए थे. लेकिन उनके प्रदर्शन को दिल्ली पुलिस की तरफ से इजाजत नहीं दी गई थी. पुलिस ने प्रदर्शन में शामिल हुए सैकड़ों लोगों को हिरासत में लिया. इसमें आम प्रदर्शनकारी, विपक्षी दलों और छात्र संगठनों के नेता शामिल थे.