फ्रांस के परमाणु हथियारों से यूरोप की सुरक्षा करने पर चर्चा
६ मार्च २०२५
यूरोपीय संघ के आपात सम्मेलन में फ्रांस की परमाणु छतरी छायी है. कई यूरोपीय देशों ने फ्रांसीसी राष्ट्रपति के इस प्रस्ताव का स्वागत किया है.
तस्वीर: Ludovic Marin/AFP/Getty Images
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पोलैंड के प्रधानमंत्री डॉनल्ड टुस्क ने फ्रांस के परमाणु हथियारों को यूरोपीय संघ की सुरक्षा छतरी के तौर पर इस्तेमाल करने वाले प्रस्ताव का समर्थन किया है. 2014 से 2019 तक यूरोपीय आयोग के प्रेसीडेंट रहे टुस्क ने यह बात यूरोपीय संघ के शीर्ष नेताओं के सम्मलेन के दौरान कही. गुरुवार को यूरोपीय संघ के मुख्यालय ब्रसेल्स में ईयू के नेताओं का आपात सम्मेलन हुआ. रूस के सामने यूक्रेन को अकेला छोड़ने के अमेरिकी फैसले के बाद यूरोपीय संघ के शीर्ष नेता मिल रहे हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के फैसलों के कारण यूरोप को अब अपने सदाबहार दोस्त अमेरिका पर भरोसा नहीं रह गया है.
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यूरोप की सुरक्षा के लिए फ्रांस की परमाणु छतरी
यूरोपीय संघ में शामिल सभी 27 देशों में सिर्फ फ्रांस के पास ही परमाणु हथियार हैं. फ्रांस के राष्ट्रपति इमानुएल माक्रों, अपने परमाणु हथियारों को यूरोपीय संघ की सुरक्षा में तैनात करने का विचार पेश कर चुके हैं. माक्रों के मुताबिक इन हथियारों का इस्तेमाल महाद्वीप को रूसी खतरे से बचाने के लिए किया जा सकता है, लेकिन इनका नियंत्रण सिर्फ फ्रांस के राष्ट्रपति के हाथ में होगा.
इस प्रस्ताव पर उम्मीद जताते हुए टुस्क ने कहा, "हमें इस प्रस्ताव को बेहद गंभीरता से लेना चाहिए."
पोलैंड के प्रधानमंत्री डॉनल्ड टुस्क ने यूरोप से अपनी सैन्य क्षमता मजबूत करने को कहा.तस्वीर: Aleksander Kalka/NurPhoto/picture alliance
पोलैंड के प्रधानमंत्री ने यूरोप से अपनी सैन्य तैयारियां मुस्तैद करने की अपील भी, "यूरोप को इस चुनौती को स्वीकार करना ही होगा, हथियारों की इस होड़ को, और इसे जीतना भी होगा."
बाल्टिक देशों ने भी इस मसले पर बातचीत के लिए माक्रों के प्रस्ताव का स्वागत किया है. लिथुएनिया के राष्ट्रपति गितानोस नौसेदा ने माक्रों के प्रस्ताव के बेहद दिलचस्प बताते हुए ब्रसेल्स में कहा, "हमें ऊंची उम्मीदें हैं क्योंकि परमाणु छतरी रूस के खिलाफ वाकई कारगर प्रतिरोधक का काम करेगी."
लातविया की प्रधानमंत्री एविका सिलिना ने भी सम्मेलन को फ्रांसीसी प्रस्ताव पर चर्चा करने का एक अवसर बताया.
जल्द ही जर्मनी के चांसलर बनने जा रहे फ्रीडरिष मैर्त्स ने हाल की में माक्रों को टेलीफोन कर सबसे पहले परमाणु छतरी से सुरक्षा दायर बढ़ाने की बात कही थी. 23 फरवरी 2025 को जर्मन चुनावों में जीत हासिल करने वाले मैर्त्स साफ कह चुके हैं कि वह फ्रांस और ब्रिटेन के साथ "न्यूक्लियर शेयरिंग" पर बातचीत करना चाहते हैं.
ब्रसेल्स में ईयू के सम्मेलन के दौरान फ्रांस के राष्ट्रपति इमानुए माक्रों से मिलते यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्कीतस्वीर: Ludovic Marin/AFP/Getty Images
ब्रसेल्स के सम्मेलन के दौरान यूरोप का माहौल
यूरोपीय संघ की प्रमुख उर्सुला फॉन डेय लायन ने मौजूदा वक्त को यूरोप और यूक्रेन के लिए एक "ऐतिहासिक लम्हा" करार दिया. ब्रसेल्स में पत्रकारों से बात करते हुए फोन डेय लायन ने कहा, "यूरोप एक स्पष्ट और मौजूदा संकट का सामना कर रहा है, और इसीलिए यूरोप को खुद की हिफाजत करने लायक होना चाहिए, हमें यूक्रेन को ऐसी स्थिति में लाना होगा कि वह अपनी रक्षा कर सके और हमें दीर्घकालीन शांति की कोशिशें करनी होंगी."
इस सम्मेलन में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की भी शामिल हो रहे हैं. जेलेंस्की हाल ही में अमेरिका से लौटे हैं. उस यात्रा के दौरान उनकी मुलाकात अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप और उप राष्ट्रपति जेडी वेंस से हुई. बातचीत में जेलेंस्की को अमेरिकी नेताओं की लताड़ सुननी पड़ी. तल्ख वार्ता और उसके बाद आए अमेरिकी बयानों का स्पष्ट संकेत यही है कि अमेरिका, यूक्रेन की अब और मदद नहीं देगा. वॉशिंगटन ने साफ कहा है कि अब कीव को शांति के लिए रूस के साथ बातचीत की मेज पर बैठना ही होगा.
मीडिया के सामने जेलेंस्की के साथ हुए ऐसे व्यवहार की यूरोप के राजनीतिक गलियारों में आलोचना हो चुकी है. साझेदार देशों की सारी चिंताओं को नजरअंदाज करते हुए अकेले रूस की तरफ दोस्ती हाथ बढ़ाते ट्रंप ने रुख ने यूरोप को भी अपनी सुरक्षा के बारे में चिंतन मनन पर मजबूर कर दिया है.
यूरोपीय संघ के नेता यूक्रेन के मदद का भरोसा दे रहे हैंतस्वीर: Nicolas Tucat/AFP/Getty Images
सम्मेलन के फोकस में अमेरिका, यूक्रेन और रूस
हालांकि यूरोपीय नेता अब भी अमेरिका को सीधे तौर पर नाराज करने से बच रहे हैं. सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए ब्रसेल्स पहुंचने के फौरन बाद ग्रीस के प्रधानमंत्री किरियाकोस मित्सोटाकिस ने कहा, "यह अहम है कि हम अगले ही दिन यूक्रेन को सुरक्षा की गारंटी दे सकें और सुरक्षा गारंटी की इस योजना में अमेरिका को हिस्सा लेना चाहिए."
जल्द ही कुर्सी छोड़ने जा रहे जर्मनी के चांसलर ओलाफ शॉल्त्स ने इस मौके पर कहा, "यह बहुत ही जरूरी है कि यूक्रेन, थोपी हुई शांति को स्वीकार न करे, लेकिन आगे एक निष्पक्ष और बस ऐसी शांति होगी जो यूक्रेन की संप्रभुता और आजादी को पक्का करेगी."
शॉल्त्स फ्रांसीसी परमाणु हथियारों से यूरोप की सुरक्षा के प्रस्ताव को लेकर थोड़ा संशय में हैं. उनके मुताबिक फिलहाल यूरोपीय संघ के ज्यादातर देशों को नाटो की सुरक्षा मिली हुई है और इस पर कायम रहा जा सकता है. नाटो के परमाणु हथियारों में सबसे बड़ा जखीरा अमेरिका के पास है.
यूक्रेन युद्ध: 24 फरवरी के वो छह घंटे
24 फरवरी, 2022 को तड़के ज्यादातर यूक्रेनी नागरिक गहरी नींद में थे. लेकिन तभी आस-पास धमाके होने लगे. मोबाइल नेटवर्क नोटिफिकेशनों से पट गए. यूक्रेन ने रूस ने हमला कर दिया था.
तस्वीर: Alexander Ermochenko/epa/picture alliance
05:00 AM (यूक्रेनी समय)
24 फरवरी, 2022. यूक्रेनी समय के मुताबिक सुबह 5 बजे, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर डोनबास इलाके में सैन्य अभियान का एलान कर दिया. पुतिन ने यूक्रेनी सेना को हथियार डालने को कहा.
तस्वीर: Adrien Fillon/Zuma/IMAGO
05:35 AM
पश्चिमी देशों के नेताओं ने रूस की सैन्य कार्रवाई को भड़काऊ और गैरजिम्मेदाराना करार देते हुए मॉस्को की आलोचना शुरू कर दी. अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा कि दुनिया रूस को इस कार्रवाई के लिए जिम्मेदार ठहराएगी. यूएन महासचिव ने रूसी राष्ट्रपति से सेना को वापस बुलाने की अपील की.
तस्वीर: Brendan Smialowski/AFP
05:46 AM
पूर्वी यूक्रेन के कुछ शहरों में धमाके सुनाई पड़ने लगे. इसके आधे घंटे बाद यूक्रेन की राजधानी कीव में भी धमाके गूंजने लगे.
तस्वीर: Aris Messinis/AFP/Getty Images
06:30 AM
यूक्रेन के विदेश मंत्री दिमित्रो कुलेबा ने रूस पर एक तरफा युद्ध छेड़ने का आरोप लगाया. कुलेबा ने रूसी हमले को "फुल स्केल घुसपैठ" कहा. कुछ ही देर बाद राजधानी कीव के मेयर ने सभी नागरिकों से घर पर ही रहने की अपील जारी की.
तस्वीर: REUTERS TV/REUTERS
06:45 AM
कई शहरों में धमाके और कीव के ऊपर रूसी हेलिकॉप्टरों की उड़ान के बाद यूक्रेन ने अपना पूरा एयर स्पेस बंद कर दिया.
तस्वीर: AP Photo/picture alliance
07:00 AM
रूस समर्थक विद्रोहियों ने पूर्वी यूक्रेन के लुहांस्क और डोनेत्स्क प्रांत में यूक्रेनी सेना पर हमला कर दिया. इस दौरान रूसी दूत ने सुरक्षा परिषद की आपात बैठक में कहा कि रूसी सेना सिर्फ यूक्रेन की सैन्य सत्ता को निशाना बना रही है.
तस्वीर: Alexander Ermochenko/REUTERS
08:00 AM
यूक्रेन की बॉर्डर गार्ड सर्विस ने रूसी सेना पर बेलारूस बॉर्डर से भी हमले का आरोप लगाया. इस आरोप के बाद साफ हो चुका था कि रूसी सेना दो तरफ से यूक्रेन पर हमला कर रही है. इस दावे के पांच मिनट बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने देश में मार्शल लॉ लगा दिया.
तस्वीर: Emilio Morenatti/AP/dpa/picture alliance
09:00 AM
यूक्रेन की सेना ने लुहांस्क में पांच रूसी विमानों और एक हेलिकॉप्टर को गिराने का दावा किया. हालांकि स्वतंत्र सूत्रों से इस दावे की पुष्टि नहीं हुई.
तस्वीर: Anatolii Stepanov/AFP/Getty Images
10:25 AM
सिक्यॉरिटी कैमरों में क्रीमिया की तरफ से यूक्रेन में घुसता रूसी सेना का काफिला दिखाई पड़ा. यह हमले का तीसरा फ्रंट था.
तस्वीर: Konstantin Mihalchevskiy/SNA/imago images
11:30 AM
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने सारे नागरिकों से देश को बचाने के लिए लड़ने की अपील की. सरकार ने कहा कि जो भी रूस से लड़ना चाहता है, उसे हथियार दिए जाएंगे.
रूस के विदेश मंत्री सेर्गेई लावरोव ने यूरोपीय संघ के नेताओं के नजरिए को खारिज किया है. गुरुवार को ब्रसेल्स सम्मेलन से छनकर आ रहे बयानों पर जब उनकी प्रतिक्रिया पूछी गई तो लावरोव ने कहा, रूस को यूरोप की सुरक्षा के लिए खतरा बताने वाले बयान "बेवकूफाना हैं."
लावरोव ने कड़े शब्दों में फ्रांसीसी राष्ट्रपति के उस बयान की निंदा की, जिसमें माक्रों ने रूस को यूरोप के लिए खतरा करार दिया था. लावरोव ने कहा, "यह रूस के लिए एक खतरा है."
यूरोप पर रूसी हमले के खतरे का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, "किसी भी कम या ज्यादा समझदार इंसान के लिए यह बात साफ है कि रूस को इस सब की जरूरत नहीं है."
ओएसजे/आरपी (एफपी, डीपीए, रॉयटर्स)
कितने परमाणु हथियार हैं दुनिया में और किसके पास
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन पर हमले के तीन दिन बाद ही परमाणु हथियारों को भी हाई अलर्ट पर रखने का हुक्म दिया. रूस के पास कुल कितने परमाणु हथियार हैं. रूस के अलावा दुनिया में और कितने परमाणु हथियार है?
तस्वीर: AP Photo/picture-alliance
कितने परमाणु हथियार
स्टॉकहोम अंतरराष्ट्रीय शांति शोध संस्थान यानी सीपरी हर साल दुनिया भर में हथियारों के बारे में रिपोर्ट तैयार करती है. सीपरी के मुताबिक 2021 की शुरुआत में दुनिया भर में कुल 13,080 परमाणु हथियार मौजूद थे. इनमें से 3,825 परमाणु हथियार सेनाओं के पास हैं और 2,000 हथियार हाई अलर्ट की स्थिति में रखे गए हैं, यानी कभी भी इनका उपयोग किया जा सकता है. तस्वीर में दिख रहा बम वह है जो हिरोशिमा पर गिराया गया था.
तस्वीर: AFP
किन देशों के पास है परमाणु हथियार
सीपरी के मुताबिक दुनिया के कुल 9 देशों के पास परमाणु हथियार हैं. इन देशों में अमेरिका, रूस, ब्रिटेन, फ्रांस, चीन, भारत, पाकिस्तान, इस्राएल और उत्तर कोरिया के नाम शामिल हैं. दुनिया में परमाणु हथियारों की कुल संख्या में कमी आ रही है हालांकि ऐसा मुख्य रूप से अमेरिका और रूस के परमाणु हथियारों में कटौती की वजह से हुआ है.
तस्वीर: picture-alliance/dpa
उत्तर कोरिया
डेमोक्रैटिक पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ कोरिया यानी उत्तर कोरिया ने 2006 में पहली बार नाभिकीय परीक्षण किया था. वर्तमान में उसके पास 40-50 परमाणु हथियार होने का अनुमान है.
तस्वीर: KCNA/KNS/AP/picture alliance
इस्राएल
इस्राएल ने पहली बार नाभिकीय परीक्षण कब किया इस बारे में कोई जानकारी नहीं है. फिलहाल इस्राएल के पार 90 परमाणु हथियार होने की बात कही जाती है. इस्राएल ने भी परमाणु हथियारों की कहीं तैनाती नहीं की है. तस्वीर में शिमोन पेरेज नेगेव न्यूक्लियर रिसर्च सेंटर नजर आ रहा है. इस्राएल ने बहुत समय तक इसे छिपाए रखा था.
तस्वीर: Planet Labs Inc./AP/picture alliance
भारत
भारत के परमाणु हथियारों के जखीरे में कुल 156 हथियार हैं जिन्हें रिजर्व रखा गया है. अब तक जो जानकारी है उसके मुताबिक भारत ने परमाणु हथियारों की तैनाती नहीं की है. भारत ने पहली बार नाभिकीय परीक्षण 1974 में किया था.
तस्वीर: Indian Defence Research and Development Organisation/epa/dpa/picture alliance
पाकिस्तान
भारत के पड़ोसी पाकिस्तान के पास कुल 165 परमाणु हथियार मौजूद हैं. पाकिस्तान ने भी अपने परमाणु हथियारों की तैनाती नहीं की है और उन्हें रिजर्व रखा है. पाकिस्तान ने 1998 में पहली बार नाभिकीय परीक्षण किया था.
तस्वीर: AP
ब्रिटेन
ब्रिटेन के पास मौजूद परमाणु हथियारों के जखीरे में कुल 225 हथियार है. इनमें से 120 परमाणु हथियारों को ब्रिटेन ने तैनात कर रखा है जबकि 105 हथियार उसने रिजर्व में रखे हैं. ब्रिटेन ने पहला बार नाभिकीय परीक्षण 1952 में किया था. तस्वीर में नजर आ रही ब्रिटेन की पनडुब्बी परमाणु हथियारों को ले जाने में सक्षम है.
तस्वीर: James Glossop/AFP/Getty Images
फ्रांस
फ्रांस ने 1960 में पहली बार नाभिकीय परीक्षण किया था और फिलहाल उसके पास 290 परमाणु हथियार मौजूद हैं. फ्रांस ने 280 परमाणु हथियारों की तैनाती कर रखी है और 10 हथियार रिजर्व में रखे हैं. यह तस्वीर 1971 की है तब फ्रांस ने मुरुरोआ एटॉल में परमाणउ परीक्षण किया था.
तस्वीर: AP
चीन
चीन ने 1964 में पहली बार नाभिकीय परीक्षण किया था. उसके पास कुल 350 परमाणु हथियार मौजूद हैं. उसने कितने परमाणु हथियार तैनात किए हैं और कितने रिजर्व में रखे हैं इसके बारे में जानकारी उपलब्ध नहीं है.
तस्वीर: Zhang Haofu/Xinhua/picture alliance
अमेरिका
परमाणु हथियारों की संख्या के लिहाज से अमेरिका फिलहाल दूसरे नंबर पर है. अमेरिका ने 1,800 हथियार तैनात कर रखे हैं जबकि 2,000 हथियार रिजर्व में रखे गए हैं. इनके अलावा अमेरिका के पास 1,760 और परमाणु हथियार भी हैं. अमेरिका ने 1945 में पहली बार नाभिकीय परीक्षण किया था.
तस्वीर: Jim Lo Scalzo/EPA/dpa/picture alliance
रूस
वर्तमान में रूस के पास सबसे ज्यादा 6,255 परमाणु हथियार हैं. इनमें से 1,625 हथियारों को रूस ने तैनात कर रखा है. 2,870 परमाणु हथियार रूस ने रिजर्व में रखे हैं जबकि दूसरे परमाणु हथियारों की संख्या 1,760 है. रूस के हथियारों की संख्या 2020 के मुकाबले थोड़ी बढ़ी है. रूस ने 1949 में परमाणु हथियार बनाने की क्षमता हासिल की थी.