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समाजजर्मनी

लड़ाई के माहौल ने बिगाड़ा जर्मनों के घूमने जाने का प्लान

स्वाति मिश्रा डीपीए
४ अप्रैल २०२६

दुनिया की मौजूदा हालत देखकर बहुत से जर्मन घूमने जाने का इरादा बदल रहे हैं. एक हालिया सर्वे का नतीजा बताता है कि कहीं छुट्टी मनाने जाना अराजनीतिक कतई नहीं है.

रोम की एक तस्वीर
जर्मनी में देश के भीतर घूमने के लिए बवेरिया एक लोकप्रिय ठिकाना है. वहीं, देश के बाहर की जगहों में स्पेन और  इटली टॉप पर हैंतस्वीर: Chun Ju Wu/Zoonar/picture alliance

दुनिया में जारी लड़ाई के माहौल, संकट और राजनीतिक अस्थिरता को देखते हुए बहुत से जर्मन ना केवल ईस्टर पर, बल्कि आने वाले महीनों में भी घूमने जाने का इरादा बदल रहे हैं. 4 अप्रैल को जारी एक सर्वे का नतीजा बताता है कि दुनिया की राजनीतिक हालत के मद्देनजर बहुत से जर्मनों ने अपने प्लान में फेरबदल कर दिया.

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डीटीवी जर्मन टूरिज्म एसोसिएशन की तरफ से यह सर्वे किया है, जर्मन इंस्टिट्यूट फॉर टूरिज्म रिसर्च ने. इस सर्वे के लिए 25 से 30 मार्च के बीच 1,124 लोगों से बात की गई. 16 फीसदी प्रतिभागियों ने बताया कि वैश्विक स्थिति को ध्यान में रखकर उन्होंने अगले तीन महीने की अपनी योजनाएं बदल दी हैं. जिन लोगों ने प्लान बदला, उनमें 46 फीसदी ऐसे हैं जिन्होंने फैसला किया कि यात्रा नहीं करेंगे, मतलब कहीं जाएंगे ही नहीं. वहीं, 32 फीसदी ने अपनी ट्रिप ही रद्द कर दी.

 

सर्वे में हिस्सा लेने वाले 79 प्रतिशत प्रतिभागियों ने बताया कि वे ऐसी जगह नहीं जाएंगे जहां राजनीतिक अस्थिरता या सामाजिक अशांति होतस्वीर: Ayhan Uyanik/REUTERS

जहां छुट्टी मनाने जाना है, उसकी राजनीतिक हालत कितनी अहम?

इंस्टिट्यूट के प्रमुख यूलियान राइफ ने जर्मन समाचार एजेंसी डीपीए से बातचीत में कहा, "छुट्टी पर जाना भी अराजनीतिक नहीं है." राइफ ने बताया कि जिस जगह छुट्टी मनाने जाना है, वहां की राजनीतिक हालत ने हॉलीडे पर जाने के फैसले में अहम भूमिका निभाई. दो तिहाई प्रतिभागियों ने कहा भी कि वे जहां जाना चाहते हैं वहां की राजनीतिक तस्वीर उनके लिए या तो अहम है, या बहुत अहम. 79 प्रतिशत प्रतिभागियों ने बताया कि वे ऐसी जगह नहीं जाएंगे जहां राजनीतिक अस्थिरता हो, या सामाजिक अशांति.

'डीटीवी जर्मन टूरिज्म एसोसिएशन' के प्रमुख राइनहार्ड मायर ने बताया कि दुनिया में फिलहाल जिस तरह की राजनीतिक हालत है, उसका लोगों के ट्रैवल प्लान पर साफ असर दिख रहा है. कम-से-कम, छोटी अवधि में तो यह जरूर नजर आ रहा है. सर्वे के हवाले से उन्होंने बताया, "हमारा सर्वेक्षण साफ दिखाता है कि वैश्विक संकट और इसके चलते बढ़ी कीमतों के कारण जर्मनी में छुट्टी पर जाने वालों के बीच अनिश्चितता हावी है."

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हालांकि, इसका मतलब ये नहीं कि जर्मन छुट्टी मनाना ही बंद कर देंगे. 72 प्रतिशत प्रतिभागी, अप्रैल से जून के बीच छुट्टियों के लोकप्रिय सीजन में यात्रा करने की योजना बना रहे हैं. फिर चाहे जर्मनी में ही मनाएं, या फिर विदेश जाएं. जर्मनी में बवेरिया एक लोकप्रिय ठिकाना है. वहीं, देश के बाहर की जगहों में स्पेन और  इटली टॉप पर हैं.

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