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तेल की लड़ाई में होरमुज जलडमरूमध्य की क्या जगह है
हाल ही में ओमान की खाड़ी में नॉर्वे और सिंगापुर के दो तेल टैंकरों पर संदिग्ध हमले की खबर आई. हमला होरमुज जलडमरूमध्य के नजदीक हुआ है. रणनीतिक रूप से होरमुज जलडमरूमध्य तेल व्यापार का सबसे अहम रास्ता माना जाता है.
तस्वीर: picture-alliance/AP Photo/IRIB News Agencyहोरमुज जलडमरूमध्य, फारस की खाड़ी में पड़ता है. यह ईरान और ओमान के जल क्षेत्र में आता है. सबसे संकरे बिंदु पर होरमुज की चौड़ाई महज 33 किलोमीटर है. दोनों दिशाओं में शिपिंग लेन सिर्फ तीन किलोमीटर चौड़ी है. यह ओमान की खाड़ी की ओर जाता है जहां से जहाज पूरी दुनिया में जाते हैं. यह पूरी दुनिया के तेल व्यापार के लिए बड़ा ट्रांजिट प्वाइंट है.
तस्वीर: picture-alliance/dpa/NASA/The Visible Earthखबर आई कि 13 जून को तेल के दो तेल टैंकरों पर होरमुज जलडमरूमध्य के करीब संदिग्ध हमले हुए. सभी 44 नाविकों को अमेरिकी नौसेना की मदद से सुरक्षित निकाला गया. इस मामले ने एक बार फिर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव को बढ़ा दिया.
तस्वीर: picture-alliance/AP Photo/ISNAइस संदिग्ध हमले से पहले भी अमेरिका ने 12 मई को संयुक्त अरब अमीरात के फुजाइरा में समुद्री जहाजों के बीच चार टैंकरों पर हुए हमले के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया था. हालांकि ईरान ने किसी भी हमले से साफ इनकार किया है.
तस्वीर: Imago/UPI//Imago/Russian Lookसमुद्री रास्तों के जरिए होने वाला तकरीबन एक तिहाई तेल कारोबार मतलब पूरी दुनिया का कुल 20 फीसदी कारोबार इस समुद्री मार्ग से होता है. सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत समेत चीन, भारत, जापान, और दक्षिण कोरिया में भी इसी मार्ग से तेल पहुंचाया जाता है. इसके साथ ही कतर से दुनिया भर में किए जाने वाला तरल प्राकृतिक गैस एक्सपोर्ट भी इसी मार्ग से होता है.
तस्वीर: Poopak Khajehamiriहोरमुज जलडमरूमध्य के संकरे रास्ते में अगर कुछ भी घटता है तो वह दुनिया भर के ऊर्जा बाजार को प्रभावित करता है. किसी भी प्रकार का विवाद दुनिया भर की तेल कीमतों में तेजी ला सकता है. विश्लेषक मान रहे हैं खाड़ी क्षेत्रों में तनाव पैदा होता है तो कीमतों में लंबे वक्त तक बढ़ोतरी बनी रह सकती है साथ ही साथ आपूर्ति भी प्रभावित होगी.
तस्वीर: Reuters/Kyodoभविष्य इस बात पर निर्भर करता है कि अमेरिका और ईरान की सरकारें इस मामले पर कैसी प्रतिक्रिया देगी. अमेरिका ने हाल में इस क्षेत्र में अपने नौसेना बल की तैनाती में इजाफा किया है. हालांकि अमेरिकी नौसेना का पांचवां बेड़ा पहले से ही मध्यपूर्व में तैनात है. अमेरिकी नौसेना का मुख्यालय बहरीन का मनामा है.
तस्वीर: ISNAईरान ने परमाणु समझौते पर नई रूपरेखा बनाने के लिए यूरोप को सात जुलाई तक का समय दिया है. अमेरिकी प्रतिबंधों से आर्थिक रूप से परेशान ईरान ने मई 2019 में एलान किया था कि वह संवर्धित यूरेनियम को देश के बाहर नहीं भेजेगा, बल्कि देश में ही यूरेनियम का और उच्च संवर्धन करेगा. परमाणु बम बनाने के लिए उच्च संवर्धित यूरेनियम की जरूरत होती है. वहीं ईरान होरमुज से होने वाले तेल कारोबार को बाधित कर सकता है.
तस्वीर: picture-alliance/AP Photo/IRIB News Agency