1. कंटेंट पर जाएं
  2. मेन्यू पर जाएं
  3. डीडब्ल्यू की अन्य साइट देखें

जर्मनी की राजनीति में हलचल मचा रहे हैं युवा संगठन

बेन नाइट
४ दिसम्बर २०२५

जर्मनी के प्रमुख राजनीतिक दलों के युवा संगठन अब अधिक आत्मविश्वास दिखा रहे हैं. चूंकि जर्मन संसद में बहुमत का अंतर बहुत कम है, इसलिए इन युवा संगठनों का प्रभाव अब और बढ़ सकता है.

कंजर्वेटिव क्रिश्चियन डेमोक्रेटिक यूनियन (सीडीयू) के युवा संगठन युंग यूनियन के सांसद
रूढ़िवादी युवा संगठन में पेंशन योजना को लेकर असंतोष धीरे-धीरे बढ़ रहा थातस्वीर: Michael Kappeler/dpa/picture alliance

शोर मचाने वाले युवा परेशानी का सबब बन सकते हैं. जर्मनी के चांसलर फ्रीडरिष मैर्त्स का दिसंबर में पहला बड़ा काम यह है कि वह अपनी पार्टी, कंजर्वेटिव क्रिश्चियन डेमोक्रेटिक यूनियन (सीडीयू) के युवा संगठन युंग यूनियन (जेयू) की संभावित बगावत को रोकें. यह विरोध उनकी गठबंधन सरकार की पेंशन प्रणाली में सुधार की योजना को लेकर है.

सीडीयू के संसदीय समूह में जेयू के करीब 18 सदस्यों ने नए पेंशन पैकेज के खिलाफ बगावत करने की धमकी दी. उनका कहना है कि यह सत्तारूढ़ गठबंधन में सहयोगी दल, सेंटर-लेफ्ट सोशल डेमोक्रेट्स (एसपीडी) के साथ बहुत बड़ा समझौता है. इससे आने वाली पीढ़ियों पर बहुत ज्यादा बोझ बढ़ेगा.

क्या जर्मन गठबंधन सरकार पर भारी पड़ेगा पेंशन सुधार विवाद

सत्ताधारी गठबंधन सिर्फ 12 सदस्यों की वजह से बहुमत में है. यानी, अगर ये 12 सदस्य अपना समर्थन वापस ले लेते हैं, तो सरकार खतरे में पड़ सकती है. इसलिए पेंशन कानून के खिलाफ जेयू समूह का वोट सरकार की योजना को नाकाम करने के लिए काफी होगा.

नवंबर में जेयू का सम्मेलन हुआ. इसमें चांसलर फ्रीडरिष मैर्त्स को रूढ़िवादी युवा नेताओं की नाराजगी का सामना करना पड़ातस्वीर: Chris Emil Janssen/picture alliance

इसी हफ्ते सीडीयू/सीएसयू संसदीय समूह के सदस्यों के बीच परीक्षण वोटिंग हुई. इसमें पता चला कि कुछ युवा सांसदों ने 5 दिसंबर को संसद में होने वाली वोटिंग से पहले ही अपना विरोध वापस लेने का फैसला कर लिया था.

रूढ़िवादी युवा संगठन में पेंशन योजना को लेकर असंतोष धीरे-धीरे बढ़ रहा था. इस योजना के तहत, 2031 के बाद भी मौजूदा पेंशन स्तर को बनाए रखने की बात कही गई है.  

जर्मनी में 42 फीसदी लोगों की पेंशन एक हजार यूरो से कम

नवंबर में दक्षिणी जर्मनी में आयोजित जेयू के एक सम्मेलन में, युवा सदस्यों ने मांग उठाई कि सीडीयू नेतृत्व को इस योजना पर नए सिरे से बातचीत करनी चाहिए. इस सम्मेलन में मैर्त्स ने भी भाषण दिया था.

क्या युवाओं को डराया जा रहा है?

सीडीयू के संसदीय नेता येन्स श्पान का पिछले पूरा हफ्ता ज्यादातर इस संभावित बगावत को दबाने की कोशिश में गुजरा. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीते दिनों श्पान ने बुंडेस्टाग के कई जेयू सदस्यों को अपने घर पिज्जा और वाइन पर बुलाया. अब यह न्योता उन्हें राजी करने के लिए था या धमकी देने के लिए, यह इसपर निर्भर करता है कि आप किसके बयान पर विश्वास करते हैं.

क्या जर्मन पेंशन सिस्टम का मुश्किल में पड़ना पहले से तय था

सार्वजनिक प्रसारक एआरडी पर टीवी डिबेट शो 'कैरेन मिओस्गा' में हिस्सा लेते हुए श्पान ने कहा, "मैं बस दोस्ताना और स्पष्ट बातचीत करता हूं. मैं धमकी नहीं देता. यह मेरे काम करने का तरीका नहीं है."

श्पान ने सार्वजनिक तौर पर यह चेतावनी भी दी कि अगर सरकार 5 दिसंबर को मतदान में हार गई, तो नतीजे बहुत बुरे हो सकते हैं. उन्होंने कहा, "नतीजा यह होगा कि बेरोजगारी भत्ता, प्रवासन और ऊर्जा नीति जैसे सभी काम फिलहाल के लिए ठप हो जाएंगे."

हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि सीडीयू नेताओं ने जेयू की ताकत को कम आंका है. खासतौर पर, पेंशन के मुद्दे पर उसके जुनून को, जो सीधे जर्मनी के युवाओं पर असर डालता है.

स्वतंत्र राजनीतिक सलाहकार और टिप्पणीकार योहान्स हिलये ने कहा, "फ्रीडरिष मैर्त्स और येन्स श्पान की गलती यह रही कि उन्हें इस बात का एहसास बहुत देरी से हुआ. उन्होंने युवा संगठन से सलाह लेने में बहुत ज्यादा देर कर दी. अगर पहले बात करते, तो इस मनमुटाव को कम किया जा सकता था."

अपने पेंशन सिस्टम को दुरुस्त करने के लिए जूझता जर्मनी

हिलये ने आगे कहा, "मैर्त्स ने जेयू से वादा किया था कि वह उनकी बात का ध्यान रखेंगे. आखिरकार, यह राजनीतिक प्रबंधन और सरकार चलाने की कला का सवाल है कि आप अपने सभी सहयोगियों को अपने साथ लेकर चलें. और, मुझे लगता है कि मैर्त्स इसमें चूक गए."

यह बदलाव हाल का घटनाक्रम है. कुछ हद तक यह जर्मनी की बूढ़ी होती आबादी और ज्यादा उम्र के वोटरों के प्रति झुकाव का नतीजा है. जैसा कि हिलये बताते हैं, "एसपीडी और सीडीयू जैसी पुरानी मुख्य पार्टियों में ज्यादा उम्र के वोटरों के प्रति झुकाव देखने को मिलता है. वे अपनी नीतियां वरिष्ठ मतदाताओं को ध्यान में रखकर बनाती हैं. नतीजतन, युवा संगठनों का नजरिया अपने-आप ही अधिक आलोचनात्मक और टकराव वाला हो जाता है."

खेलों में इतना कामयाब कैसे है जर्मनी?

07:39

This browser does not support the video element.

प्रतिभाशाली लोगों को आगे बढ़ाते हैं युवा संगठन

जर्मनी की सभी प्रमुख राजनीतिक पार्टियों का अपना युवा संगठन है. यह आधिकारिक तौर पर पार्टी का हिस्सा होता है. इसे युवा पीढ़ी के बीच राजनीतिक जुड़ाव बढ़ाने और नए प्रतिभाशाली लोगों को आगे लाने के मकसद से तैयार किया गया है.

इन संगठनों में सदस्यों के लिए अलग-अलग उम्र सीमा होती है. जेयू और एसपीडी के युवा संगठन युसोस (यंग सोशलिस्ट का छोटा नाम) के लिए आयु सीमा 14 से 35 वर्ष है. ग्रीन्स के ग्रुने युगेंड के सदस्यों की उम्र 28 साल से ज्यादा नहीं होनी चाहिए. इन सभी संगठनों से काफी ज्यादा लोग जुड़े हुए हैं.

जेयू, युसोस और लेफ्ट पार्टी के युवा संगठन, हर एक के 70 हजार से ज्यादा सदस्य हैं. जर्मनी की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने वाले कई बड़े नेताओं ने अपनी राजनीति की शुरुआत पार्टी के युवा संगठन से की थी. इनमें देश के पूर्व चांसलर गेरहार्ड श्रोएडर भी शामिल हैं.

जर्मनी: रक्षा पर खर्च करना ज्यादा जरूरी है या सामाजिक कल्याण पर?

गेरहार्ड श्रोएडर ने 1970 के दशक के आखिर में युसोस के नेता के तौर पर अपनी पहचान बनाई थी. पारंपरिक रूप से, एसपीडी के युवा अपनी राजनीतिक ताकत दिखाने में सबसे आगे रहे हैं.

केविन कूनर्ट 2017 में युसोस के नेता बने थे. इसके बाद उन्होंने अपनी पार्टी के नेताओं को यह कहकर नाराज कर दिया था कि उनकी पार्टी एसपीडी, अंगेला मैर्केल के नेतृत्व वाली सीडीयू के साथ एक और 'महागठबंधन' में शामिल होने से इनकार कर दे. 

जर्मनी के राजनीतिक युवा संगठनों में सबसे नया है, धुर-दक्षिणपंथी पार्टी एएफडी का जनरेशन जर्मनी (जीडी) तस्वीर: Martin Meissner/AP Photo/picture alliance

बढ़ रहा है सीडीयू के युवाओं का आत्मविश्वास

ऊने यून, यूनिवर्सिटी ऑफ ट्रियर में राजनीतिक विज्ञानी हैं. उनका कहना है कि युसोस के विपरीत जेयू अब तक सीडीयू की ज्यादातर बातों को मानता रहा है.

उन्होंने डीडब्ल्यू को बताया, "जेयू के सदस्यों का आत्मविश्वास मौजूदा दौर में जितना अधिक दिख रहा है, उतना पहले देखने को नहीं मिला है. आमतौर पर, हम कह सकते हैं कि युवा संगठन अब ज्यादा आत्मविश्वासी हो गए हैं. वे चाहते हैं कि राजनीति में उनकी बातों को ज्यादा अहमियत दी जाए."

राष्ट्रवाद और कट्टरता की ओर बढ़ रहे पूर्वी जर्मनी के युवा

हालिया हफ्तों में राजनीतिक गलियारों के अन्य हिस्सों में भी युवाओं के बीच असंतोष बढ़ रहा है. ग्रुने युगेंड (ग्रीन पार्टी का युवा संगठन) के सह-नेता लुइस बोबगा ने पिछले हफ्ते ज्यूड डॉयचे जाइटुंग अखबार को बताया कि 'ग्रीन पार्टी में इतनी हिम्मत नहीं है.'

बोबगा मुख्य रूप से इस बात से निराश थे कि ग्रीन्स ने प्रवासन पर मैर्त्स की टिप्पणियों से जुड़ी हालिया बहस में अधिक खुलकर बात क्यों नहीं रखी. 23 वर्षीय बोबगा ने कहा, "बहुत से लोग अब समझ नहीं पा रहे हैं कि ग्रीन पार्टी का स्टैंड क्या है. हमें अगले संसदीय चुनाव में स्पष्ट संदेश के साथ उतरना चाहिए."

जर्मनी में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने में लाखों रुपए क्यों लगते हैं?

कुल मिलाकर, ऐसा लगता है कि जर्मनी के राजनीतिक युवा संगठन अपनी पार्टियों को अधिक साहसी या अधिक सैद्धांतिक बनाने के लिए प्रेरित करने को ही अपनी मुख्य भूमिका मानते हैं.

यून ने बताया, "युवा संगठनों का झुकाव ज्यादातर साफ-सुथरे लक्ष्यों पर होता है. ये कम व्यावहारिक होते हैं. यही कारण है कि वे अपनी पार्टी की विचारधारा के सबसे कट्टरपंथी रुख को दिखाते हैं."

हिलये ने कहा, "वे कुछ हद तक पार्टियों के ड्राइवर की भूमिका में होते हैं. कभी-कभी यह अच्छा काम करता है, कभी-कभी नहीं. युवा संगठन के नेता होने पर आपको अपनी बात कट्टरता से रखने की छूट होती है."

जर्मनी के राजनीतिक युवा संगठनों में सबसे नया है, धुर-दक्षिणपंथी पार्टी एएफडी का जनरेशन जर्मनी (जीडी). संभव है कि आने वाले महीनों में यह संगठन उस अंतिम तर्क को परख सकता है, यानी कि युवा कितनी अति कर सकते हैं या अपनी बात को कितने आक्रामक तरीके से रख सकते हैं.

बीते दिनों गीसेन शहर में, कभी-कभी हिंसक हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच इस नए संगठन (जीडी) का गठन किया गया. इसके नए नेता ज्यॉं-पास्कल होम और उनके साथियों ने मास डिपोर्टेशन, यानी बड़ी संख्या में लोगों को जर्मनी से बाहर करने की नीति को ही अपने राजनीतिक एजेंडे का केंद्र बनाया है.

यह ऐप बताता है कि चुनाव में कौन सी पार्टी आपके लिए ठीक रहेगी

जीडी की शुरुआत ही विवादों के साथ हुई है. संगठन के कई नए सदस्य 'एक्सट्रीमिस्ट आइडेंटिटेरियन मूवमेंट' से संबंध रखते हैं. होम को तो खुद उनके गृह राज्य ब्रांडेनबुर्ग की खुफिया एजेंसी ने दक्षिणपंथी चरमपंथी घोषित किया हुआ है.

होम ने बीते दिनों एक कॉन्फ्रेंस में कहा, "हम पार्टी के भविष्य के नेताओं के लिए एक प्रशिक्षण स्थल बनना चाहते हैं. हम पार्टी के पदाधिकारियों, चुने हुए प्रतिनिधियों और आशा है कि भविष्य में सरकार के सदस्यों को भी तैयार करना चाहते हैं."

डीडब्ल्यू की टॉप स्टोरी को स्किप करें

डीडब्ल्यू की टॉप स्टोरी

डीडब्ल्यू की और रिपोर्टें को स्किप करें

डीडब्ल्यू की और रिपोर्टें