मेडिकल फील्ड में महिलाओं पर रिसर्च की कमी बड़ी समस्या रही है. ज्यादातर पुरुषों के शरीर पर रिसर्च के कारण बीमारी के लक्षण समझने में भी चूक होती रही. मसलन, अक्सर महिलाओं में हार्ट अटैक के लक्षण पुरुषों से अलग होते हैं. इसी की एक मिसाल हैं क्रिस्टीना पिंगेल, जो कई सालों तक हृदय रोग से जूझती रहीं. डॉक्टरों ने उनकी हालत को मनोवैज्ञानिक बताकर टाल दिया. समय पर बीमारी की पहचान ना होना जानलेवा हो सकता है.