अमेरिका के नेशनल इंस्टिट्यूट्स ऑफ हेल्थ (NIH) ने ऐलान किया है कि इंसानी स्टेम सेल को जानवर के भ्रूण में डालने वाले परीक्षणों की फंडिंग पर लगी रोक हटाई जा सकती है. NIH की विज्ञान नीति के एसोसिएट डायरेक्टर कैरी वोलिनेट्ज ने एक ब्लॉग के जरिये इस प्रस्ताव की जानकारी दी. इसका समर्थन करने वाले वैज्ञानिकों को लगता है कि ऐसा कर कई बीमारियों के बारे में बेहतर ढंग से पता चलेगा. साथ ही भविष्य में अंग प्रत्यारोपण के लिए जरूरी अंग भी पैदा किये जा सकेंगे.
वैसे तो वैज्ञानिक लंबे समय से इंसान की ट्यूमर कोशिकाओं को चूहे के भीतर डालते हैं और फिर प्रयोगों के जरिये उस ट्यूमर को नष्ट करने की कोशिश करते हैं. लेकिन स्टेम सेल रिसर्च इससे अलग है. भ्रूण के भीतर स्टेम सेल डालने के बाद किसी की तरह की कोशिका बनाई जा सकती है. उन कोशिकाओं को अंग, रक्त और हड़्डियों में भी बदला जा सकता है.
लेकिन वैज्ञानिकों का दूसरा धड़ा इस प्रयोग से खासा चिंतित है. कैलीफोर्निया यूनवर्सिटी के स्टेम सेल रिसर्चर पॉल क्नोएफलर के मुताबिक अगर स्टेम सेल विकसित होकर पशु के दिमाग का हिस्सा बन गई तो क्या होगा. क्नोएफलर कहते हैं, "ऐसी कोई साफ लकीर नहीं है जो इन दोनों को अलग कर सके क्योंकि यह पता नहीं है कि किस बिंदु पर आकर पशुओं का मस्तिष्क इंसानों जैसा हो जाएगा, ऐसा हुआ तो वे इंसान की तरह सोचने लग सकते हैं."
वहीं NIH को लग रहा है कि चिंताओं के चलते एक बड़ी खोज का रास्ता रुका हुआ है. संस्था की प्रवक्ता रेनेटे माइलेस का के मुताबिक, "हम विज्ञान की दशा देखते हैं और जानते हैं कि विज्ञान कहां जा रहा है." नेशनल इंस्टीट्यूट्स ऑफ हेल्थ का कहना है कि इस प्रस्ताव को पहले सलाहकार समिति के सामने पेश किया जाएगा. पहले चरण में इंसानी स्टेम सेल जानवरों के भ्रूण में डाली जाएंगी और उस चरण तक आगे बढ़ा जाएगा जहां अंग विकसित होने लगते हैं.
जीन के मामले में इंसान के करीबी माने जाने वाले बंदर, चिम्पाजी और लंगूरों पर इस तरह का परीक्षण बिल्कुल नहीं किया जाएगा.
(देखिये, हैरान करने वाली भविष्यवाणियां, इनमें से एक कहती है कि 2154 तक जानवर आधे इंसान बन जाएंगे.)
करीब 85 फीसदी सटीक भविष्यवाणियां करने वाली बुल्गारिया की दृष्टिहीन महिला बाबा वंगा अकसर सुर्खियों में रहती हैं. देखिए भविष्य के बारे में वह क्या कह चुकी हैं.
तस्वीर: picture-alliance/epa/V. Gilotayबुल्गारिया में पैदा हुई वेंगेलिया पांडेवा दिमित्रोवा ने 12 साल तक सामान्य जिंदगी जी. कहानियों के मुताबिक इसके बाद एक रहस्यमयी तूफान में उनकी दृष्टि चली गई. कई दिनों बाद वो परिवार को मिलीं लेकिन उनकी आंखों में मिट्टी भर गई थी. लेकिन इसके बावजूद वो काफी कुछ देखती थीं और भविष्यवाणियां कर लोगों की मदद करती थीं.
तस्वीर: picture-alliance/epa/V. Gilotay1996 में बाबा वंगा का निधन हुआ. लेकिन उससे पहले ही वो 2001 में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हमले और 2004 में सुनामी, अफ्रीकी अमेरिकी मूल के व्यक्ति के अमेरिकी राष्ट्रपति बनने और 2010 के अरब वसंत की भविष्यवाणी कर चुकी थीं.
तस्वीर: APभारत, पाकिस्तान, इंडोनेशिया, चीन और जापान में भयंकर सूनामी आ सकता है. समुद्र की लहरें बड़े इलाके को साफ कर सकती हैं.
तस्वीर: Getty Images/AFP/S. Tomizawaरूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन पर किसी अंदरूनी शख्स द्वारा जानलेवा हमले की भविष्यवाणी. अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के गंभीर रूप से बीमार होने का भी संकेत दिया गया है. बाबा वंगा ने यूरोप में बड़े आर्थिक संकट की भी भविष्यवाणी की है.
तस्वीर: picture alliance/UPI Photo/newscom/D. Silpaपृथ्वी की कक्षा में हल्का सा बदलाव आएगा.
तस्वीर: NASAइंसान ऊर्जा का एक नया स्रोत खोज लेगा. खाद्यान्न की कमी खत्म हो जाएगी. बुध की तरफ एक मानव अंतरिक्ष मिशन जाएगा.
तस्वीर: imago/Science Photo Libraryपृथ्वी की बर्फ की विशाल परत गल जाएगी.
तस्वीर: Reuters/P. Askinइस साल यूरोप पर इस्लामी सत्ता का हमला होगा. यूरोप के ज्यादातर हिस्से खिलाफत के तहत आ जाएंगे. इसका केंद्र रोम होगा.
तस्वीर: Getty Images/AFP/F. Monteforteइंसान हर अंग का निर्माण करना सीख जाएगा. अंगों को बदलना इलाज का अहम हिस्सा बन जाएगा.
तस्वीर: Getty Imagesएक मस्जिद पर हमला होने के बाद अमेरिका अभूतपूर्व हथियार का इस्तेमाल करेगा. इससे तापमान अचानक गिर जाएगा.
तस्वीर: Reuters/M.Sezerकृत्रिम सूरज धरती के अंधेरे हिस्सों को रोशनी देगा.
तस्वीर: Getty Images/AFP/C. Stacheइंसान और रोबोट मिल जाएंगे. उन्हें साइबोर्स कहा गया है.
तस्वीर: Reutersक्रमिक विकास के चलते जानवर आधे इंसान बन जाएंगे.
तस्वीर: picture-alliance/dpaपृथ्वी अभूतपूर्व सूखे का सामना करेगी.
तस्वीर: Reuters/B. Kellyएलियंस की मदद से इंसान पानी के नीचे रिहायशी बस्ती बना लेगा. इन बस्तियों में जमीन जैसे सारे इंतजाम होंगे.
तस्वीर: picture-alliance/dpa/Filmएशिया और यूरोप के लोगों मिलने से इंसान की एक नई नस्ल बनेगी.
तस्वीर: MNStudio - Fotoliaसूर्य की नाभिकीय क्रियायों में बदलाव आएगा. सूर्य फीका पड़ने लगेगा और तापमान गिरने लगेगा.
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तस्वीर: picture-alliance/AP/Plinio Lepriदो कृत्रिम सूर्य आपस में संघर्ष करेंगे. पृथ्वी पर अंधकार छा जाएगा.
तस्वीर: APतस्वीर: Imago/Eibner Europa