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समाज

55 साल बाद भारत-बांग्लादेश के बीच रेल लिंक शुरू

१७ दिसम्बर २०२०

विजय दिवस के ठीक अगले दिन भारत और बांग्लादेश के बीच वर्चुल बैठक हुई. भारत ने कहा है कि 'नेबरहुड फर्स्ट नीति' के तहत बांग्लादेश प्रमुख स्तंभ है. नरेंद्र मोदी और शेख हसीना ने चिल्हटी-हल्दीबाड़ी रेल लिंक का उद्घाटन किया.

Indien Neu Delhi | Hasina Wajed, Premierministerin Bangladesch & Narendra Modi
तस्वीर: Getty Images/AFP/P. Singh

कोरोना वायरस की वजह से पूरी दुनिया में वर्चुअल बैठकें हो रही हैं. भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना के साथ अपनी बैठक में वर्चुअल बैठक का जिक्र किया और कहा कि दोनों नेताओं के बीच यह माध्यम नया नहीं है और दोनों नेता इस माध्यम से बातचीत करते रहे हैं. दोनों नेताओं के बीच बैठक ऐसे समय में हुई जब बांग्लादेश की आजादी को 50 साल पूरे हुए हैं और देश विजय दिवस मना रहा है. मोदी ने इस मौके पर कहा, "वैश्विक महामारी के कारण ये वर्ष चुनौतीपूर्ण रहा है लेकिन संतोष का विषय है कि भारत और बांग्लादेश के बीच अच्छा सहयोग रहा, वैक्सीन के क्षेत्र में भी हमारे बीच अच्छा सहयोग चल रहा है. इस सिलसिले में हम आपकी आवश्यकताओं का भी विशेष ध्यान रखेंगे." मोदी ने कहा, "विजय दिवस के तुरंत बाद हमारी मुलाकात और भी अधिक महत्व रखती है. एंटी लिब्रेशन फोर्सेस पर बांग्लादेश की ऐतिहासिक जीत को आपके साथ विजय दिवस के रूप में मनाना हमारे लिए गर्व की बात है."

"सच्चा दोस्त भारत"

दूसरी तरफ प्रधानमंत्री हसीना ने 1971 के युद्ध में शहीद हुए भारतीय जवानों को श्रद्धांजलि दी. उन्होंने बांग्लादेश की आजादी में भारतीय फौज और भारत की अहम भूमिका को याद किया. हसीना ने भारत को "सच्चा दोस्त" बताया. हसीना ने पिछले साल दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में दोनों नेताओं की मुलाकात को याद भी किया. कोरोना वायरस महामारी का जिक्र करते हुए हसीना ने कहा कि दुनियाभर में लाखों लोगों की इस वजह से मौत हुई, करोड़ों लोगों की आजीविका प्रभावित हुई और बीमारी के कारण अर्थव्यवस्था पर असर पड़ा है.

मोदी ने इस मौके पर बंगबंधु-बापू डिजिटल प्रदर्शनी का ऑनलाइन उद्घाटन किया. उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि बंगबंधु-बापू की प्रदर्शनी युवाओं को प्रेरणा देगी. अधिकारियों का कहना है कि महात्मा गांधी और मुजीबुर रहमान अलग-अलग समय में पैदा हुए और उन्हें अलग-अलग विरोधियों का सामना करना पड़ा लेकिन दोनों नेताओं ने अपने लोगों की भलाई के लिए अपने जीवन की परवाह नहीं की. बंगबंधु-बापू डिजिटल प्रदर्शनी नई दिल्ली में और उसके बाद बांग्लादेश के अलग-अलग शहरों में लगाई जाएगी. इस प्रदर्शनी का समापन 2022 में कोलकाता में होगा.

दोनों नेताओं ने चिल्हटी-हल्दीबाड़ी रेल लाइन का भी उद्घाटन किया जो करीब 55 साल बंद से पड़ी थी. रेल लाइन के खुल जाने से दोनों देशों के बीच संबंधों में और मजबूती आने की उम्मीद है. 1965 में पूर्वी पाकिस्तान (बांग्लादेश) और भारत के बीच रेल संपर्क टूटने के बाद से ही यह लाइन बंद पड़ी थी.

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आमिर अंसारी डीडब्ल्यू के दिल्ली स्टूडियो में कार्यरत विदेशी संवाददाता.
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