भारत के कपड़ा कारोबार के मशहूर केंद्र सूरत में दुकानदारों ने भारत सरकार के नये गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स के खिलाफ कुछ हफ्तों से हड़ताल कर रखी है. उन्हें इस नये एकीकृत टैक्स सिस्टम से नुकसान होने की आशंका है.
तस्वीर: Thomson Reuters Foundation/R. Srivastava
विज्ञापन
1 जुलाई से भारत में वस्तु और सेवा कर लागू हो गया. चलिए जानते हैं कि इससे कौन सी चीजों के दाम प्रभावित होंगे.
1 जुलाई से भारत में वस्तु और सेवा कर लागू हो गया. चलिए जानते हैं कि इससे कौन सी चीजों के दाम प्रभावित होंगे.
तस्वीर: Bijoyeta Das
दो दिन चली बैठक
श्रीनगर में चल रही जीएसटी काउंसिल की दो दिवसीय बैठक में पहले दिन कुल 1,211 वस्तुओं में से 1,205 वस्तुओं पर और दूसरे दिन बाकी बची वस्तुओं पर दरें तय कर ली गई. प्रस्तावित जीएसटी दायरे में चार स्तर पर दरें रखी गई हैं. इन्हें 5, 12, 18 और 28 प्रतिशत के कर ढांचे में रखा गया है.
तस्वीर: Bijoyeta Das
दरें तय
परिषद ने 14 फीसदी वस्तुओं को 5 फीसदी की सबसे निचली श्रेणी में रखा है. इसी तरह 17 फीसदी वस्तुओं को 12 फीसदी की श्रेणी में और 43 फीसदी को 18 फीसदी की कर श्रेणी में रखा गया है. केवल 19 फीसदी वस्तुओं को 28 फीसदी की उच्च कर श्रेणी में रखा गया है. कुल मिलाकर जीएसटी के तहत 81 फीसदी वस्तुओं पर 18 फीसदी या उससे कम कर लगेगा.
तस्वीर: REUTERS/File Photo/A. Dave
क्या सस्ता
दूध और दही को कर दायरे से बाहर रखा गया है. पेट्रोलियम उत्पादों को पहले ही बाहर किया जा चुका है. केश तेल, साबुन, टूथ-पेस्ट, वॉशिंग मशीन, फ्रिज सस्ते होंगे. अनाज को छूट की श्रेणी के तहत रखा गया है. गुड़ पर भी छूट रखी गई है. कोयले पर भी कर की दर को कम किया गया है जिसका असर ऊर्जा क्षेत्र पर नजर आ सकता है. मिठाई को 5 फीसदी वाली निचली कर श्रेणी में रखा गया है
तस्वीर: Copyright: pa/robertharding
क्या महंगा
शीतल पेय और कारों को 28 फीसदी की उच्च कर श्रेणी में रखा गया है. छोटी कारों पर एक फीसदी उपकर, मझोली कारों पर 3 फीसदी और लक्जरी कारों पर 15 फीसदी उपकर लगेगा. तंबाकू उत्पाद और अन्य लक्जरी उत्पादों को उच्च कर दायरे में रखा गया है.
तस्वीर: Getty Images/AFP/G. Bouys
क्या होगा खत्म
नई जीएसटी प्रणाली मौजूदा कर प्रणाली के 16 तरह के करों को खत्म कर देगी. इसमें सात कर केंद्र सरकार के तहत आते हैं मसलन सेवा कर, उत्पाद शुल्क. वहीं राज्यों के नौ करों मसलन वैट, मनोरंजन कर आदि समाप्त हो जायेंगे.
तस्वीर: DW/P. M. Tewari
राज्यों की मांग
जीएसटी को लेकर राज्यों की अपनी मांगें हैं. मसलन उत्तर प्रदेश का कहना है कि रेशम धागे, सूती धागे और पूजा सामग्री पर कर न लगे. जम्मू कश्मीर हथकरघा और हस्तशिल्प पर छूट चाहता है. कुछ तटवर्ती राज्य मछली के उपभोग अनुसार उस पर कर की दर तय करने के लिये कह रहे हैं.
तस्वीर: Imago/Hindustan Times/A. Yadav
जीएसटी लीग में शामिल
दुनिया में फ्रांस ने सबसे पहले साल 1954 में जीएसटी को लागू किया था. इसके बाद जर्मनी, इटली, ब्रिटेन, दक्षिण कोरिया, जापान, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया जैसे तमाम देशों ने जीएसटी पद्धति को लागू किया. चीन ने जीएसटी को 1994 में लागू किया वहीं रूस में इसे 1991 में लागू किया गया.