भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि बुरहान वानी को महिमामंडित किए जाने से साफ है कि पाकिस्तान आतंकवाद का लगातार समर्थन कर रहा है.
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पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की तरफ से संयुक्त राष्ट्र में कश्मीर मुद्दा उठाने पर भारत ने पलटवार किया है. भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि बुरहान वानी को महिमामंडित किए जाने से साफ है कि पाकिस्तान आतंकवाद का लगातार समर्थन कर रहा है.
बुधवार को संयुक्त राष्ट्र की आमसभा में शरीफ ने भारत पर आरोप लगाया कि वह बातचीत के लिए ऐसी शर्त रख रहा है जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि कश्मीर मुद्दे को हल किए बिना दक्षिण एशिया में शांति कायम नहीं हो सकती है जबकि भारत बातचीत से पहले आतंकवाद के खात्मे की बात कहता है.
नवाज शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान भारत की तरफ से हो रही 'सैन्य तैयारियों को' अनदेखा नहीं कर सकता है और अपनी सुरक्षा के लिए जो भी कदम होगा वो उठाएगा. कश्मीर घाटी जुलाई में चरमपंथी कमांडर बुरहान वानी की मौत के बाद से ही उबल रही है, लेकिन रविवार को उड़ी में भारतीय सेना के बेस पर हमले में 18 सैनिकों की मौत के बाद दोनों देशों में तनाव एक नए स्तर तक पहुंच गया है.
तस्वीरों में: सुंदरता और संघर्ष का नाम कश्मीर
सुंदरता और संघर्ष का नाम कश्मीर
शायर कश्मीर को दुनिया की सबसे खूबसूरत जगह कहते हैं और विश्लेषक उसे सबसे ज्यादा सैनिकों से पटी खतरनाक जगह. इन विरोधाभासों के बावजूद क्या है असली कश्मीर.
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बहुसंस्कृति
कश्मीर को कभी बहुसांस्कृतिक माहौल के लिए भी जाना जाता था. कश्मीर में मुस्लिम बहुल आबादी, जम्मू में हिन्दू और लद्दाख में बौद्ध. कश्मीर की संस्कृति में इनका मिला जुला असर दिखता है. हिंसा ने बहुसंस्कृति पर भी असर डाला.
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केसर
महकता केसर कश्मीर की पहचान है. ईरान और स्पेन के बाद भारत केसर का सबसे बड़ा निर्यातक है. कश्मीर में इसका इस्तेमाल कई व्यंजनों और कहवे में किया जाता है.
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फूलों की चादर
कश्मीर घाटी फूलों के लिए भी मशहूर है. बीते साल करीब 11 लाख सैलानी ट्यूलिप के बागों से भरे जम्मू कश्मीर को देखने पहुंचे. इनमें 50 हजार विदेशी पर्यटक थे.
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हिमाच्छादित कश्मीर
सर्दियों में कश्मीर का बड़ा इलाका बर्फ से ढक जाता है. विंटर स्पोर्ट्स के लिए यहां की कई जगहें एकदम मुफीद हैं. लेकिन अच्छे आधारभूत ढांचे की कमी और हिंसा के चलते इसकी संभावनाएं पूरी तरह इस्तेमाल नहीं हो पाई हैं.
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नदियां
हिमालय की गोद में बसे जम्मू कश्मीर से 20 से ज्यादा नदियां निकलती हैं. इनमें सिंधु, नीलम और रावी प्रमुख हैं. ये बड़ी नदियां भारत से निकलकर पाकिस्तान जाती हैं और इसलिए विवाद के केंद्र में भी हैं.
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लकड़ी
कश्मीर की लकड़ी बेहद उम्दा किस्म की मानी जाती है. क्रिकेट बैट के लिए कश्मीर विलो को सबसे अच्छा माना जाता है. कश्मीर की लकड़ी नाव और फर्नीचर के लिए भी मुफीद मानी जाती है.
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सूफियाना
भारतीय उपमहाद्वीप में गायकी की सूफी परंपरा कश्मीर से ही फैली. रहस्यवाद और मानवता का संदेश देने वाली सूफी गायकी अब भारत और पाकिस्तान में खासी लोकप्रिय है.
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फिल्मों की शूटिंग
1980 के दशक तक कश्मीर घाटी फिल्मों की शूटिंग के लिए भी मशहूर थी. बॉलीवुड के कई सुपरहिट गाने कश्मीर की वादियों से ही निकले. लेकिन 1990 के दशक में हिंसा की मार पड़ी. हाल के सालों में इक्का दुक्का फिल्मों की शूटिंग हुई है.
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सबसे ऊंचा रणक्षेत्र
भारत और पाकिस्तान के बीच कश्मीर विवाद 1948 से चला आ रहा है. 5,753 मीटर की ऊंचाई पर स्थित सियाचिन ग्लेशियर दुनिया का सबसे ऊंचा रणक्षेत्र है.
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नवाज शरीफ ने यूएन में दिए अपने भाषण में बुरहान वानी को ‘कश्मीर के शांतिपूर्ण और लोकप्रिय स्वतंत्रता आंदोलना का प्रतीक' बताया. उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय दक्षिण एशिया में बढ़ रहे खतरे को अनदेखा कर रहा है जिसके जोखिम उसे उठाने होंगे. नवाज शरीफ ने कश्मीर में भारतीय सेना पर जुल्म ढाने का आरोप लगाते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से उनकी जांच करने को कहा. उन्होंने फिर भारत से बातचीत की पैरवी की, लेकिन इसके कोई भी पूर्व शर्त मानने से इनकार कर दिया.
वहीं भारत में नवाज शरीफ के बयान की कड़ी प्रतिक्रिया हो रही है. भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने ट्वीट किया, “पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने संयुक्त राष्ट्र के सबसे बड़े मंच पर हिज्बुल आतंकवादी बुरहान वानी को महिमामंडित किया है. इससे पता चलता है कि पाकिस्तान लगातार आंतकवाद से जुड़ा हुआ है.” वहीं संयुक्त राष्ट्र में भारतीय मिशन ने भी ने नवाज शरीफ को करारा जबाव दिया है. भारत की एक वरिष्ठ राजनयिक ऐनाम गंभीर ने कहा, “ये विडंबना है.. आज हमने देखा है कि जो देश अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद का मूलकेंद्र है वो हमें मानवाधिकारों पर भाषण दे रहा है और स्व-निर्धारण की बात कर रहा है.”
देखिए, कहां कहां हो रहे हैं पानी पर झगड़े
कहां कहां हो रहे हैं पानी पर झगड़े
भारत में कावेरी जल विवाद हो या सतलुज यमुना लिंक का मुद्दा, पानी को लेकर अकसर खींचतान होती रही है. वैसे पानी को लेकर झगड़े दुनिया में और भी कई जगह हो रहे हैं. एक नजर बड़े जल विवादों पर.
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ब्रह्मपुत्र नदी विवाद
2900 किलोमीटर लंबी ब्रह्मपुत्र नदी चीन के तिब्बत से निकलती है. अरुणाचल प्रदेश और असम से होते हुए ये बांग्लादेश में गंगा में मिल जाती है. उर्जा के भूखे चीन के लिए जहां इस नदी का पनबिजली परियोजनाओं के लिए महत्व है, वहीं भारत और बांग्लादेश के बड़े भूभाग को ये नदी सींचती है. भारत और चीन के बीच इसके पानी के इस्तेमाल के लिए कोई द्विपक्षीय संधि नहीं है लेकिन दोनों सरकारों ने हाल में कुछ कदम उठाए हैं.
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ग्रांड रेनेसॉ बांध और नील नदी
2011 में अफ्रीकी देश इथियोपिया ने ग्रांड इथियोपियन रेनेसॉ बांध बनाने की घोषणा की. सूडान की सीमा के नजदीक ब्लू नील पर बनने वाले इस बांध से छह हजार मेगावॉट बिजली बन सकेगी. बांध बनाने का विरोध सूडान भी कर रहा है लेकिन मिस्र में तो इससे पानी की आपूर्ति प्रभावित होने का खतरा है. 1929 और 1959 में संधियां हुई हैं. लेकिन इथियोपिया किसी बात की परवाह किए बिना बांध बना रहा है जो 2017 तक पूरा हो सकता है.
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इलिसु बांध और तिगरिस नदी
तुर्की सीरियाई सरहद के पास तिगरिस नदी पर इलिसु बांध बना रहा है. इस महत्वाकांक्षी परियोजना के से सिर्फ तिगरिस बल्कि यूफ्रेटस की हाइड्रोइलेक्ट्रिक क्षमताओं का भरपूर इस्तेमाल किया जाना है. तुर्की अपनी अनातोलियन परियोजना के तहत तिगरिस-यूफ्रेटस के बेसिन में कई और बांध और हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्लांट लगाना चाहता है. लेकिन इससे सबसे बड़ा घाटा इराक का होगा जिसे अब तक इन नदियों का सबसे ज्यादा पानी मिलता था.
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सिंधु जल संधि विवाद
पानी के बंटवारे के लिए विश्व बैंक ने 1960 में भारत और पाकिस्तान के बीच एक संधि कराई जिसे सिंधु जल संधि के नाम से जाना जाता है. इसके तहत ब्यास, रावी और सतलज नदियों का नियंत्रण भारत को सौंपा गया जबकि सिंधु, चेनाब और झेलम का नियंत्रण पाकिस्तान को. पानी का बंटवारा कैसे हो, इसे लेकर विवाद रहा है. चूंकि पाकिस्तान के नियंत्रण वाली नदियां भारत से होकर जाती है, भारत इसका इस्तेमाल सिंचाई के लिए कर सकता है.
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शायाबुरी बांध
दक्षिण पूर्व एशियाई देश लाओस मेकॉन्ग नदी पर शायाबुरी बांध बना रहा है जिसका उसके पड़ोसी देश और पर्यावरणविद् विरोध कर रहे हैं. बांध के बाद ये नदी कंबोडिया और वियतनाम से गुजरती है. उनका कहना है कि बांध के कारण उनके मछली भंडार और लाखों लोगों की जिंदगियां प्रभावित होंगी. गरीब लाओस शायाबुरी बांध को अपनी आमदनी का जरिया बनाना चाहता है. उसकी योजना इससे बनने वाली बिजली को पड़ोसी देशों को बेचना है.
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पानी पर सियासत
मध्य पूर्व में जॉर्डन नदी का बेसिन इस्राएल और अन्य देशों के बीच सियासत का एक अहम मुद्दा है. मध्य पूर्व में पानी के स्रोतों की कमी होने की वजह इस्राएल, पश्चिमी तट, लेबनान, सीरिया और जॉर्डन के बीच अकसर खींचतान होती रहती है. 1960 के दशक में पानी के बंटवारे को लेकर इस्राएल और अरब देशों के बीच तीन साल तक चले गंभीर विवाद को जल युद्ध का नाम दिया जाता है.
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गंभीर ने ये भी आरोप लगाया कि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मदद में मिलने वाले करोड़ों डॉलर की रकम को आंतकवादी गुटों की ट्रेनिंग और मदद करने पर खर्च करता है.
भारत लंबे समय से पाकिस्तान पर कश्मीर में चरमपंथ को हवा देने का आरोप लगाता रहा है, जबकि पाकिस्तान इन आरोपों से इनकार करता है.