कभी सोचा है कि अगर कूड़ा उठाने वाले ना आएं, तो आपके घर और मोहल्ले का क्या हाल होगा? अपने इस काम के बदले ये लोग थोड़ी इज्जत और बेहतर हालात मांग रहे हैं.
तस्वीर: Getty Images/AFP/S. Kanojia
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Fighting for women's rights
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फिलिपींस का नाम आते ही मन में खूबसूरत बीच और नीले आसमान का चित्र उभरता है. लेकिन इस खूबसूरत द्वीप की एक सच्चाई यह भी है..
फिलिपींस का नाम आते ही मन में खूबसूरत बीच और नीले आसमान का चित्र उभरता है. लेकिन इस खूबसूरत द्वीप की एक सच्चाई यह भी है..
तस्वीर: Jilson Tiu/Greenpeace
रेत की जगह कूड़ा
यह दृश्य है मनीला की खाड़ी पर कृत्रिम रूप से बनाए गए फ्रीडम आयलैंड का. इसे खास पर्यटकों को ध्यान में रख कर बनाया गया था. लेकिन जहां सुनहरी रेत की चादर होनी चाहिए, वहां आज प्लास्टिक की बोतलें और कूड़ा बिखरा है.
तस्वीर: Daniel Müller/Greenpeace
अब बहुत हुआ
तट की हालत देखते हुए ग्रीनपीस ने मामले को अपने हाथ में लेने का फैसला किया. इसमें अंतरराष्ट्रीय आंदोलन "ब्रेक फ्री फ्रॉम प्लास्टिक" भी उनका साथ दे रहा है.
तस्वीर: Daniel Müller/Greenpeace
कड़ी मेहनत
बीच की साफ सफाई में लगे लोग स्वयंसेवी हैं. ग्रीनपीस के अनुसार उन्हें इस काम में कुल 10,000 घंटे का समय लगेगा. कूड़े में प्लास्टिक की बोतलों के अलावा थैले, चप्पल और रैपर जैसी चीजें शामिल है.
तस्वीर: Jilson Tiu/Greenpeace
कहां कहां से आया?
वॉलंटियर केवल कूड़ा उठाने में ही नहीं लगे हैं, बल्कि उसकी छंटाई भी कर रहे हैं. वे जानना चाहते हैं कि द्वीप पर किस किस तरह का कूड़ा है और वह कहां कहां से आया है.
तस्वीर: Daniel Müller/Greenpeace
और यह है नतीजा
ग्रीनपीस ने पाया कि बीच पर सबसे अधिक मात्रा में नेस्ले, यूनिलीवर और इंडोनेशियाई कंपनी तोराबीका मायोरा के बनाए उत्पादों का कूड़ा मौजूद है. अकेले नेस्ले के ही 9,000 से अधिक पैकेट यहां मिले हैं.
तस्वीर: Daniel Müller/Greenpeace
इस्तेमाल करो और फेंको
शैंपू की बोतले हों या फिर नूडल्स के कप, बाजार ने ग्राहकों को कुछ इस तरह से नियंत्रित कर लिया है कि वे इस्तेमाल करो और फेंको के सिद्धांत पर ही चलते हैं.
तस्वीर: Daniel Müller/Greenpeace
कैसा होगा भविष्य?
अगर इसी तरह आगे भी होता रहा, तो एक एक कर दुनिया भर में इसी तरह प्लास्टिक का कूड़ा फैल जाएगा जिसे समेटना असंभव होगा. ऐसे में कंपनियों को अब प्लास्टिक को रिसाइकल करने के बारे में सोचना होगा.
तस्वीर: Jilson Tiu/Greenpeace
सबसे गंदा
एक सर्वे के मुताबिक फिलीपींस समुद्र को सबसे अधिक नुकसान पहुंचाने वाले दुनिया के तीन देशों में से एक है. बाकी दो हैं चीन और इंडोनेशिया.
तस्वीर: Jilson Tiu/Greenpeace
सोच बदलो
ग्रीनपीस ने कुछ इलाकों को साफ तो कर दिया है लेकिन उन्हें डर है कि कुछ वक्त में एक बार फिर उतना ही कूड़ा जमा हो जाएगा. क्या किसी तरह लोगों की सोच को बदला नहीं जा सकता?