आतंकवादी संगठन आईएस के समर्थक हैकर्स ने एक किल लिस्ट जारी की है जिसमें आठ हजार से ज्यादा नाम हैं. इसे दुनिया की सबसे लंबी किल लिस्ट कहा जा रहा है. इसमें अमेरिका के सबसे ज्यादा नागरिक हैं.
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आईएस के समर्थक हैकर्स के एक ग्रुप ने यह लिस्ट जारी की है. ब्रिटिश मीडिया ने इस बारे में खबर छापी है. इस खबर के मुताबिक आईएस समर्थक युनाइटेड साइबर खलिफत हैकर ग्रुप ने 8,318 लोगों की एक लिस्ट जारी की है. इसमें लोगों के नाम, पते और यहां तक कि ईमेल अड्रेस भी लिखे हैं. यह लिस्ट एक मेसेजिंग ऐप सर्विस पर जारी की गई है.
ब्रिटिश अखबार डेली मिरर ने लिखा है कि लिस्ट के साथ आए समर्थकों के नाम एक संदेश भी है. इस संदेश में कहा गया है कि लिस्ट में दिए गए लोगों को खोजें और कत्ल कर दें ताकि मुसलमानों का बदला लिया जा सके.
यह अब तक की शायद सबसे लंबी किल-लिस्ट है. इसमें सबसे ज्यादा 7 हजार 848 अमेरिकी हैं. इनके अलावा कनाडा के 312, ब्रिटेन के 39 और ऑस्ट्रेलिया के 69 नागरिकों के नाम हैं. साथ ही यूरोप के कुछ देशों के नागरिक भी हैं. बेल्जियम, एस्टोनिया, फ्रांस, जर्मनी, ग्रीस, आयरलैंड, इटली के लोग इस लिस्ट में हैं. साथ ही ब्राजील, चीन, ग्वाटेमाला, इंडोनेशिया, इस्राएल, जमैका, न्यूजीलैंड और त्रिनिदाद और टबैगो के लोगों के भी नाम हैं.
डेली मिरर ने लिखा है इस लिस्ट में जो नाम हैं वेलोग मुख्यतया सैन्य या सरकारी पदों पर हैं. कुछ लोग ऐसे भी हैं जो लोगों की नजरों में रहते हैं मसलन शाही परिवारों के लोग. लिस्ट अंग्रेजी और अरबी दोनों में लिखी गई है. इस लिस्ट को वोकेटिव नाम के मी़डिया संस्थान ने खोजा है. वोकेटिव इंटरनेट पर छुपी हुई चीजों की जांच-पड़ताल करता है. इस लिस्ट को मेसेजिंग सर्विस टेलिग्राम के जरिए भेजा गया. टेलिग्राम के संदेशों को हैक करना बहुत मुश्किल माना जाता है. इस हफ्ते की शुरुआत में यह लिस्ट जारी की गई है.
क्या आप जानते हैं कि IS है क्या? जानें इन तस्वीरों से
क्या है आईएस?
आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट लंबे समय से सुर्खियों में है. लेकिन आखिर आईएस है क्या? कितना शक्तिशाली है? आईएस से जुड़े कुछ अहम सवालों के जवाब.
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क्या है "इस्लामिक स्टेट"?
यह एक सुन्नी आतंकवादी संगठन है जो अल कायदा से अलग हो कर बना है. सीरिया और इराक में निष्फल सरकारों से निपटने के लिए यह संगठन सक्रिय हुआ. इसके झंडे पर लिखा है, "मुहम्मद अल्लाह के रसूल है, अल्लाह के अलावा कोई दूसरा खुदा नहीं है." खुद को इस्लाम का प्रचारक कहने वाला आईएस विरोधियों लोगों की जान लेने में लगा है.
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कहां सक्रिय है "इस्लामिक स्टेट"?
आईएस अपनी खिलाफत स्थापित करने का उद्देश्य रखता है, एक ऐसी जगह बनाना चाहता है जहां इस्लाम की उसकी बनाई परिभाषा चलेगी और शरिया कानून लागू होगा. सीरिया और इराक में अस्थिरता के कारण आईएस इन दोनों देशों के कुछ इलाकों पर कब्जा करने में कामयाब हो पाया है.
अन्य आतंकी संगठनों से यह कैसे अलग है?
आईएस की बर्बरता इसकी सबसे बड़ी पहचान बन गयी है. मासूम लोगों और अपने दुश्मनों को डराने की खातिर इस्लामिक स्टेट ने कई लोगों के सर कलम किए हैं. जिन इलाकों में आईएस का कब्जा है वहां इसी की हुकूमत चलती है.
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अन्य आतंकी संगठनों से संबंध?
हाल ही में नाइजीरिया में सक्रिय आतंकवादी संगठन बोको हराम ने आईएस के लिए अपना समर्थन जाहिर किया. वहीं अल कायदा खुद को इससे अलग मानता है. अल कायदा की शाखा जभात अल नुसरा आईएस के खिलाफ है. इन संगठनों के बीच प्रतिस्पर्धा है कि कौन किससे ज्यादा खूंखार है. बोको हराम के नाम 13,000 जानें हैं, तो आईएस 24,000 लोगों को मारने या घायल करने के लिए जिम्मेदार है.
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कौन हैं आईएस के समर्थक?
अलग अलग देशों से 20,000 से ज्यादा लोग आईएस के साथ जुड़ चुके हैं. आईसीएसआर की रिपोर्ट के अनुसार इनमें से 4,000 से ज्यादा पश्चिमी यूरोप और उत्तरी अमेरिका से हैं. स्वीडन और बेल्जियम जैसे छोटे देशों से भी लोग इस्लामिक स्टेट का साथ देने पहुंच रहे हैं.
कैसे निपट रहा है पश्चिम?
अगस्त 2014 से अमेरिका सीरिया और इराक में इस्लामिक स्टेट के ठिकानों पर हवाई हमले कर रहा है. सीरिया में अब तक 1,422 और इराक में 2,242 हमले किए जा चुके हैं. वहीं जर्मनी सीरिया से लौटे 30 कथित आतंकवादियों पर मुकदमा चलाने जा रहा है.
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वोकेटिव ने लिस्ट में दिए गए नाम बताने से इनकर किया है.
अमेरिका की एक जासूसी कंपनी फ्लैशपॉइंट की एक रिपोर्ट है कि युनाइटेड साइबर खलिफत नाम के इस हैकिंग ग्रुप को पिछले साल अप्रैल में बनाया गया था. इस ग्रुप में कई कट्टरपंथी इस्लामिक है हैकर्स काम करते हैं.