चीन में एक व्यक्ति धीमे इंटरनेट से इतना परेशान हो गया कि उसने इंटरनेट केबल ही जला दिया. इसकी उसे अब कड़ी सजा मिली है.
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चीनी अधिकारियों ने कहा है कि एक व्यक्ति को धीमे इंटरनेट कनेक्शन से नाराज होकर इंटरनेट उपकरण में आग लगाने के दोष में सात साल जेल की सजा सुनाई गई है. लान उपनाम वाला व्यक्ति पिछले साल जून में दक्षिणी गुआंग्शी प्रांत के एक इंटरनेट कैफे में था, जब वह इंटरनेट की खराब स्पीड से परेशान हो गया तो उसने वहां मौजूद उपकरण जला दिए.
एक स्थानीय अदालत ने अपने बयान में कहा कि वह खराब इंटरनेट से इस कदर परेशान हो गया कि उसने ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क केबल वाले एक सार्वजनिक बॉक्स को नष्ट कर दिया. कोर्ट ने कहा कि व्यक्ति ने पेपर नैपकिन को जलाने के लिए लाइटर का इस्तेमाल किया और फिर दूरसंचार बॉक्स में आग लगा दी.
देखिए: ये हैं 2022 के सबसे बड़े खतरे
वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम ने 2022 में दुनिया की सबसे बड़ी चुनौतियों पर अपनी सालाना रिपोर्ट ‘ग्लोबल रिस्क्स रिपोर्ट 2022’ जारी की है. इसमें बताए गए सबसे बड़े खतरे कौन से हैं, जानिए...
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भारत के निराश युवा
वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम के मुताबिक भारत के लिए सबसे बड़े खतरों में मतिभ्रम से जूझ रहे युवा भी हैं. इसके अलावा राज्यों के खराब होते आपसी रिश्ते, तकनीक आधारित प्रशासन की विफलता, बढ़ता कर्ज और डिजिटल असमानता भारत के सामने सबसे बड़े खतरे हैं.
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सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय खतरे
इस रिपोर्ट में दुनिया के लिए जो सबसे बड़े खतरे बताए गए हैं, वे हैं पर्यावरण का संकट, बढ़ती सामाजिक असमानता, साइबर असुरक्षा और कोविड से दुनिया के अलग-अलग हिस्सों का असमान उबार.
रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया के सामने जो दस सबसे बड़े खतरे हैं उनमें से छह तो जलवायु परिवर्तन से ही जुड़े हैं. उत्सर्जन को कम करने वाली तकनीक का इस्तेमाल ना कर पाने का दुनिया को बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है.
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बढ़ती असमानता
रिपोर्ट कहती है कि दुनिया की समरसता खतरे में हैं क्योंकि गैरबराबरी बढ़ रही है. आय में असमानता और वैक्सीन तक पहुंच में इतनी अधिक गैरबराबरी है कि एक हिस्सा दूसरे से बहुत ज्यादा पीछे है.
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विस्थापन
लोगों के लिए ना चाहते हुए भी प्रवासन के लिए मजबूर होना एक बड़ा खतरा माना गया है. यह भी पर्यावरण परिवर्तन से जुड़ा है जो लोगों को अपनी बसी-बसाई जिंदगी छोड़ दूसरी जगह जाने पर मजबूर कर रहा है.
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बढ़ता कर्ज
कोरोनावायरस महामारी ने पूरी दुनिया में ही उद्योग-धंधों को प्रभावित किया है. इस कारण महंगाई और कर्ज बढ़ा है जो एक बड़े खतरे के रूप में सामने आया है क्योंकि इससे लौटना मुश्किल होता जा रहा है.
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आग की वजह से एक सार्वजनिक अस्पताल समेत लगभग 4,000 घरों और कार्यालयों में 28 से 50 घंटों के लिए इंटरनेट ठप हो गया. कोर्ट ने कहा कि इस घटना के बाद पुलिस ने व्यक्ति को अपराध में इस्तेमाल लाइटर के साथ पकड़ लिया. लान को "सार्वजनिक दूरसंचार सुविधाओं को नुकसान करने" के लिए सात साल की जेल की सजा सुनाई गई.
चीनी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म वाइबो पर घटना की खूब चर्चा हो रही है. वाइबो पर एक यूजर ने इस व्यक्ति का मजाक उड़ाते हुए उसे "बड़ा बच्चा" कहा.
एए/सीके (एएफपी)
वीडियो गेमिंग का नया बाजार एशिया में है. 2021 में वीडियो गेमिंग से 154.6 अरब डॉलर का रेवेन्यू आने का अनुमान है. स्टैटिस्टा के मुताबिक ये होंगे 10 सबसे बड़े बाजार...
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वीडियो गेमिंग के सबसे बड़े बाजार
वीडियो गेमिंग के मामले में भारत का नंबर सातवां हैं. और ये हैं टॉप 10 देश.
इस साल चीन वीडियो गेमिंग का सबसे बड़ा बाजार रहने वाला है. वहां से 49.3 अरब डॉलर यानी लगभग 3,653 अरब रुपये की आमदनी होगी. 2025 तक यह बढ़कर 71.2 अरब डॉलर यानी लगभग 5,283 अरब रुपये हो सकता है.
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अमेरिका
अमेरिका में 2021 में वीडियो गेमिंग से 30.4 अरब डॉलर का रेवेन्यू पैदा होगा जो 2025 तक बढ़कर 42.5 अरब डॉलर हो जाएगा.
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जापान
जापान में 18.2 अरब डॉलर की आय 2021 में होगी जो पांच साल में 24 अरब डॉलर तक पहुंच सकती है.
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दक्षिण कोरिया
2021 में वीडियो गेमिंग से 6.2 अरब डॉलर कमाई का अनुमान है जो 2025 तक बढ़कर 8.7 अरब डॉलर हो जाएगी.
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युनाइटेड किंग्डम
यूरोप में वीडियो गेमिंग का सबसे बड़ा बाजार ब्रिटेन है, जहां इस साल 6.1 अरब डॉलर की आमदनी का अनुमान है. 2025 तक यह आमदनी बढ़कर 8.6 अरब डॉलर तक पहुंच सकती है.
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भारत
वीडियो गेमिंग की भारत में पहुंच लगातार बढ़ रही है. इस साल इससे 5.2 अरब डॉलर की आमदनी का अनुमान है जो 2025 में ब्रिटेन के बराबर यानी 8.6 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगी.
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फ्रांस
2.7 अरब डॉलर के रेवेन्यु के अनुमान के साथ फ्रांस इस साल दस सबसे बड़े बाजारों में बना रहेगा. 2025 तक यह आंकड़ा बढ़कर 3.8 तक पहुंच सकता है.