अनुत्तरित हैं ब्रेक्जिट के सवाल
३ अक्टूबर २०१८
Key Brexit issues still unresolved
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कितने करीब अमेरिका और ब्रिटेन?
कितने करीब अमेरिका और ब्रिटेन?
ब्रिटेन और अमेरिका के खास संबंध 20वीं शताब्दी के अहम गठजोड़ों में से एक रहे हैं. लेकिन ब्रेक्जिट और अमेरिका में डॉनल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद दोनों देशों में कायम रिश्तों के भविष्य पर सवाल उठने लगे हैं.
अर्थव्यवस्था
अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है. 20.4 ट्रिलियन डॉलर वाली अमेरिकी व्यवस्था का दुनिया के कुल सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 23 फीसदी की हिस्सा है. वहीं ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था का स्थान दुनिया में पांचवां है. 2.9 ट्रिलियन डॉलर वाली इस अर्थव्यवस्था का वैश्विक जीडीपी में महज 3.3 फीसदी हिस्सा है.
कारोबार
अमेरिका के लिए ब्रिटेन उसका सातवां सबसे बड़ा कारोबारी साझेदार है. अमेरिका के टॉप 6 कारोबारी साझेदारों में चीन, कनाडा, मेक्सिको, जापान, जर्मनी और दक्षिण कोरिया शामिल हैं. वहीं ब्रिटेन के लिए अमेरिका उसका सबसे बड़ा साझेदार है. इसके बाद जर्मनी, नीदरलैंड्स, फ्रांस और चीन का नंबर आता है.
अमेरिका, सैन्य खर्च
अमेरिका सेना पर पानी की तरह पैसा बहाता है. दुनिया के सात सबसे अधिक सैन्य खर्च करने वाले देशों के कुल खर्च के बराबर अमेरिका अकेला खर्च करता है. साल 2018 के लिए इसका रक्षा बजट 639.1 अरब डॉलर का था. रूस के बाद अमेरिका के पास ही सबसे ज्यादा हथियार हैं.
ब्रिटेन, सैन्य खर्च
यूरोपीय संघ में ब्रिटेन रक्षा बजट पर सबसे अधिक खर्च करने वाला देश है. देश करीब 53 अरब यूरो सालाना रक्षा बजट पर खर्च करता है. फ्रांस और रूस ही यूरोप में परमाणु शक्ति संपन्न देश हैं. ब्रिटेन ने अमेरिका के नेतृत्व वाले नाटो सैन्य गठबंधन को रक्षा क्षेत्र में नींव माना है.
ज्वाइंट ऑपरेशन
दोनों मुल्कों की सेनाओं ने यूरोप, कोरिया, कुवैत, ईराक, पूर्व यूगोस्लाविया, अफगानिस्तान, लीबिया और सीरिया में मिलकर काम किया है. अमेरिका के कई मिलिट्री बेस ब्रिटेन में बने हुए है. हाल में अमेरिकी राष्ट्रपति ने पश्चिमी देशों से नाटो में अधिक वित्तीय मदद देने की बात कही थी.
खुफिया क्षेत्र
अमेरिका और ब्रिटेन के बीच खुफिया साझेदारी बहुत ही खास है. इंटेलिजेंस के मामलों में दोनों देश एक-दूसरे के बेहद करीब हैं. द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान दोनों देशों ने खुफिया जानकारियां साझा करने का एक सौदा किया था. जिसमें कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड को भी शामिल किया गया. यह सौदा बाद में "फाइव आइज" के नाम से जाना गया.
खुफिया खर्च
अमेरिका खुफिया बजट करीब 55 अरब डॉलर का है. इसमें मिलिट्री खुफिया तंत्र शामिल नहीं है. वहीं ब्रिटेन का इंटेलिजेंस बजट करीब तीन अरब डॉलर का है.
वित्त
लंदन और न्यूयॉर्क दुनिया के दो बड़े वित्तीय केंद्र हैं. जहां लंदन अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग के लिए दुनिया का सबसे बड़ा विदेशी मुद्रा बाजार है, तो वहीं न्यूयॉर्क बॉन्ड और स्टॉक मार्केट के लिए मशहूर है.