भारत में रोबोटिक सर्जरी
आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं कई लोगों की पहुंच के बाहर हैं तो कई ऐसे हैं जो खर्च नहीं उठा सकते. यह शायद विडंबना ही है कि दूसरी छोर पर रोबोटिक सर्जरी भारत में लोकप्रिय हो रही है.
आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं कई लोगों की पहुंच के बाहर हैं तो कई ऐसे हैं जो खर्च नहीं उठा सकते. यह शायद विडंबना ही है कि दूसरी छोर पर रोबोटिक सर्जरी भारत में लोकप्रिय हो रही है.
तस्वीर: Fotolia/Jim19 वर्षीय शिवानी कुमारी को व्हील चेयर पर बिठाकर ऑपरेशन थिएटर ले जाया जा रहा है, जहां उसकी थाइमस ग्रंथि को हटाया जाएगा.
तस्वीर: Murali Krishnanरोबोटिक सर्जरी संस्थान के निदेशक डॉक्टर अरविंद कुमार एक खास कंसोल पर बैठते हैं. कंसोल के जरिए उन्हें शिवानी की थाइम ग्रंथि की 3डी छवि मिलेगी, जो उच्च रिजॉल्यूशन वाली होगी.
तस्वीर: Murali Krishnanशिवानी को एनेसथिसिया देने के बाद डॉक्टर अरविंद ऑपरेशन शुरू करते हैं. वे कंसोल पर लगे लीवर, पैडल और बटन के जरिए रोबोट को नियंत्रित करते हैं.
तस्वीर: Murali Krishnanशरीर के ऊपरी हिस्से के मध्य क्षेत्र में उसकी स्थिति और हृदय के पास थाइमस की मौजूदगी सर्जरी के लिए खास चुनौती होती है. लेकिन शिवानी को एक या दो ही चीरों से गुजरना होगा.
तस्वीर: Murali Krishnanसर्जिकल रोबोटिक प्रणाली यूरोलॉजी, स्त्री रोग, हृदय रोग, मोटापे के क्षेत्र और साथ ही साथ नींद से जुड़ी कुछ बीमारियों को दूर करने के लिए होती है.
तस्वीर: Murali Krishnan